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Masik Durga Ashtami 2022: 9 मई को है मासिक दुर्गाष्टमी, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

2022-10-04 09:15:12 जिक्सी

मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिकंपनियों की मोबाइल डाटा से आय 5 वर्ष में 95,500 करोड़ रुपए होने का अनुमान****** इक्रा की एक रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले पांच सालों में भारतीय टेलीकॉम कंपनियों की मोबाइल डेटा से वार्षिक आय 95,500 करोड़ रुपए तक होने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 तक मोबाइल डेटा से आय में साल दर साल 21 फीसदी वृद्धि होने की उम्मीद है और कुल मोबाइल सेवा से आय में इसकी हिस्सेदारी 34 फीसदी रहने की संभावना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मौजूदा समय में दूरसंचार कंपनियों की आय में मोबाइल डेटा की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है।उद्योगपति मुकेश अंबानी की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो ने अभी व्यावसायिक परिचालन शुरू नहीं किया है, लेकिन वह डेटा इस्तेमाल में छठे स्थान पर पहुंच गई है। रिलायंस जियो ने अभी पायलट आधार पर सेवा शुरू की है और कुछ अन्य कंपनियों की तुलना में उसके नेटवर्क पर ग्राहकों द्वारा अधिक डाउनलोडिंग की जा रही है।कंपनी के पास उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार मार्च तिमाही में 4.5 करोड़ गीगाबाइट (जीबी) प्रति माह के इस्तेमाल के साथ एयरटेल पहले स्थान पर बनी रही। वहीं 1.3 करोड़ जीबी के साथ जियो छठे स्थान पर रही। वोडाफोन के नेटवर्क पर डेटा इस्तेमाल 2.8 करोड़ जीबी प्रति माह रहा। जियो ने अपने कर्मचारियों तथा उनके रिश्तेदारों व दोस्तों के लिए पायलट आधार पर सेवा शुरू की है। उसके यूजर्स की संख्या 70 लाख है। Right To Know: देश के 64 फीसदी स्मार्टफोन यूजर्स को नहीं पता कैसे खत्‍म हो जाता है उनका इंटरनेट डेटा 90 Days Bonanza: रिलायंस JIO के फ्री अनलिमिटेड प्रिव्‍यू ऑफर का इस तरह उठाएं फायदा

मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिTCS को तीसरी तिमाही में हुआ 8,118 करोड़ रुपए का मुनाफा, निवेशकों को मिलेगा प्रति शेयर 5 रुपए का डिविडेंड******TCS Q3 consolidated net profit rises 0.2 per cent to Rs 8,118 cr देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्‍टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) ने शुक्रवार को बताया कि चालू वित्‍त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में उसे 8,118 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है, जो एक साल पहले की समान तिमाही से 0.2 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्‍त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 8,105 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। ने नियामकीय जानकारी में बताया कि 2019-20 की अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका राजस्‍व 6.7 प्रतिशत बढ़कर 39,854 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 37,338 करोड़ रुपए था। स्थिर मुद्रा में कंपनी का राजस्‍व 6.8 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 25 प्रतिशत रहा। कंपनी के बोर्ड ने तीसरी तिमाही के लिए अपने निवेशकों को प्रति शेयर 5 रुपए का अंतरिम डिविडेंड देने की घोषणा की है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 25 जनवरी है और भुगतान की तारीख 31 जनवरी तय की गई है। कंपनी के सीईओ और एमडी राजेश गोपीनाथ ने कहा कि हमनें साल की पहली छमाही में सेक्‍टोरल ट्रेंड को देखा जो तीसरी तिमाही में भी जारी रहा। तिमाही के दौरान हमारी मजबूत ऑर्डर बुक इस बात को दर्शाती है कि विभिन्‍न प्रतिभागियों की कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए हमारे पास इन्‍नोवेटिव टेक्‍नोलॉजी समाधान प्रदान करने की क्षमता है।मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधियूपी: एटा-कासगंज में आंधी-तूफान का कहर, दीवार और पेड़ गिरने से 6 लोगों की मौत****** उत्तर प्रदेश के एटा और कासगंज में आज शाम आंधी और तूफान की वजह से हुए हादसों में कुल 6 लोगों की मौत हो गई। आंधी-तूफान के चलते दीवार और पेड़ गिरने से एटा में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कासगंज में भी तीन लोगों की मौत हो गई। इन हादसों में एक महिला और एक युवक गंभीर रूप से घायल है। घायलों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें अलीगढ़ रेफर किया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं।

Masik Durga Ashtami 2022: 9 मई को है मासिक दुर्गाष्टमी, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिDrone Pilot: भारत में इस नए सेक्टर में आएंगी 1 लाख नौकरियां, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी जानकारी******Drone PilotHighlightsDrone Pilot: भारत में कई नए सेक्टर्स के उभरने के साथ ही नई तरह की नौकरियों के मौके भी बन रहे हैं। इस बीच एक नया सेक्टर तेजी से उभर रहा है, वह है ड्रोन का। सरकार ड्रोन के निर्माण और इस्तेमाल के लिए नीतियां ला रही है, इस बीच इस सेक्टर में नौकरियों के मौके भी आ रहे हैं।नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि भारत को आगामी वर्षों में करीब एक लाख ड्रोन पायलटों की जरूरत होगी। सिंधिया ने नीति आयोग के एक कार्यक्रम में कहा कि केंद्र सरकार के 12 मंत्रालय फिलहाल देश में ड्रोन सेवाओं की मांग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘हम ड्रोन क्षेत्र को तीन ‘चक्कों’ पर आगे ले जाने कर प्रयास कर रहे हैं। इनमें पहला नीति है। आप देख रहे हैं कि हम कितनी तेजी से नीति का क्रियान्वयन कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि दूसरा पहिया या चक्का प्रोत्साहन है। उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना देश में ड्रोन विनिर्माण एवं सेवाओं को और आगे बढ़ाने में मदद करेगी। इस क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना सितंबर, 2021 में लाई गई थी। सिंधिया ने कहा कि ड्रोन क्षेत्र की प्रगति का तीसरा चक्का घरेलू मांग पैदा करना है।केंद्र सरकार के 12 मंत्रालय ड्रोन सेवाओं के लिए मांग पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ 12वीं पास व्यक्ति को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। इसके लिए कॉलेज की डिग्री की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सिर्फ दो-तीन माह के प्रशिक्षण के बाद कोई व्यक्ति ड्रोन पायलट बन सकता है और मासिक 30,000 रुपये का वेतन पा सकता है। सिंधिया ने कहा, ‘‘हमें करीब एक लाख ड्रोन पायलटों की जरूरत होगी। ऐसे में इस क्षेत्र में काफी अवसर हैं।’’मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिचीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती, सितंबर तिमाही में वृद्धि दर घटकर 4.9 प्रतिशत पर पहुंची******चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेतनई दिल्ली। निर्माण गतिविधियों में सुस्ती तथा ऊर्जा के इस्तेमाल पर अंकुश के बीच सितंबर तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि दर सुस्त पड़ी है। इससे कोरोना वायरस महामारी की मार से प्रभावित अर्थव्यवस्था की रिकवरी पर असर पड़ा है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर सितंबर में समाप्त तिमाही में 4.9 प्रतिशत रही है। इससे पिछली तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। इस दौरान कारखाना उत्पादन, खुदरा बिक्री, निर्माण और अन्य गतिविधियों में निवेश कमजोर पड़ा है। चीन के निर्माण क्षेत्र में लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ। इस क्षेत्र की वृद्धि काफी धीमी पड़ गई है। पिछले साल नियामकों ने बिल्डरों द्वारा अत्यधिक कर्ज लिए जाने की वजह से क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बढ़ाया था। चीन के सबसे बड़े समूहों में से एक एवरग्रैंड बांडधारकों को अरबों डॉलर के भुगतान के लिए संघर्ष कर रहा है। बिजली कटौती की वजह से सितंबर में चीन का विनिर्माण भी प्रभावित हुआ है।आंकड़े जारी करने के बाद चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टेटिक्स ने कहा कि चीन की आर्थिक ग्रोथ में सबसे बड़ा हिस्सा घरेलू खपत का रहा है । हालांकि ये ध्यान में रखना होगा कि विदेशी अर्थव्यवस्थाओं में अनिश्चितता की स्थिति है और घरेलू अर्थव्यवस्था अभी भी पूरी तरह से मजबूती नहीं पकड़ सकी है। आंकड़ों के मुताबिक चीन की कंज्यूमर गुड्स की रिटेल बिक्री पहले तीन तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत बढ़ी है। जो कि जनवरी से सितंबर के दौरान 4.9 लाख करोड़ डॉलर के बराबर है। इसके साथ ही चीन की वैल्यू एडेड इंडस्ट्रियल आउटपुट पिछले साल के मुकाबले 11.8 प्रतिशत बढ़ी हैजबकि फिक्स्ड एसेट इनवेस्टमेंट में 7.3 प्रतिशत की बढ़त रही है। वहीं आंकड़ों के अनुसार शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर पिछले साल के मुकाबले घटकर 5 प्रतिशत से नीचे पहुंच गयी।आंकड़ों के साथ साथ कई वित्तीय संस्थानों ने चीन की ग्रोथ को लेकर अपने अनुमान संशोधित किये हैं। गोल्डमैन सैक्स ने अनुमान दिया है कि चौथी तिमाही में चीन की जीडीपी 3.2 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है, इससे पहले बढ़त का अनुमान 4.1 प्रतिशत का था। वहीं मूडीज ने अनुमान दिया है कि चीन में बिजली संकट का अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा और 2022 की जीडीपी ग्रोथ पर इसका असर देखने को मिल सकता है।मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिअमेरिका-कनाडा सीमा के पास मृत मिले भारतीय परिवार की पहचान हुई, ठंड की चपेट में आने से हुई थी मौत******Highlightsअमेरिका-कनाडा सीमा के पास मृत मिले चार भारतीय नागरिकों के परिवार की पहचान हो गई है। कनाडा के अधिकारियों ने बताया कि परिवार कुछ समय से देश में था और उन्हें कोई सीमा पर ले गया था। मामला मानव तस्करी का प्रतीत होता है। मैनिटोबा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने कहा कि मृतकों की पहचान जगदीश बलदेवभाई पटेल (39), वैशालीबेन जगदीशकुमार पटेल (37), विहंगी जगदीशकुमार पटेल (11) और धार्मिक जगदीशकुमार पटेल (3) के तौर पर हुई है। ये सभी एक ही परिवार के सदस्य थे, जो 19 जनवरी को कनाडा-अमेरिका सीमा से लगभग 12 मीटर दूर मैनिटोबा के इमर्सन के पास मृत मिले थे।अधिकारियों ने पहले बताया था कि परिवार में एक वयस्क पुरुष, एक वयस्क महिला, एक किशोर और एक शिशु शामिल हैं, लेकिन अब मृतकों में एक किशोर की जगह किशोरी के होने की बात सामने आई है। कनाडा के अधिकारियों ने मृतकों की पहचान की पुष्टि की और 26 जनवरी को शवों का पोस्टमार्टम पूरा किया गया। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में बताया कि मैनिटोबा के मुख्य चिकित्सा परीक्षक के कार्यालय ने पुष्टि की है कि मौत ठंड की चपेट में आने से हुई।कनाडा के ओटावा में स्थित भारत के उच्चायोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में मृतकों की पहचान की पुष्टि की और बताया कि उनके परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। टोरंटो में भारत का महावाणिज्य दूतावास मृतक के परिवार के सम्पर्क में है और सभी वाणिज्यि स्तर की सहायता प्रदान की जा रही है। उसने एक बयान में कहा, ‘‘ उच्चायोग पीड़ितों के परिवार और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।’’आरसीएमपी ने पटेल परिवार के 12 जनवरी 2022 को टोरंटो पहुंचने और वहां से 18 जनवरी के आसपास इमर्सन जाने की पुष्टि भी की है। आरसीएमपी ने बयान में कहा, ‘‘ मौके से कोई वाहन बरामद नहीं हुआ है, जिससे प्रतीत होता है कि कोई परिवार को सीमा तक लाया था और फिर वहीं छोड़कर चला गया।’’ उसने कहा, ‘‘ कनाडा में उनकी गतिविधियों और अमेरिका में जो गिरफ्तारी हुई है, उससे यह मामला मानव तस्करी का लगता है।’’टोरंटो में भारतीय उच्चायोग और भारतीय वाणिज्य दूतावास इस घटना की जांच के सभी पहलुओं पर कनाडा के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। अमेरिका के मिनेसोटा जिले में पिछले हफ्ते ‘यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ में 47 वर्षीय अमेरिकी नागरिक स्टीव शैंड के खिलाफ एक आपराधिक मामला दायर किया गया था। शैंड पर मानव तस्करी का आरोप लगाया गया है। शैंड ‘‘बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों की मदद करने वाला संदिग्ध तस्कर है’’।अमेरिकी अधिकारियों ने उसे 19 जनवरी को अमेरिका-कनाडा सीमा के पास से गिरफ्तार किया था। उसे दो भारतीय नागरिकों को ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे थे। शैंड को जिस दिन गिरफ्तार किया गया था, उसी दिन अमेरिकी सीमा गश्त अधिकारियों को रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस से एक रिपोर्ट मिली थी कि पटेल परिवार के सदस्यों के शव अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कनाडा की ओर के हिस्से में जमे हुए मिले हैं। शैंड को सशर्त तथा बिना किसी बॉन्ड के रिहा कर दिया गया है।इनपुट-भाषा

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मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिPresident Election: राष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्षी एकता को झटका! ममता की बुलाई बैठक से इन पार्टियों का किनारा******Highlights राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभी तक सत्तारूढ़ बीजेपी या विपक्ष ने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है। वहीं, दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज इस मुद्दे पर बैठक कर रही हैं। हालांकि, संयुक्त बैठक से पहले विपक्षी एकता को झटका लगा है। ममता बनर्जी की ओर से दिल्ली में बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में आम आदमी पार्टी (AAP) शामिल नहीं होने की बात कही है।आम आदमी पार्टी का कहना है कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित होने के बाद ही पार्टी इस मुद्दे पर विचार करेगी। बताया जा रहा है कि विपक्षी पार्टियों की इस बैठक से BJD, TRS और SAD ने भी किनारा कर लिया है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती भी फिलहाल बैठक में शामिल नहीं हो रही हैं।वहीं, बैठक में शामिल होने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव दिल्ली पहुंच चुके हैं। अखिलेश यादवने खुलकर कहा कि ममता बनर्जी राष्ट्रपति पद के लिए जिस नाम का प्रस्ताव रखेंगी, हम उनका समर्थन करेंगे। आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी भी इस बैठक में शामिल रहेंगे।गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने 21 दलों के नेताओं को 15 जून की बैठक के लिए निमंत्रण भेजा था। ममता बनर्जी ने कांग्रेस और एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी इस बैठक में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा था। इस बैठक में कांग्रेस के शामिल होने की संभावना है। वहीं, मंगलवार को दिल्ली पहुंची ममता बनर्जी ने शरद पवार से मुलाकात की थी। बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव होंगे।मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिTata Steel का अप्रैल-जून में कच्चे इस्पात का उत्पादन 43 प्रतिशत बढ़ा, बिक्री में 35 फीसदी का हुआ इजाफा******Tata Steel June quarter crude steel output jumps over 43 pcस्‍टील क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा स्टील का 30 जून को समाप्त तिमाही में एकीकृत आधार पर कच्चे इस्पात का उत्पादन 43 प्रतिशत बढ़कर 79.4 लाख टन पर पहुंच गया। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी का उत्पादन 55.3 लाख टन रहा था। टाटा स्टील ने बयान में कहा कि अप्रैल-जून की अवधि में एकीकृत आधार पर कंपनी की बिक्री 35 प्रतिशत बढ़कर 71.4 लाख टन पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान तिमाही में 53.3 लाख टन थी। भारत में तिमाही के दौरान 55 प्रतिशत बढ़कर 46.2 लाख टन पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 29.9 लाख टन रहा था। टाटा स्टील की आपूर्ति 42 प्रतिशत बढ़कर 29.3 लाख टन से 41.5 लाख टन हो गई। समीक्षाधीन तिमाही में टाटा स्टील यूरोप का इस्पात उत्पादन 27 प्रतिशत बढ़कर 27.3 लाख टन पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान अवधि में 21.5 लाख टन था। इस दौरान कंपनी की आपूर्ति 19 प्रतिशत बढ़कर 19.8 लाख टन से 23.6 लाख टन पर पहुंच गई। टाटा स्टील दक्षिण-पूर्व एशिया का उत्पादन 49 प्रतिशत बढ़कर 3.9 लाख टन से 5.9 लाख टन हो गया। इस दौरान आपूर्ति 50 प्रतिशत बढ़कर 4.2 लाख टन से 6.3 लाख टन पर पहुंच गई।सरकार ने बिजली उद्योग में इस्तेमाल होने वाले चीन, थाइलैंड, दक्षिण कोरिया और तीन अन्य देशों के तांबे के कुछ उत्पादों के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क नहीं लगाने का फैसला किया है। वाणिज्य मंत्रालय की शाखा व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने अप्रैल में जांच के बाद चीन, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड के तांबे के कुछ उत्पादों पर शुल्क लगाने की सिफारिश की थी।राजस्व विभाग के दो जुलाई के ज्ञापन के अनुसार केंद्र सरकार ने चीन, कोरिया, मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड में विनिर्मित या वहां से निर्यात किए गए तांबे और तांबा मिली धातु के फ्लैट-रोल्ड उत्पादों के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क नहीं लगाने का फैसला किया है। डीजीटीआर द्वारा प्रस्तावित शुल्क 42 अमेरिकी डॉलर प्रति टन से 1,077 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के बीच था। कॉपर फ्लैट-रोल्ड उत्पादों का उपयोग बिजली वितरण, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक स्विचगियर, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और रेडिएटर्स में किया जाता है।

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मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिUP Board 2019 Results: बागपत की तनु तोमर बनीं बारहवीं की टॉपर, अब है यह सपना****** उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद () की 12वीं की परीक्षा में बागपत जिले की छात्रा तनु तोमर ने परचम लहराया है। किसान परिवार से संबंध रखने वाली तनु के बड़ौत स्थित श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा हैं। तनु को परीक्षा में 500 में से 489 अंक मिले हैं जो 97 प्रतिशत है। परीक्षा परिणाम में तनु के उत्तर प्रदेश में टॉप करने की जानकारी मिलते ही उसके घर और स्कूल में खुशी का माहौल है।टॉप करने वालों में तनु अकेली लड़की हैं। बाकी दो लड़के हैं। तनु के उत्तर प्रदेश में टॉप करने से बेहद गर्व महसूस कर रहे प्राध्यापक राजेश तोमर ने कहा, ''तनु ने अपने परिवार और स्कूल का ही नहीं बल्कि पूरे जनपद का मान बढ़ाया है।’’तोमर ने कहा हैं, ''दसवीं की परीक्षा में भी तनु ने अच्छा प्रदर्शन किया था। तनु दूसरे बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती है।’’ तनु अपनी सफलता के लिए अपने परिवार और स्कूल के शिक्षकों तथा प्रधानाचार्य का भी योगदान बताती हैं। तनु का कहना है कि स्कूल के शिक्षकों ने कभी भी कक्षा के बाद मुझे कुछ भी बताने से इंकार नहीं किया।उन्होंने कहा, ‘‘हमेशा मैं घर पर रहकर भी फोन कर उनसे कुछ न कुछ पूछती रहती थी।’’ पढ़-लिखकर क्या बनना चाहोगी, इस सवाल पर तनु तपाक से कहती हैं, ''डॉक्टर।’’ तनु का कहना है कि वह डॉक्टर बनकर किसी को भी, चाहे वह गरीब हो या अमीर, बिना इलाज के नहीं मरने देंगी।

मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिDollar Vs Rupees: रुपया धड़ाम! 51 पैसा टूटकर 80 रुपये के पार पहुंचा डॉलर, जानिए क्यों गिर रहा रुपया?******Highlights ने बुधवार को उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इसका असर भारतीय शेयर मार्केट से लेकर रुपये पर देखने को मिल रहा है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया में 51 पैसे की रिकॉर्ड गिरावट आई है। एक डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया टूटकर 80.48 हो गया है। यह रुपये का अब तक का सबसे निचला स्तर है। रुपये में गिरावट से एक ओर जहां व्यापार घाटा बढ़ेगा वहीं दूसरी ओर जरूरी सामान के दाम में बढ़ोतरी होगी। इसका दोतरफा बोझ सरकार से लेकर आम आदमी पर पड़ेगा। आईएजानते हैं कि क्यों टूट रहा है रुपया और इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?गिरावट का एक और कारण डॉलर सूचकांक का लगातार बढ़ना भी बताया जा रहा है। इस सूचकांक के तहत पौंड, यूरो, रुपया, येन जैसी दुनिया की बड़ी मुद्राओं के आगे अमेरिकी डॉलर के प्रदर्शन को देखा जाता है। सूचकांक के ऊपर होने का मतलब होता है सभी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती। ऐसे में बाकी मुद्राएं डॉलर के मुकाबले गिर जाती हैं।इस साल डॉलर सूचकांक में अभी तक नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसकी बदौलत सूचकांक इस समय 20 सालों में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है। यही वजह है कि डॉलर के आगे सिर्फ रुपया ही नहीं बल्कि यूरो की कीमत भी गिर गई है।रुपये की गिरावट का तीसरा कारण यूक्रेन युद्ध माना जा रहा है। युद्ध की वजह से तेल, गेहूं, खाद जैसे उत्पादों, जिनके रूस और यूक्रेन बड़े निर्यातक हैं, की आपूर्ति कम हो गई है और दाम बढ़ गए हैं। चूंकि भारत विशेष रूप से कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, देश का आयात पर खर्च बहुत बढ़ गया है। आयात के लिए भुगतान डॉलर में होता है जिससे देश के अंदर डॉलरों की कमी हो जाती है और डॉलर की कीमत ऊपर चली जाती है।बैंक ऑफ अमेरिका के अनुसार, भारतीय रुपया साल के अंत तक 81 प्रति डॉलर तक टूट सकता है। इस साल अब तक भारतीय रुपया 9% से अधिक लुढ़क चुकी है। डॉलर में मजबूती और कच्चे तेल कीमतों में तेजी ने रुपया को कमजोर करने का काम किया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% कच्चा तेल आयात करता है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है।भारत तेल से लेकर जरूरी इलेक्ट्रिक सामान और मशीनरी के साथ मोबाइल-लैपटॉप समेत अन्य गैजेट्स आयात करता है। रुपया कमजोर होने के कारण इन वस्तुओं का आयात पर अधिक रकम चुकाना पड़ रहा है। इसके चलते भारतीय बाजार में इन वस्तुओं की कीमत में बढ़ोतरी हो रही है। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इसका भुगतान भी डॉलर में होता है और डॉलर के महंगा होने से रुपया ज्यादा खर्च होगा। इससे माल ढुलाई महंगी होगी, इसके असर से हर जरूरत की चीज पर महंगाई की और मार पड़ेगी।व्यापार घाटा बढ़ने का चालू खाता के घाटा (सीएडी) पर सीधा असर पड़ता है और यह भारतीय रुपये के जुझारुपन, निवेशकों की धारणाओं और व्यापक आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करता है। चालू वित्त वर्ष में सीएडी के जीडीपी के तीन फीसदी या 105 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। आयात-निर्यात संतुलन बिगड़ने के पीछे रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध से तेल और जिसों के दाम वैश्विक स्तर पर बढ़ना, चीन में कोविड पाबंदियों की वजह से आपूर्ति श्रृंखला बाधित होना और आयात की मांग बढ़ने जैसे कारण हैं। इसकी एक अन्य वजह डीजल और विमान ईधन के निर्यात पर एक जुलाई से लगाया गया अप्रत्याशित लाभ कर भी है।देश के निर्यात में गिरावट ऐसे समय हुई है जब तेल आयात का बिल बढ़ता जा रहा है। भारत ने अप्रैल से अगस्त के बीच तेल आयात पर करीब 99 अरब डॉलर खर्च किए हैं जो पूरे 2020-21 की समान अवधि में किए गए 62 अरब डॉलर के व्यय से बहुत ज्यादा है। सरकार ने हाल के महीनों में आयात को हतोत्साहित करने के लिए सोने जैसी वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने, कई वस्तुओं के आयात पर पाबंदी लगाने तथा घरेलू उपयोग में एथनॉल मिश्रित ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयास करने जैसे कई कदम उठाए हैं। इन कदमों का कुछ लाभ हुआ है और आयात बिल में कुछ नरमी जरूर आई है लेकिन व्यापक रूझान में बड़े बदलाव की संभावना कम ही नजर आती है।भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली। उस समय एक डॉलर की कीमत एक रुपये हुआ करती थी, लेकिन जब भारत स्वतंत्र हुआ तब उसके पास उतने पैसे नहीं थे कि अर्थव्यवस्था को चलाया जा सके। उस समय देश के प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व वाली सरकार ने विदेशी व्यापार को बढ़ाने के लिए रुपये की वैल्यू को कम करने का फैसला किया। तब पहली बार एक डॉलर की कीमत 4.76 रुपये हुआ था।देश के आजाद होने के बाद से पहली बार 1991 में मंदी आई। तब केंद्र में नरसिंम्हा राव (Narasimha Rao) की सरकार थी। उनकी अगुआई में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की गई, जिसने रुपये की कमर तोड़ दी। रिकार्ड गिरावट के साथ रुपया प्रति डॉलर 22.74 पर जा पहुंचा। दो साल बाद रुपया फिर कमजोर हुआ। तब एक डॉलर की कीमत 30.49 रुपया हुआ करती थी। उसके बाद से रुपये के कमजोर होने का सिलसिला चलता रहा है। वर्ष 1994 से लेकर 1997 तक रुपये की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। उस दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 31.37 से 36.31 रुपये के बीच रहा।मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिIND vs SA : वैन डेर डूसन ने बताया, आखिर क्यों मैच से पहले दबाव में थी साउथ अफ्रीका की टीम******Highlightsभारत के खिलाफ पहले वनडे मैच में साउथ अफ्रीका ने भले ही जीत दर्ज की लेकिन बल्लेबाज रस्सी वैन डेर डूसन का मानना है उनकी टीम मुकाबले से पहले दबाव में थी। इस मैच में वैन डेर डूसन और कप्तान टेम्बा बावुमा बेहतरीन शतकीय पारी खेली, इसके बाद गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन से साउथ अफ्रीका ने भारत को 31 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।मैच के बाद वैन डेर डूसन ने कहा कि यह जरूरी था कि हमने मैच के शुरुआत में जिस तरह की शुरुआत की उसे आखिर तक भी ले जाए और हम ऐसा करने में सफल रहे।उन्होंने कहा, ''मेरे लिए मैच में यह जरूरी था कि मैंने जो गति पकड़ी थी उसे बरकरार रखते हुए आगे तक ले जाऊं। जब मैं बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आया तो मैं जानता था कि मुझे स्विप और रिवर्स स्विप के माध्यम से दबाव उनके स्पिनर्स पर डालना है और मैंने ऐसा ही करने की कोशिश की।''वैन डेर डूसन ने कहा, ''मैच में हमें मौका मिला की हम विरोधी टीम पर दबाव डाले लेकिन मैच से पहले हम लोग भी दबाव में थे लेकिन इस तरह के मुकाबलों में आपको मजबूती के साथ खड़ा रहना पड़ता है। बल्लेबाजी के दौरान हमें पता था कि अगर हम 280 से अधिक का स्कोर खड़ा करते हैं तो टीम अच्छी स्थिति में रहेगी।''उन्होंने कहा, ''भारत की बल्लेबाजी के दौरान जब विराट कोहली और शिखर धवन खेल रहे थे को एक समय पर जरूर हम दबाव में आ गए थे लेकिन उसके बाद हमने दो विकेट निकालकर नए बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा कर दिया।''आपको बता दें कि इस मुकाबले में मेजबान साउथ अफ्रीका की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में वैन डेर डूसन के नाबाद 129 और कप्तान बावुमा के 110 रनों की पारी की मदद से 4 विकेट पर 296 रनों का स्कोर खड़ा किया।इसके जवाब में भारतीय टीम 50 ओवरों के खेल में 8 विकेट गंवाकर 265 रन ही बना सकी।

मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिमहारानी एलिजाबेथ II की इच्छा, प्रिंस चार्ल्स के महाराज बनने पर कैमिला बनें 'क्वीन'******Highlightsब्रिटेन की द्वितीय की इच्छा है कि राजकुमार चार्ल्स के महाराज बनने पर उनकी पत्नी कैमिला को ‘क्वीन कंसोर्ट’ के रूप में जाना जाए। महारानी का यह महत्वपूर्ण हस्तक्षेप राजशाही के भविष्य को आकार देगा और शाही परिवार में ‘डचेस ऑफ कॉर्नवाल’ का स्थान सुनिश्चित करेगा। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कहा है कि के महाराज बनने पर ‘डचेज ऑफ कॉर्नवाल’ कैमिला (74) महारानी होंगी।महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (95) ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने ‘प्लेटिनम जुबली’ संदेश में कैमिला का समर्थन किया और शाही घराने के भविष्य को आकार दिया। महारानी ने अपनी ‘‘इच्छा’’ जताते हुए कहा कि प्रिंस चार्ल्स के महाराज बनने पर कैमिला को ‘क्वीन कंसोर्ट’ के रूप में जाना जाए। ताजपोशी के 70 साल पूरे होने पर एलिजाबेथ द्वितीय ने अपनी बहू कैमिला को लेकर अपनी आशाओं को व्यक्त किया। ‘क्वीन कंसोर्ट’ संबोधन महाराज की पत्नी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।95 वर्षीय महारानी ने लिखित संदेश में कहा, ‘‘मैं आपके समर्थन के लिए आप सभी का धन्यवाद व्यक्त करना चाहती हूं। आपने मेरे प्रति जो निष्ठा और स्नेह दिखाया है, उसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी। समय आने पर जब मेरा बेटा चार्ल्स महाराज बनेगा, तो मुझे उम्मीद है कि आप उसे और उसकी पत्नी कैमिला को वही समर्थन देंगे, जो आपने मुझे दिया है और मेरी इच्छा है कि जब वह समय आएगा, तो कैमिला को ‘क्वीन कंसोर्ट’ के रूप में जाना जाए।’’महारानी एलिजाबेथ द्वितीय रविवार को ‘प्लेटिनम जुबली’ मनाने वाली पहली ब्रिटिश सम्राज्ञी बन गईं, जो यूनाइटेड किंगडम, क्षेत्र और राष्ट्रमंडल के लोगों की सेवा के 70 साल पूरे होने का प्रतीक है। इसके उपलक्ष्य में पूरे वर्ष कार्यक्रम का आयोजन होगा। बृहस्पतिवार दो जून से रविवार पांच जून तक चार दिवसीय यूके बैंक सप्ताहांत अवकाश में इसका समापन होगा। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्लेरेंस हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि प्रिंस ऑफ वेल्स और डचेज ऑफ कॉर्नवाल इस संदेश से ‘‘बेहद आह्लादित और सम्मानित’’ महसूस कर रहे हैं।(इनपुट- एजेंसी)मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधि'दबंग' अवतार में वापसी करने वाले हैं सलमान खान, जानिए कब आएगी 'दबंग 3'******: अभिनेताको दबंग खान भी कहा जाता है, सलमान को यह नाम उनकी फिल्म दबंग और दबंग 2 की सफलता के बाद मिला। अब इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए सलमान के भाई दबंग सीरीज की तीसरी फिल्म बनाने के लिए तैयार हैं। अरबाज का कहना है कि वह इस फ्रेंचाइजी के नए सीक्वल की पटकथा लिख रहे हैं और अगले साल 2018 क मध्य तक इस फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो जाएगी। अभिनेता-फिल्म निर्माता ने अपनी आगामी फिल्म 'तेरा इंतजार' के ट्रेलर लॉन्च पर संवाददाताओं को बताया, "हां, हमने फिल्म की पटकथा पर काम शुरू कर दिया है और मुझे लगता है कि हम 'दबंग 3' की शूटिंग अगले वर्ष के मध्य से शुरू होगी।"फिल्म की सह-कलाकार भी ट्रेलर लॉन्च पर उपस्थित थीं। सनी से 'मुन्नी बदनाम' जैसा कोई आईटम नंबर कराने के के बारे में पूछे जाने पर अरबाज ने कहा, "हां, क्यों नहीं? और उन्हें मुन्नी ही क्यों बनाया जाए। हम उन्हें कोई अलग भूमिका भी दे सकते हैं।" अरबाज ने फिल्म 'तेरा इंतजार' में पहली बार सनी के साथ काम किया है।उन्होंने कहा कि सनी अद्भुत हैं और विदेश में शूटिंग के दौरान हमने बेहतरीन समय गुजारा। 'बिग बॉस 11' में फिल्म प्रचार के बारे में पूछे जाने पर अरबाज ने कहा, "मुझे लगता है कि निर्माता इस पर निर्णय लेंगे। अगर मौका मिला और कलर्स चैनल की अनुमति रही तो क्यों नहीं।"सनी लियोन और अरबाज खान की फिल्म 'तेरा इंतजार' 24 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिIndiaTV Opinion Poll : गुजरात में एक बार फिर कमल खिलने के आसार, बीजेपी को 106-116 सीटें, कांग्रेस को 63-73 सीटें मिलने का अनुमान****** -वीएमआर (वोटर्समूड रिसर्च) के फाइनल ओपिनियन पोल में आगामीचुनाव में बीजेपी के लगातार छठी बार जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल करने का अनुमान जताया गया है। ओपिनियन पोल के मुताबिक विधानसभा की कुल 182 सीटों में से बीजेपी के खाते में 111 सीटें जाने का अनुमान है जबकि मुख्य प्रतिद्वंदी कांग्रेस को 68 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है वहीं अन्य के खाते में तीन सीटें जा सकती हैं।इंडिया टीवी-वीएमआर के ओपिनियन पोल के अनुमान के मुताबिक को 106 से 116 सीटें मिलने की उम्मीद है जबकि कांग्रेस को 63 से 73 सीटें मिल सकती हैं। वोट प्रतिशत की बात करें तो ओपिनयन पोल के मुताबिक बीजेपी को 45 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, कांग्रेस को 40 फीसदी जबकि अन्य को 15 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 116 सीटें मिली थी, कांग्रेस को 60 और अन्य को 6 सीटें प्राप्त हुई थी।ओपिनियन पोल करनेवाली एजेंसी वोटर्समूड रिसर्च (VMR) के मुताबिक गुजरात के सभी चार सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र के 684 पोलिंग बूथ पर कुल 6 हजार इंटरव्यू किए गए। ओपिनयन पोल के दौरान घर-घर जाकर और आमने-सामने सभी उम्र, लिंग, ग्रामीण-शहरी योग्य मतदाताओं की राय ली गई। ओपिनियन पोल की प्रक्रिया 23 से 30 नवंबर के बीच हुई जिसमें त्रुटि(error) मार्जिन 3 फीसदी ज्यादा या कम रखा गया है।​क्षेत्र के आधार पर बात करें तो ओपिनियन पोल के अनुमान के मुताबिक उत्तरी गुजरात में बीजेपी 32 सीटें (30 से 34 के बीच) जीत सकती है, कच्छ-सौराष्ट्र में 29 सीटें (27 से 31 के बीच), मध्य गुजरात में 25 सीटें (23 से 27 के बीच) और दक्षिण गुजरात में 25 सीटें (23 से 27 के बीच) जीत सकती है।​वहीं कांग्रेस की बात करें तो अनुमान के मुताबिक कच्छ-सौराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी 25 सीटें (23-27के बीच) जीत सकती है, उत्तर गुजरात में 20 सीटें (18 से 22 के बीच), मध्य गुजरात में 15 सीटें (13 से 17 के बीच) और दक्षिण गुजरात में केवल 8 सीटें (6 से 10 के बीच) जीतकर कुल 68 सीटों का आंकड़ा प्राप्त कर सकती है। अन्य के खाते में दक्षिण गुजरात से दो सीटें और उत्तर गुजरात से एक सीट मिलने का अनुमान है।वोटशेयर की बात करें तो बीजेपी को दक्षिण और मध्य गुजरात में 46 फीसदी, उत्तर गुजरात में 45 फीसदी और कच्छ-सौराष्ट्र में 44 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। मुख्य प्रतिद्वंदी कांग्रेस को उत्तर गुजरात में 42 फीसदी, कच्छ-सौराष्ट्र में 41 फीसदी, मध्य गुजरात में 40 फीसदी और दक्षिण गुजरात में 39 फीसदी वोट मिलने का अनुमान जताया गया है।बीजेपी-46%कांग्रेस- 40%अन्य- 14%बीजेपी-23-27 सीटेंकांग्रेस-13-27 सीटेंअन्य-00 सीटेंबीजेपी-44फीसदीकांग्रेस-41फीसदीअन्य-15फीसदी​बीजेपी-27-31 सीटेंकांग्रेस- 23-27 सीटेंअन्य- 0सीटेंबीजेपी-46फीसदीकांग्रेस-39फीसदीअन्य-15फीसदी​बीजेपी-23-27 सीटेंकांग्रेस- 06-10सीटेंअन्य-01-03सीटेंबीजेपी-45 फीसदीकांग्रेस-42 फीसदीअन्य-13 फीसदीबीजेपी-30से 34 सीटेंकांग्रेस- 18 से 22 सीटेंअन्य-0-2 सीटें​​पिछले चुनाव से इस बार के वोट शेयर की तुलना करें तो 2012 मे बीजेपी को 50 परसेंट वोट मिले थे जो इस बार 5 परसेंट घटकर 45 परसेंट हो सकता है। जबकि कांग्रेस को 2012 में 40 परसेंट वोट मिले थेजो इस बार 2 परसेंट बढ़कर 42 परसेंट हो सकता है। A. हार्दिक से पटेल नाराज़ 24% B. हार्दिक से सहानुभूति बढ़ी 16% C. कोई असर नहीं 60% A. कांग्रेस की चाल में फंसे हार्दिक 26% C. हार्दिक का डबल गेम 16% D. कांग्रेस में शामिल हों हार्दिक 22% F. सबको फैसले की आजादी दें हार्दिक 23% A. कांग्रेस लड़ाई में वापस आयी 37% B. फ्लॉप शो, हालात नहीं बदलेंगे 39% C. CM का एलान करें तो फायदा होगा 24% A. बेचैन है कांग्रेस, फायदा नहीं 45% B. अच्छा कदम, फायदा मिलेगा 55% A. हां, कांग्रेस को बड़ा फायदा 47% B. तीनों जातियां साथ नहीं आएंगी 09% C. BJP काफी मज़बूत, असर नहीं होगा 34% D. पता नहीं 10%​केंद्रीयमंत्रीगिरिराजसिंहनेइंडियाटीवीसे बातकरतेहुए कहा किओपिनियनपोलचाहेकुछ भी कहेगुजरातकीजनताको प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदीपरपूराभरोसाहै। 150 केआंकड़ेहमपूराकरेंगे।जो लोगछटपटारहे हैंउनकापोल खुलचुकाहै।पहलीबारकांग्रेसपार्टीके कुछनहींहै।सबकुछआउटसोर्सकियाहुआ है। ननेताउनकेपास है नकार्यकर्ताहै।वहींराममंदिरऔरअयोध्याकेसवालपरउन्होंनेकहा किरामभारतकीअस्मिताहैं, इसमुद्देपर जब भीजरूरतपड़ेगीहमबोलेंगे।मईकोहैमासिकदुर्गाष्टमीजानिएशुभमुहूर्तऔरपूजनविधिSGB: कल से सस्ता सोना खरीदने का मौका, 24 जून तक उठा सकते हैं फायदा******SGBHighlightsसरकारी स्वर्ण बॉन्ड (एसजीबी) योजना 2022-23 की पहली श्रृंखला खरीद के लिये 20 जून से पांच दिनों के लिए खुलेगी। इसके लिए निर्गम मूल्य 5,091 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सरकारी स्वर्ण बॉन्ड (एसजीबी) योजना 2022-23 की पहली श्रृंखला खरीद के लिये 20 से 24 जून, 2022 के बीच खुलेगी। केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, ‘‘स्वर्ण बांड का निर्गम मूल्य 5,091 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। आरबीआई ने कहा, ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से स्वर्ण बांड के लिये आवेदन और भुगतान करने वाले निवेशकों के लिये निर्गम मूल्य 50 रुपये प्रति ग्राम कम होगा। इस तरह के निवेशकों के लिए स्वर्ण बांड का निर्गम मूल्य 5,041 रुपये प्रति ग्राम है। स्वर्ण बॉन्ड योजना 2022-23 की दूसरी श्रृंखला आवेदन के लिए 22 से 26 अगस्त के दौरान उपलब्ध होगी।केंद्रीय बैंक दरअसल भारत सरकार की तरफ से बांड जारी करता है। ये निवासी व्यक्तियों, अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ), न्यासों, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थाओं को ही बेचे जा सकते है। पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में कुल 12,991 करोड़ रुपये मूल्य के 10 किस्तों में एसजीबी जारी किये गये थे। अभिदान की अधिकतम सीमा व्यक्तियों के लिए चार किलोग्राम, एचयूएफ के लिए चार किलोग्राम और न्यासों तथा समान संस्थाओं के लिए 20 किलोग्राम है। सोने की भौतिक मांग को कम करने के इरादे से सबसे पहले गोल्ड बांड योजना नवंबर 2015 में लाई गई थी।केंद्रीय बैंक के अनुसार ये बॉन्ड स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नामित डाकघरों और एनएसई तथा बीएसई जैसे मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों के जरिए बेचे जाएंगे। योजना के तहत आम निवेशक न्यूनतम एक ग्राम सोना और अधिकतम चार किलो ग्राम सोना के लिये निवेश कर सकते हैं। हिंदु अविभाजित परिवार चार किलो और न्यास तथा इसी प्रकार की इकाइयां प्रत्येक वित्त वर्ष में 20 किलो के लिए आवेदन कर सकती हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर हर साल एक निश्चित ब्याज निवेशकों को मिलता है। इस ब्याज की दर 2.5 फीसदी सालाना तय की गई है। यह ब्याज छमाही आधार (Half yearly basis) पर निवेशक को प्राप्त हो जाता है।वित्त वर्ष 2021-22 और 2020-21 में कुल 29,040 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई, जो कुल जुटाई गई राशि का लगभग 75 प्रतिशत है। आरबीआई ने 2021-22 के दौरान एसजीबी की 10 किस्तें जारी कर 12,991 करोड़ रुपये (27 टन) की कुल राशि जुटाई। केंद्रीय बैंक ने 2020-21 में एसजीबी की 12 किस्तें जारी कर 16,049 करोड़ रुपये (32.35 टन) की कुल राशि जुटाई। मुंबई स्थित निवेश सलाहकार फर्म कैरोस कैपिटल के संस्थापक और प्रबंध निदेशक ऋषद मानेकिया ने कहा कि एसजीबी को भौतिक सोना रखने के विकल्प के रूप में देखा जा सकता है और इसमें निवेश करके प्रतिफल भी मिलता है। इसके सरकार द्वारा समर्थित होने और सुरक्षा की दृष्टि से यह फायदेमंद विकल्प है।

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