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IPL 2021| पंजाब किंग्स के सह मालिक नेस वाडिया ने कहा 3-4 करोड़ तक बिक सकती है नई आईपीएल टीम

2022-10-04 04:07:54 ताई पो जिला

पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमचीन के बॉक्स ऑफिस पर आमिर खान का कब्जा, 2 फिल्मों से कमा लिए 2000 करोड़****** बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान अपनी फिल्मों को लेकर भारत में तो काफी लोकप्रिय हैं ही लेकिन अब चीन में भी उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। आलम यह है कि चीन में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली विदेशी फिल्मों में आमिर खान की फिल्म दंगल पहले स्थान पर है और उनकी नई फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार दूसरे स्थान के करीब पहुंच गई है। आमिर खान की फिल्म दंगल ने चीन में सबसे ज्यादा देखी गई विदेशी फिल्म है। चीन में फिल्मों की कमाई के आंकड़े जारी करने वाली संस्था Mayon के आंकड़ों के मुताबिक ‘दंगल’ फिल्म ने वहां पर 19.3 करोड़ डॉलर यानि करीब 1235 करोड़ रुपए की कमाई की है। दंगल के बाद अब आमिर की दूसरी फिल्म ‘सीक्रेट सुपर स्टार’ ने भी वहां पर कमाई के झंडे गाड़ दिए हैं। Mayon के आंकड़ों के मुताबिक 'सीक्रेट सुपरस्टार' ने अबतक चीन में 11.7 करोड़ डॉलर यानि करीब 748 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। दोनो फिल्मों के अबतक के कारोबार को देखें तो लगभग 1983 करोड़ रुपए का कारोबार हो चुका है।चीन के बॉक्स ऑफिस पर आमिर की फिल्म सीक्रेट सुपर स्टार ने हॉलीवुड की फिल्म स्टार वार को भी पछाड़ दिया है। भारत में सीक्रेटसुपर स्टार ज्यादा कमाई नहीं कर सकी थी लेकिन चीन के बॉक्स ऑफिस पर यह दंगल के बाद दूसरी सबसे देखी जाने वाली फिल्म बन चुकी है।

पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमNag Panchami 2022: नाग पंचमी के दिन बनने जा रहा है बेहद शुभ संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और महत्व******Highlightsहर साल श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मानाने का विधान है। हमारे देवताओं के बीच नागों का हमेशा से अहम स्थान रहा है। भगवान विष्णु जी शेष नाग की शैय्या पर सोते हैं और भगवान शंकर अपने गले में नागों को यज्ञोपवीत के रूप में रखते हैं। भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने अपने को सर्पों में वासुकि और नागों में अनन्त कहा है। बता दें कि दक्षिण भारत में नाग पंचमी के दिन लकड़ी की चौकी पर लाल चन्दन से सर्प बनाये जाते हैं या मिट्टी के पीले या काले रंगों के सांपों की प्रतिमाएं बनायी या खरीदी जाती हैं और उनकी दूध से पूजा की जाती है। आइए जानते हैं नाग पंचमी डेट,शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और महत्वइस साल नाग पंचमी 2 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा।नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोषों से मुक्ति मिलती है। नाग देवता को घर का रक्षक भी माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि भी आती है।लिहाजा अगर आपको भी इस तरह का कोई भय है या आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है तो उससे छुटकारा पाने के लिये आज आपको इन आठ नागों की पूजा करनी चाहिए- वासुकि, तक्षक , कालिय, मणिभद्र, ऐरावत, धृतराष्ट्र, कर्कोटक और धनंजय।नाग पंचमी को लेकर कई कथाएं प्रचलित है। आज हम आपको इनमें से 2 कथाओं के बारे में बता रहे हैं।किसी राज्य में एक किसान अपने दो पुत्र और एक पुत्री के साथ रहता था। एक दिन खेतों में हल चलाते समय किसान के हल के नीचे आने से नाग के तीन बच्चे मर गयें। नाग के मर जाने पर नागिन ने शुरु में विलाप कर दु:ख प्रकट किया फिर उसने अपनी संतान के हत्यारे से बदला लेने का विचार बनाया। रात्रि के अंधकार में नागिन ने किसान व उसकी पत्नी सहित दोनों लडकों को डस लिया। अगले दिन प्रात: किसान की पुत्री को डसने के लिये नागिन फिर चली तो किसान की कन्या ने उसके सामने दूध का भरा कटोरा रख दिया। और नागिन से वह हाथ जोडकर क्षमा मांगले लगी। नागिन ने प्रसन्न होकर उसके माता-पिता व दोनों भाईयों को पुन: जीवित कर दिया। उस दिन श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी। उस दिन से नागों के कोप से बचने के लिये इस दिन नागों की पूजा की जाती है। और नाग -पंचमी का पर्व मनाया जाता है।एक राजा के सात पुत्र थे, सभी का विवाह हो चुका था। उनमें से छ: पुत्रों के यहां संतान भी जन्म ले चुकी थी, परन्तु सबसे छोटे की संतान प्राप्ति की इच्छा अभी पूरी नहीं हुई थी। संतानहीन होने के कारण उन दोनों को घर -समाज में तानों का सामना करना पडता था। समाज की बातों से उसकी पत्नी परेशान हो जाती थी। परन्तु पति यही कहकर समझाता था, कि संतान होना या न होना तो भाग्य के अधीन है। इसी प्रकार उनकी जिन्दगी के दिन किसी तरह से संतान की प्रतिक्षा करते हुए गुजर रहे थें। एक दिन श्रवण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी। इस तिथि से पूर्व कि रात्रिं में उसे रात में स्वप्न में पांच नाग दिखाई दिये। उनमें से एक ने कहा की अरी पुत्री, कल नागपंचमी है, इस दिन तू अगर पूजन करें, तो तुझे संतान की प्राप्ति हो सकती है। प्रात: उसने यह स्वप्न अपने पति को सुनाया, पति ने कहा कि जैसे स्वप्न में देखा है, उसी के अनुसार नागों का पूजन कर देना। उसने उस दिन व्रत कर नागों का पूजन किया, और समय आने पर उसे संतान सुख की प्राप्ति हुई।पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमJohnny Lever Birthday: गरीबी में कटा था जॉनी का बचपन, सड़को पर बेचा था पेन, जानें उनका किन्नरों से कॉम्पटिशन का एक किस्सा******Highlightsजॉनी लीवर बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन हैं। जॉनी 80 के दशक से फैंस के दिलों में राज कर रहे हैं। जॉनी लीवर ने अपनी मेहनत और लगन से बॉलीवुड में ये मुकाम हासिल किया हैं। जॉनी लीवर का असली नाम जॉन प्रकाश राव जनुमाला है। जब जॉनी लीवर ने परिवार की मदद के लिए पढ़ाई छोड़कर पेन बेचना शुरू किए तो उनके पिता ने उन्हें हिंदुस्तान लीवर में ही काम दिलवा दिया। काम के दौरान वह कंपनी के दोस्तों के बीच एक्टिंग कॉमेडी करके उनको खूब हंसाते थे। यहीं से उनका नाम जॉन प्रकाश राव जनुमाला से जॉनी लीवर पड़ गया।बता दें जॉनी लीवर कोई अमीर परिवार से तालुक नहीं रखते थे। वह फिल्मों में आने से पहले पेनबेचने का काम कर चुके हैं। कभी एक दिन में 5 रुपये कमाने वाले जॉनी परिवार की आर्थिक तंगी के कारण सिर्फ सातवीं कक्षा तक पढ़े हैं, लेकिन लगातार मेहनत के बाद आज वो दिन है की जॉनी को किसी भी चीज की कमी नहीं है। जॉनी के परिवार को काफी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई को छोड़ दिया और पेन बेचने का काम शुरू किया। जॉनी लीवर बचपन से ही बेहद मजाकिया थे और पेन बेचने के लिए उन्होंने बेहद ही अनोखा तरीका ढूंढा। वे अक्सर बॉलीवुड सितारों की तरह डांस करके पेन बेचा करते थे। इससे उनकी बिक्री अच्छी हो जाती थी।उनके बचपन का किन्नरों से कॉम्पटिशन का किस्सा भी काफी दिलचस्प है।एक दिन जॉनी एक फंक्शन में गए थे, वहां कुछ किन्नर भी आए थे।किन्नर अपने राग में पैसे मांगने लगे तब जॉनी ने उनसे तगड़ा कॉम्पटिशन किया, और काफी पैसे इकट्ठे कर लिए, उस वक्त किन्नरों को जॉनी इतने पसंद आए कि उन्होंने उनसे अपना ग्रुप ज्वाइन करने के लिए कह दिया पर जॉनी ने वो सारे पैसे किन्नरों को दिए और कहा, मैं तो चला।जॉनी लीवर नेअपनी शुरुआत एक स्टैंडअप कॉमेडियन के तौर पर की थी वह स्टेज शोज किया करते थे। ऐसे ही एक स्टेज शो में सुनील दत्त की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने जॉनी लीवर को फिल्म ‘दर्द का रिश्ता’ में पहला ब्रेक दिया।उनकी मुख्य फिल्मों में 'राजा हिंदुस्तानी', 'जुदाई', 'चालबाज','बाजीगर', 'यस बॉस', 'इश्क', 'आंटी नंबर 1', 'दूल्हे राजा', 'कुछ कुछ होता है', जैसी फिल्में हैं। इसके अलावा उन्होंने गोल माल और एंटरटेनमेंट जैसी फिल्मों में भी काम किया है।एक रिपोर्ट के मुताबिक जॉनी करोड़ो के मालिक हैं। जॉनी के पास 30 मिलियन डॉलर यानी लगभग 277 करोड़ की संपत्ति है।

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पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमभारत का अनुमान, 60 डॉलर प्रति बैरल को छूने के बाद नीचे आएगा कच्चा तेल****** क्रूड ऑयल के दाम एक साल में दोगुना से अधिक हो गए हैं, जो उभरते बाजारों के लिए खतरा है। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता देश भारत का मानना है कि कच्चे तेल के दाम 60 डॉलर प्रति बैरल को छूने के बाद नीचे आएंगे।ओपेक तथा गैर ओपेक सदस्‍यों के बीच 2008 के बाद पहली बार उत्पादन में कटौती के समझौते के बाद पिछले दो सप्ताह में कच्चे तेल के दाम 15 प्रतिशत चढ़ गए हैं।ब्रेंट क्रूड ऑयल जनवरी में 27.88 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर चला गया था। अब यह 55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमलोकसभा चुनाव में 120-130 सीटें हासिल करने वाली पार्टी विपक्षी मोर्चे का नेतृत्व करेगी: सलमान खुर्शीद******कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने पार्टी द्वारा नेतृत्व के संकट का सामना करने की बात को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी अब भी उस स्थिति में है कि अगले लोकसभा चुनाव में 120-130 सीटें हासिल कर सके और भाजपा विरोधी गठबंधन का नेतृत्व कर सके। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्रीय दलों को आगाह करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा ने 2019 का चुनाव उस समय जीता जब विपक्ष बिखरा हुआ था तथा अब भाजपा उनसे संबंधित राज्यों में उनके ‘पीछे पड़ गई है।’ ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर कोई नेता नहीं है तो फिर उन्हें (एक नेता के तौर पर) पेश क्यों करना है। अगर कोई नेता है तो वह खुद ब खुद पेश हो जाएगा। सभी विपक्षी दलों में कांग्रेस अब भी ऐसी बेहतरीन स्थिति में है कि वह 120-130 सीटें जीत ले।’’ उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस भाजपा के खिलफ 240-250 सीटों पर सीधे मुकाबले में है और उनके दावे का आधार यही है। गांधी परिवार के भरोसेमंद माने जाने वाले खुर्शीद ने कहा, ‘‘100-120 सीट जीतने वाली पार्टी नेतृत्व करेगी। दो सीटों वाली पार्टी अगुवाई नहीं करेगी। विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने से जुड़ा जवाब 120 सीटें हैं।’’कांग्रेस नेता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विपक्ष के चेहरा के तौर पर पेश किये जाने की कुछ लोगों की पैरोकारी के सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर मेरी कोई राय नहीं है। दिल्ली में जब सभी लोग मिलें तो उन्हें बात करनी चाहिए। मुझे कोलकाता में बैठकर इस पर टिप्पणी क्यों करनी चाहिए? क्या कोई 120 सीटें ला सकता है? ऐसा लगता है कि कांग्रेस 120 सीटें ला सकती है। अगर कोई दूसरा 120 सीटें ला सकता है तो उसका स्वागत है। उन्हें कौन रोक रहा है?’’ खुर्शीद के अनुसार, पिछले दिनों जब विपक्षी नेताओं की बैठक हुई थी तो किसी ने भी इस बारे में बात नहीं की कि कौन नेतृत्व करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फैसला क्षेत्रीय दलों को करना है कि क्या वे अगले एक दशक तक भाजपा को सत्ता में देखना चाहते हैं।खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह क्षेत्रीय दलों के भविष्य की बात है क्योंकि भाजपा अब उनके पीछे पड़ी है। उन्हें अपने बारे में फैसला करना है। हमें 2019 की हार से अपना सबक सीखना है।’’ उन्होंने 1990 के दशक वाले संयुक्त मोर्चा के प्रयोग को दोहराने की स्थिति में उसकी सफलता पर संदेह व्यक्त किया। उस समय छोटे दल साथ मिलकर सत्ता में थे और कांग्रेस उन्हें बाहर से समर्थन दे रही थी।कांग्रेस में नेतृत्व संकट से संबंधित सवाल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘न तो नेतृत्व का संकट है और न ही पार्टी इसको लेकर बेखबर है कि क्या करना है और क्या नहीं। हम लोकतांत्रिक पार्टी हैं। मतभिन्नता हो सकती है। जिन्होंने (जी 23) पत्र लिखा था उन्होंने कभी नहीं कहा कि उन्हें नेतृत्व में विश्वास नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि जितिन प्रसाद और सुष्मिता देव जैसे युवा नेताओं ने पार्टी छोड़ी क्योंकि वे कांग्रेस के सत्ता में आने का इंतजार करने के लिए तैयार नहीं थे। खुर्शीद ने कहा कि प्रशांत किशोर को कांग्रेस में शामिल करने के बारे में कोई भी फैसला कांग्रेस कार्य समिति करेगी।पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमTata की "ब्लैकबर्ड" बढ़ाएगी Kia और Hyundai की टेंशन, नेक्सन और पंच के बाद इस साल लॉन्च होगी नई SUV!******Tata की "ब्लैकबर्ड" बढ़ाएगी Kia और Hyundai की टेंशन, इस साल लॉन्च होगी नेक्सन और पंच के बाद नई SUV!Highlightsटाटा मोटर्स हाल के दिनों में भारतीय कार बाजार पर पूरी तरह से हावी रही है। इस देसी कार निर्माता कंपनी की ​बीते दिनों लॉन्च हुई कई कारें नेक्सन, पंच और अल्ट्रोस बाजार में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। अब टाटा मोटर्स अपनी नई एसयूवी के साथ बाजार में धूम मचाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने फिलहाल इसके नाम की घोषणा नहीं की है, हालांकि इसका कोडनेम "" जरूर सामने आया है। माना जा रहा है कि यह एसयूवी साल के अंत तक बाजार में दस्तक दे सकती है।माना जा रहा है कि ब्लैकबर्ड को कंपनी नेक्सन और हैरियर के बीच प्लेस कर सकती है। इस प्रकार बाजार में इसका सीधा मुकाबला हुंडई की क्रेटा से होगा। बता दें कि 2021 में टाटा मोटर्स हुंडई को पछाड़ कर देश की दूसरी सबसे बड़ी वाहन निर्माता बन गई है। अब ब्लैकबर्ड के साथ कंपनी हुंडई जैसी कोरियाई कार निर्माता के लिए और परेशानी पैदा कर रही है।टाटा मोटर्स की एसयूवी रेंज में हैरियर 14 से 21 लाख के बीच है, वहीं नेक्सन की कीमत 7 से 13 लाख के बीच है। ऐसे में टाटा के बेड़े में फिलहाल 10 से 15 लाख रुपये की रेंज के मॉडल की कमी काफी लंबे अरसे से खल रही थी। इस सेगमेंट में हुंडई की क्रेटा और Kia की सेल्टोस जैसी कारें बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। टाटा मोटर्स इसी सेगमेंट में "ब्लैकबर्ड" को पेश करने की तैयारी कर रही है।ब्लैकबर्ड को नेक्सन की तरह ही एक्स1 प्लेटफॉर्म पर बनाए जाने की उम्मीद है। इस कार का आकार लगभग 4.3 मीटर के आसपास होने की संभावना है। क्रेटा लगभग इसी रेंज में है। 1.5-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इसे पावर देगा। यह इंजन Nexon के 1.2-लीटर इंजन का 4-सिलेंडर वर्जन है। यह इंजन मुख्य रूप से एक पेट्रोल इंजन होगा, लेकिन इसके डीजल संस्करण होने की भी उम्मीद है।कारों और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, इसे एक इलेक्ट्रिक संस्करण भी मिल सकता है। इसके 2023 तक लॉन्च होने की उम्मीद है। इस एसयूवी के सभी पहलुओं और हवादार सीटों, सनरूफ, एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस चार्जिंग जैसी संभावित सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, यह एसयूवी सेगमेंट की गतिशीलता को बदल सकती है।

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पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमKerala News: केरल में LDF सरकार ने अमित शाह को बोट रेस देखने को किया इनवाइट, कांग्रेस ने की फैसले की आलोचना****** केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केरल में बोट रेस प्रतियोगिता में शरीक होने के लिए राज्य की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार द्वारा न्योता दिये जाने की विपक्षी दल कांग्रेस ने शनिवार को आलोचना की। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता (ट्रॉफी) का नाम देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री को दिए गए न्योते से मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की साम्प्रदायिक ताकतों के प्रति वफादारी और भारतीय जनता पार्टी के प्रति उनके प्रेम का खुलासा होता है। वहीं, राज्य सरकार ने अपने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि शाह को दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चार सितंबर को अलप्पुझा के पुन्नामाडा झील में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को देखने के लिए न्योता दिया गया है।राज्य सरकार ने कहा कि वे लोग एक दिन पहले 30वें दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए राज्य में होंगे। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के.सुधाकरन ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के महासचिव सीताराम येचुरी से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या पार्टी के पोलित ब्यूरो के कहने पर संघ परिवार के नेताओं को माकपा की केरल इकाई द्वारा इतना महत्व दिया गया है। सुधाकरन ने एक बयान में कहा, ‘‘जवाहरलाल नेहरू का सर्वाधिक अपमान और नजरअंदाज करने वालों को उनके (नेहरू के) नाम पर रखी गई नौका दौड़ प्रतियोगिता को देखने के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर न्योता देने का मुख्यमंत्री का फैसला आपत्तिजनक है।’’वहीं, आपत्तियों को खारिज करते हुए एक सरकारी सूत्र ने कहा कि शाह को न्योता देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की तीन सितंबर को यहां प्रस्तावित बैठक में शामिल होने के लिए राज्य में होंगे। सूत्र ने कहा कि राज्य सरकार ने न सिर्फ शाह को, बल्कि तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों सहित दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी न्योता दिया है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को अमित शाह को न्योता देने का कारण स्पष्ट करना चाहिए। देश की आजादी के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू के 1952 में कुट्टानाड के दौरे के उपलक्ष्य में नौका दौड़ प्रतियोगिता को उनका नाम दिया गया।पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमT20 World Cup 2022 : टीम इंडिया में इस खिलाड़ी के सेलेक्ट न होने पर श्रीकांत ने उठाए सवाल******Highlightsएशिया कप 2022 के बाद अब सभी की नजरें टी20 विश्व कप 2022 पर है। इसी साल ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में होना है। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इस बीच टीम इंडिया का भी ऐलान कर दिया गया है। इस बार के विश्व कप में टीम इंडिया की कप्तानी रोहित शर्मा करते हुए नजर आएंगे। एशिया कप के अलावा ये पहला मौका होगा, जब रोहित शर्मा किसी मल्टीनेशन टूर्नामेंट में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। टीम इंडिया करीब करीब वही नजर आ रही है, जो एशिया कप 2022 में नजर आ रही थी। कुछ एक बदलाव किए गए हैं। हालांकि हर बार की तरह इस बार भी टीम इंडिया में जो खिलाड़ी चुने गए हैं और जो नहीं चुने गए हैं, उनको लेकर सवाल उठ रहे हैं।इस बीच टीम इंडिया के पूर्व सेलेक्टर रहे क्रिस श्रीकांत ने मोहम्मद शमी को लेकर फिर से सवाल उठा दिए हैं। स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए श्रीकांत ने कहा कि मुख्य टीम में मोहम्मद शमी को होना चाहिए था। आप ऑस्ट्रेलिया में विश्व कप खेलने जा रहे हैं, वहां का बाउंस देखिए। मोहम्मद शमी का हाईआर्म एक्शन है और वे काफी बड़े खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। अगर आपने पहले तीन चार ओवर में कुछ विकेट निकाल दिए तो आपके लिए काफी आसानी होगी। उन्होंने कहा कि आपके पास जसप्रीत बुमराह है, अर्शदीप सिंह हैं और भुवनेश्वर कुमार हैं, ये ठीक है, लेकिन मोहम्मद शमी होने ही चाहिए। इस बीच इरफान पठान ने कहा कि आपको ये ध्यान रखना है कि आप ऑस्ट्रेलिया में कहां कहां मैच खेल रहे हो। ऑस्ट्रेलिया में भी कुछ मैदानों पर स्पिनर्स को मदद मिल सकती है। ऐसे में अगर रवि बिश्नोई भी टीम में होते तो और भी बेहतर रहता।क्रिस श्रीकांत ने ये भी कहा कि मेरे हिसाब से टीम में एक ही बदलाव होना चाहिए था कि मोहम्मद शमी मुख्य टीम में होते। बताया जाता है कि वे स्कीम ऑफ थिंक में नहीं हैं, मुझे नहीं पता वे क्यों नहीं हैं। शमी ने आईपीएल में बेतरीन गेंदबाजी की है और वे जल्दी विकेट दिलाने वाले गेंदबाज हैं। शमी की बात करते हुए शमी पर अपनी राय रखते हुए कहा कि मेरे हिसाब से आपके पास एक ही ऑप्शन है। आप या तो शमी को खेला सकते हैं या फिर भुवनेश्वर कुमार को टीम में ले सकते हैं। शमी का इस्तेमाल नई गेंद से ज्यादा होता है। दोनों में से एक का ही सेलेक्शन होता, सेलेक्टर्स ने भुवनेश्वर को ज्यादा तरजीह दी है।

IPL 2021| पंजाब किंग्स के सह मालिक नेस वाडिया ने कहा 3-4 करोड़ तक बिक सकती है नई आईपीएल टीम

पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमIPL 2022 : तीन गेंद पर दो बार आउट, ये है जॉस बटलर का सबसे बड़ा दुश्मन******Highlightsआईपीएल 2022 में आज लखनऊ सुपर जाएंट्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच है। दोनों टीमों ने अब तक इस साल अच्छा प्रदर्शन किया है। करीब करीब ये भी पक्का है कि लखनऊ सुपर जाएंट्स और राजस्थान रॉयल्स प्लेऑफ में भी एंट्री पा जाएंगी। इस बीच आज के मैच में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि आज के मैच में जिस खिलाड़ी से राजस्थान रॉयल्स को सबसे ज्यादा उम्मीद थी, वो कुछ खास नहीं कर सका। अब तक इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और ऑरेंज कैप होल्डर जॉस बटलर सस्ते में आउट हो गए। इससे राजस्थान रॉयल्स को बड़ा झटका लगा। मजे की बात ये है कि जॉस बटलर की लखनऊ सुपर जाएंट्स के तेज गेंदबाज आवेश खान के सामने एक नहीं चल रही है।आईपीएल 2022 में अब तक आवेश खान ने जॉस बटलर को दो बार आउट किया है। इसी साल जब इन दोनों टीमों के बीच पहला मैच हुआ था, तब आवेश खान ने पहली ही गेंद पर जॉस बटलर को आउट कर दिया था। उस मैच में जॉस बटलर ने 11 गेंद पर 13 रन की पारी खेली। इसमें एक चौका और छक्का मारा था। लेकिन आवेश खान के आते ही जॉस बटलर पवेलियन वापस लौट गए। आज के मैच में भी ऐसा ही हुआ। आज आवेश खान तीसरा ही ओवर लेकर आए। इस ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने जॉस बटलर को अपना शिकार बना ​लिया। आज जॉस बटलर ने छह गेंदों का सामना किया और दो ही रन बना सके। आवेश खान ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया। यानी इस साल आवेश खान ने जॉस बटलर को तीन गेंदें फेंकी, इसमें दो बार आउट किया, लेकिन रन एक भी नहीं दिया। मजे की बात ये भी है कि इससे पहले आईपीएल 2021 में जॉस बटलर ने आवेश खान की ​ठीकठाक पिटाई की थी। पिछले साल आवेश खान ने जॉस बटलर को 11 गेंदें फेंकी थी, इसमें उन्होंने 35 रन दिए थे और एक भी बार आउट नहीं कर पाए थे।आईपीएल 2022 में इस वक्त ऑरेंज कैप पर जॉस बटलर का ही कब्जा है। जॉस बटलर अब तक 13 मैचों में 627 रन बना चुके हैं। वे सबसे आगे हैं, दूसरे नंबर पर एलएसजी के कप्तान केएल राहुल हैं। जॉस बटलर ने 52.25 की औसत से रन बनाए हैं, वहीं उनका स्ट्राइक रेट 148.22 का है। अब तक बटलर के बल्ले से तीन शतक और तीन अर्धशतक आए हैं। आगे देखना होगा कि ऑरेंज कैप कैप की रेस में कौन आगे निकलता है।

पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमGST को और आसान बनाने जा रही है सरकार, टैक्‍स स्‍लैब चार से घटकर रह जाएंगे तीन****** मोदी सरकार माल एवं सेवा कर (GST) के लिए 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत स्‍लैब को खत्‍मकर एक नया स्‍लैब बनाने की योजना पर काम कर रही है। ऐसा जल्‍द ही हो सकता है। मुख्‍य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्‍यम ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि 28 प्रतिशत टैक्‍स केवल अहितकारी वस्‍तुओं के लिए आरक्षित होगा।उन्‍होंने इस बात से साफ इनकार किया कि भारत में कभी सिंगल जीएसटी रेट होगा। इसके पीछे तर्क देते हुए मुख्‍य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि गरीब और अमीर दोनों के लिए टैक्‍स की एक दर नहीं हो सकती। एक कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा कि भारत में आगे चलकर तीन टैक्‍स स्‍लैब होंगे एक गरीब लोगों के लिए (0 से 5 प्रतिशत), दूसरा कोर रेट (12-18 प्रतिशत संयुक्‍तरूप से) और अहितकारी रेट (28 प्रतिशत)।वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने भी 12 और 18 प्रतिशत टैक्‍स स्‍लैब का आपस में विलय कर एक नया टैक्‍स स्‍लैब बनाने के कई बार संकेत दिए हैं। उन्‍हीं संकेतों को अरविंद सुब्रमण्‍यम ने एक बार फि‍र दोहराया है। सुब्रमण्‍यम ने कहा कि यहां ऐसी पूरी संभावना है कि भारत में जल्‍द ही चार की जगह तीन टैक्‍स स्‍लैब वाला जीएसटी सिस्‍टम होगा।वित्‍त मंत्री अरुण जेटली की अध्‍यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने 178 उत्‍पादों पर टैक्‍स 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। जेटली ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि राजस्‍व में वृद्धि होने पर टैक्‍स रेट में और कटौती की जाएगी। जेटली ने भी सिंगल टैक्‍स सिस्‍टम को नकारते हुए कहा कि लग्‍जरी या अहितकारी उत्‍पादों को खाद्यन्‍न के साथ एक ही टैक्‍स स्‍लैब में रखना उचित नहीं होगा। जीएसटी परिषद ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि भविष्‍य में 28 प्रतिशत टैक्‍स स्‍लैब में केवल लग्‍जरी और अहितकारी उत्‍पादों को ही रखा जाएगा। भविष्‍य में केवल दो टैक्‍स स्‍लैब वाली व्‍यवस्‍था भी बन सकती है।वर्तमान में, जीएसटी व्‍यवस्‍था में चार टैक्‍स स्‍लैब हैं, 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत। इनके अलावा गोल्‍ड और ज्‍वेलरी पर रियायती 3 प्रतिशत जीएसटी रेट से टैक्‍स वसूला जाता है। रफ डायमंड पर टैक्‍स की दर 0.25 प्रतिशत है। दैनिक उपयोग की चीजों को जीएसटी से बाहर रखा गया है यानी इन पर कोई टैक्‍स नहीं है। सिगरेट और लग्‍जरी कार पर अतिरिक्‍त सेस लगाया गया है। ये सेस अलग-अलग वस्‍तुओं पर अलग-अलग है।पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमरिंगिंग बेल्स का दावा, 65,000 और स्मार्टफोन की डिलीवरी शुरू****** मोबाइल हैंडसेट कंपनी रिंगिंग बेल्स ने दावा किया कि उसने 65,000 और हैंडसेट की आपूर्ति शुरू कर दी है। कंपनी का हैंडसेट दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन है जिसकी कीमत मात्र 251 रुपए है। एक पखवाड़े पहले कंपनी ने दावा किया कि उसने फ्रीडम 251 की 5,000 इकाइयों की डिलीवरी शुरू कर दी है।कंपनी ने एक बयान में कहा, रिंगिंग बेल्स 65,000 इकाइयों की और आपूर्ति के साथ ग्राहकों से किये गये दो लाख स्मार्टफोन की डिलीवरी करने का वादा पूरा करने को तैयार है। बयान के अनुसार फोन की डिलीवरी पूरी तरह नकद आधार पर की जा रही है। यानी ग्राहक को स्मार्टफोन मिलने के बाद ही वह पैसा देंगे। स्मार्टफोन की डिलीवरी पश्चिम बंगाल, हरियाणा, हिमाचल, बिहार, उत्तराखंड, नई दिल्ली, पंजाब, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में की गयी है। बयान के अनुसार, 65,000 इकाइयों की डिलीवरी के साथ फ्रीडम 251 की संख्या 70,000 इकाई हो जाएगी।smartphone at 251चीन की प्रौद्योगिकी कंपनी लेनोवो ने वाइब के नोट्स श्रृंखला का पांचवां सस्करण पेश किया। इसकी कीमत 11,999 रुपए से शुरू है। लेनोवो इंडिया के कार्यकारी निदेशक (मोबाइल कारोबार समूह) सुधीन माथुर ने कहा, हमारा के श्रृंखला पिछले साल हिट रहा। 30 लाख से अधिक ग्राहक इसका उपयोग कर रहे हैं। इस नये संस्करण से ग्राहकों को और बेहतर मनोरंजक अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि लेनोवो की के श्रृंखला का भारत में स्मार्टफोन की उसकी कुल बिक्री में एक तिहाई का योगदान है। Delivery Started: रिंगिंग बेल्स ने शुरू की फ्रीडम 251 स्‍मार्टफोन की डिलीवरी, ग्राहकों को चुकाने होंगे 291 रुपए

पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमरिलीज से पहले विवादों में 'गंगूबाई काठियावाड़ी', भंसाली के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन******Highlightsसंजय लीला भंसाली और आलिया भट्ट की फ़िल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' के खिलाफ कमाठीपुरा के आज स्थानीय लोगों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि जिस तरह से कमाठीपुरा को फ़िल्म में दिखाया गया है वह गलत है।लोगों का आरोप है कि कमाठीपुरा में 42 गलियां हैं जिनमे करीब 30 हज़ार लोग रहते हैं। जबकि, सिर्फ तीन गलियों में ही सेक्स वर्कर रहते हैं। लोगों का कहना है कि कमाठीपुरा से उनका 250 साल पुराना रिश्ता है। यहां कई इंजीनियर, पायलट, डॉक्टर रहते हैं, लेकिन फिल्म की वजह से उनकी बदनामी हो रही है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कमाठीपुरा के नाम से बच्चों को नौकरियां नहीं मिलती। इंटरव्यू में भी उनके बच्चों को भी बुरा-भला सुनना पड़ता है। विरोध कर रहे लोगों की मांग थी कि 'गंगूबाई काठियावाड़ी' फ़िल्म पर रोक लगाई जाए।पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमप्राकृतिक आपदाओं ने भारत को हुई भारी आर्थिक क्षति, 20 साल में गंवाए 79.5 अरब डॉलर******natural disastersजलवायु परिवर्तन के चलते पिछले 20 साल में आई से भारत को 79.5 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। ‘आर्थिक नुकसान, गरीबी और आपदा : 1998-2017’’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन से होने वाले महत्वपूर्ण बदलाव या मौसमी घटनाओं के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया है। इसे संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम में कमी लाने के लिए काम करने वाले विभाग ने तैयार किया है। ()रिपोर्ट में कहा गया है कि 1998 से 2017 के बीच जलवायु परिवर्तन के चलते आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से सीधे होने वाले आर्थिक नुकसान में 151 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था को 2,908 अरब डॉलर का सीधा नुकसान हुआ है। यह उससे पिछले दो दशकों में हुए नुकसान के मुकाबले दोगुना अधिक है।बुधवार को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है जलवायु परिवर्तन का जोखिम बढ़ रहा है। कुल आर्थिक नुकसान में बड़ी मौसमी घटनाओं से होने वाली हानि की हिस्सेदारी 77 प्रतिशत है, जो 2,245 अरब डॉलर के करीब है। इस तरह 1978 से 1997 के बीच इनसे 895 अरब डॉलर का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ था। इसमें अमेरिका को 944.8 अरब डॉलर, चीन को 492.2 अरब डॉलर, जापान को 376.3 अरब डॉलर, भारत को 79.5 अरब डॉलर और प्यूर्तो रिको को 71.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। बाढ़, तुफान और भूकंप से होने वाले ज्यादा आर्थिक नुकसान में तीन यूरोपीय देश शीर्ष पर हैं। इसमें फ्रांस को 48.3 अरब डॉलर, जर्मनी को 57.9 अरब डॉलर और इटली को 56.6 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमAero India 2021: चालबाज चीन होगा पस्त! इन बेहद खास मिसाइलों को मित्र देशों को निर्यात करेगा भारत******भारत आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपने उन मित्र देशों को मजबूत करना चाहता है जो चीन की आक्रामकता की वजह से प्रभावित हैं। इन चीन विरोधी देशों को भारत एक-एक कर नई मिसाइलों से लैस कर उन्हें ताकतवर बनाने की नीति पर काम कर रहा है, इस तरह से भारत हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीनी खतरे को जड़ से समाप्त करने के प्रयास में लगा हुआ है। आप भी जानिए कि आखिर वो कौन सी मिसाइल हैं जिन्हें भारत अपग्रेड कर अपनी क्षमता को और भी मजबूत कर रहा है और वो कौन सी ऐसी मिसाइलें हैं जिन्हें भारत चीन को पस्त करने के लिए अपने मित्र देशों को निर्यात करेगा। बेंगलुरु में चल रहे एशिया के सबसे बड़े एयरो शो एयरो इंडिया 2021 में इन सभी मिसाइल को दिखाया गया है। इंडिया टीवी संवाददाता टी राघवन की इस एक्सक्लुसिव रिपोर्ट से आपको अंदाजा लग जाएगा कि मिसाइल पॉवर से भारत कैसे दुनिया में महाशक्ति बनने जा रहा है।डिफेंस रिसर्च डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानी DRDO ने एयरो इंडिया 2021 में सरफेस टू एयर, एयर टू एयर एंड सी टू एयर मार करने वाली मिसाइलों के कई संस्करण पेश किए हैं, जिनमें अस्त्र, एलआरएसएएम, क्यूआरएसएएम शामिल है। अस्त्र मिसाइल का हवा से हवा में मार करने वाला संस्करण, नई पीढ़ी की एंटी रेडिएशन मिसाइल (एनजीएआरएम) और स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन (एसएएडब्ल्यू) को एयरो शो में दिखाकर भारत को आँख दिखाने दुश्मन देशों को आगाह कर दिया है।मिसाइल की बात हो तो सबसे पहले जिक्र ब्रह्मोस का आता है, ब्रम्होस भारत का ब्रम्हास्त्र है जिसका वार कभी खाली नहीं जाता। सुपर सोनिक सर्वाधिक खतरनाक एवं प्रभावी शस्त्र प्रणाली है, यह न तो रडार की पकड़ में आती है और न ही दुश्मन इसे बीच में भेद सकता है। एक बार दागने के बाद लक्ष्य की तरफ बढ़ती इस मिसाइल को किसी भी अन्य मिसाइल या हथियार प्रणाली से रोक पाना असंभव है, 300 किलोग्राम वजन के हथियार को ले जाने में सक्षम इस मिसाइल को मोबाइल करियर से भी लांच किया जा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण पोखरण क्षेत्र में कई बार किया जा चुका है। हाल ही में इस मिसाइल में कुछ सुधार कर इसकी क्षमता को भी बढ़ाया गया है। इसे समुद्र और सतह के साथ हवा से भी दागा जा सकता है। इसकी अधिकतम गति 2.8 मैक अर्थात ध्वनि की गति से लगभग तीन गुनी अधिक है। मौजूदा ब्रम्होस मिसाइल फिलहाल सुखोई जैसे बड़े लड़ाकू विमानों के लिए बनी है लेकिन भारत ने अपने हवाई जंगी बेड़े के फायर पॉवर को और घातक बनाने के लिए हल्के लड़ाकू विमानों के लिए ब्रम्होस को तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसे ब्रम्होस नेक्स्ट जनरेशन यानि ब्रम्होस NG का नाम दिया गया है। ब्रम्होस एरोस्पेस के MD डॉ सुधीर मिश्रा ने ब्रह्मोस NG के बारे में कई अहम जानकारियां दी है। दुनिया के सबसे घातक मिसाइल्स की श्रेणी में गिनी जाने वाली ब्रम्होस मिसाइल भारत के लिए इतनी अहम है कि खुद चीफ ऑफ एयर स्टाफ RKS भदौरिया ब्रम्होस NG का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।भारत की मिसाइल पॉवर को मजबूत करने वाली घातक एंटी रेडिएशन रुद्रम-1 मिसाइल भी है, जिसे पहली बार एयरो शो 2021 में दिखाया गया है। वायु सेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के जरिए एंटी रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-1 की मारक क्षमता 200 किलोमीटर तक की है और इस रेंज में आने वाले अपने लक्ष्य को यह मिसाइल तहस नहस करने में सक्षम है। रुद्रम-1 के बारे में बताया जा रहा है कि दुश्मनों के रडार भी इससे नहीं बच सकते। रूद्रम मिसाइल को अभी सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के साथ इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है। बीते वर्ष अक्टूबर में इसका सफल परीक्षण भी किया गया था। भविष्‍य में इसे मिराज 2000, जैगुआर, एचएएल तेजस और एचएएल तेजस मार्क 2 के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत में बनाई गयी यह पहली ऐसी मिसाइल है, जो किसी भी ऊंचाई से दागी जा सकती है। ये मिसाइल किसी भी तरह के सिग्नल और रेडिएशन को पकड़ सकती है। साथ ही अपने राडार में लाकर ये मिसाइल टारगेट को नष्ट कर सकती है।अपनी आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के साथ साथ भारत दुनिया में खुद को एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश में भी लग गया है। ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को भी खरीदने में कई देशों ने रुचि दिखाई है। सरकार के इस निर्णय के बाद रक्षा जगत में भारत का रुतबा पूरी दुनिया में बढ़ जाएगा। इससे भारत को दुनिया में स्वयं को एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। मोदी सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना चाहती है, इसीलिए वह बड़े पैमाने के रक्षा निर्यात पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। सरकार चाहती है कि भारत का रक्षा निर्यात पांच अरब डॉलर तक सालाना हो जाए, उसने इसे पूरा करने के लिए एक समिति का भी गठन किया है, ताकि विभिन्न देशों में रक्षा निर्यात की संभावनाओं को तलाशा जा सके। अभी तक दुनिया के रक्षा बाजार में भारतीय निर्यात काफी कम है भारत सरकार ने 2025 तक 35,000 करोड़ रुपए के रक्षा उत्पाद निर्यात करने का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अलग अलग रक्षा उत्पादों के साथ ब्रह्मोस मिसाइल और आकाश मिसाइल को भी मित्र देशों को एक्सपोर्ट करने का फैसला कर लिया गया है।अब हम आपको आकाश मिसाइल के बारे में बताते हैं। आकाश को वायु सेना में वर्ष 2014 में और थल सेना में वर्ष 2015 में शामिल किया गया था। आकाश मिसाइल की तकनीक एवं विकास 96 प्रतिशत स्वदेशी है, पिछले दिनों विश्व के जिन देशों में रक्षा प्रदर्शनियां आयोजित हुई हैं उनमें आकाश मिसाइल को लेकर कई देशों ने रुचि दिखाई है। इसी वजह से इस मिसाइल के निर्यात को सरकार ने मंजूरी दी। ये तय है कि आकाश और ब्रम्होस मिसाइल की बिक्री से वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की भागीदारी बढ़ जाएगी। फिलहाल आकाश मिसाइल की खरीद में दक्षिण एशिया के नौ देशों एवं अफ्रीकी मित्र देशों ने रुचि दिखाई है। कुछ मित्र देशों ने आकाश मिसाइल के अतिरिक्त तटीय निगरानी प्रणाली, रडार तथा एयर प्लेटफॉर्म को भी खरीदने में अपना रुझान दिखाया है। साथ ही हल्के लड़ाकू विमान, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें इस लिस्ट में शामिल हैं। वियतनाम सहित दक्षिण पूर्व एशिया के अधिकांश देश दक्षिण चीन सागर पर चीन की दबंगई को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। फिलीपींस तो अब चीन को साफ शब्दों में कह चुका है कि वह उसके किसी भी दुस्साहस पर उससे उसी ढंग से निपटेगा, ऐसे देशों को भारतीय मदद उन्हें और ताकतवर बनाएगी।आकाश के अलावा भारत-रूस के संयुक्त प्रयास से निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को भी खरीदने में कई देशों ने रुचि दिखाई है। वियतनाम चीन से बचाव के लिए इसे खरीदना चाहता है। इस अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम को बेचने के लिए भारत की नजर में वियतनाम के अतिरिक्त 15 अन्य देश भी हैं। वियतनाम के बाद फिलहाल जिन देशों से बिक्री की बातचीत चल रही है उनमें इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, चिली, ब्राजील, फिलीपींस, मलेशिया, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। कुल मिलाकर सरकार के इस निर्णय के बाद रक्षा जगत में भारत का रुतबा पूरी दुनिया में बढ़ जाएगा। इससे भारत को दुनिया में स्वयं को एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।पंजाबकिंग्सकेसहमालिकनेसवाडियानेकहा34करोड़तकबिकसकतीहैनईआईपीएलटीमभारतीय रेलवे 2 दिसंबर से पश्चिम बंगाल में चलाएगा 54 उपनगरीय ट्रेनेंः रेल मंत्री पीयूष गोयल****** भारतीय रेलवे अगले महीने 2 दिसंबर यानि बुधवार से गैर-उपनगरीय यात्री सेवाओं की 54 ट्रेनों की शुरुआत करेगा। ये जानकारी खुद केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष ने ट्वीट करके दी है। ये ट्रेनें पश्चिम बंगाल में चलाई जाएंगी। ने ट्वीट करके बताया कि, 2 दिसंबर से रेलवे 54 गैर-उपनगरीय यात्री सेवाएं (27 जोड़ी) पश्चिम बंगाल से पर्याप्‍त सुरक्षा मानदंडों के साथ शुरू करेगा। इससे राज्य के लोगों की आवाजाही, संपर्क और सुविधा में आसानी होगी।साथ ही भारतीय रेलवे के पूर्व मध्य रेलवे जोन ने कोरोना काल के बीच चल रही स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का भी विस्तार किया है। रेलवे ने बिहार के जयनगर, दरभंगा, बरौनी, रक्सौल, मुजफ्फरपुर और सहरसा से चल रही 13 स्पेशल ट्रेनों को अब 31 दिसंबर 2020 तक चलाने का फैसला किया है। बता दें कि, रेलवे ने कोविड-19 के बीच फेस्टिव सीजन में 30 नवंबर तक यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन करने का ऐलान किया था। जिसके बाद से यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि क्या 30 नवंबर के बाद इन ट्रेनों का परिचालन बंद हो जाएगा।रेलवे ने 31 दिसंबर 2020 तक ट्रेनों के परिचालन की घोषणा कर दी है, जिससे रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली है। पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर रेलमंडल के अलग-अलग स्टेशनों से खुलने वाली 13 विशेष ट्रेनों के परिचालन को 31 दिसंबर 2020 तक चलाने की हरी झंडी मिल गई है। यात्रियों को ट्रेन खुलने के समय से कुछ घंटे पहले रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा, जिससे उन्हें कोविड-19 की जांच के बाद प्लेटफॉर्म में एंट्री मिल सके।02521/02522 बरौनी- एरनाकुलम-बरौनी एक्सप्रेस02577/02578 दरभंगा -मैसुर - दरभंगा एक्सप्रेस02545/02546 रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस05547/05548 जयनगर - लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस05272/05271 मुजफ्फरपुर - हावड़ा एक्सप्रेस05559/05560 दरभंगा - अहमदाबाद एक्सप्रेस05251/05252 दरभंगा - जालंधर सिटी एक्सप्रेस05563/05564 जयनगर-उधना एक्सप्रेस05531/05532 सहरसा - अमृतसर एक्सप्रेस05267/05268 रक्सौल -लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस05529/05530 सहरसा - आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस03228/03227 राजेन्द्र नगर - सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस03226/03225 जयनगर - पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस

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