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Iran America Fight: इंटरनेशनल कोर्ट में एक दूसरे के आमने-सामने आए ईरान और अमेरिका, आखिर क्या है मामला

2022-10-04 12:25:15 चेंगमाई काउंटी

इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाEPFO ने अप्रैल-अगस्त के दौरान 35,445 करोड़ रुपये के 94.41 लाख दावों का निपटारा किया******EPFO settles 94.41 lakh claims during April-Augustनई दिल्ली। सेवानिवृत्ति कोष का परिचालन करने वाली संस्था कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच माह के दौरान कुल मिलाकर 35,445 करोड़ रुपये के 94.41 लाख भविष्य निधि दावों का निपटारा किया है। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से अगस्त अवधि के दौरान ईपीएफओ ने पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 32 प्रतिशत अधिक दावों का निपटारा किया है। वहीं इस दौरान वितरित की गई राशि में भी करीब 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।श्रम मंत्रालय के वक्तव्य के मुताबिक, ‘‘कोविड- 19 महामारी के कारण लागू प्रतिबंधों के बावजूद ईपीएफओ 94.41 लाख दावों का निपटारा करने में सफल रहा है। इन दावों के तहत ईपीएफओ ने अपने सदस्यों को अप्रैल से अगस्त 2020 के दौरान 35,445 करोड़ रुपये की राशि वितरित की।’’ कोरोना वायरस संकट के दौरान फंड से जुड़े सदस्यों की नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिये ईपीएफओ ने कोविड- 19 अग्रिम और बीमारी संबंधी दावों को निपटाने की प्रक्रिया काफी तेज की है। इन दोनों श्रेणियों के तहत उसने दावों का निपटान स्वत: मंजूरी प्रणाली के जरिये तेजी से करने की शुरुआत की। इन दोनों श्रेणियों --कोविड- 19 अग्रिम और बीमारी सबंधी दावे- में स्वत: मंजूरी की इस प्रक्रिया में दावों के निपटान में मात्र तीन दिन लगते हैं। जबकि सांविधिक तौर पर दावों के निपटान के लिये 20 दिन का समय होता है। वक्तव्य के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2020 के दौरान जितने भी भविष्य निधि दावों का निपटारा किया गया उनमें से 55 प्रतिशत दावे कोविड- 19 अग्रिम लेने वाले थे जबकि 33 प्रतिशत दावे बीमारी से जुड़े दावों के थे। इनमें ज्यादातर आवेदनकर्ता 15,000 रुपये से कम की वेतन श्रेणी वाले थे। संकट की इस स्थिति में भविष्य निधि कोष से समय पर नकदी मिलने से निम्न कमाई वाले कर्मचारी कर्ज जाल में फंसने से बच गये और गरीबों को सामाजिक सुरक्षा समर्थन प्राप्त हुआ।

इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलालता मंगेशकर ने आज से 80 साल पहले गाया था रेडियो पर गाना, बचपन की तस्वीर शेयर कर उन पलों को किया याद******Highlightsदिग्गज गायिका लता मंगेशकर ने आज के दिन 80 साल पहले रेडियो के स्टूडियो में गाना गाया था। इस खास दिन को याद करने के लिए लता मंगेशकर ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। अपने ट्विटर हैंडल पर, 92 साल की गायिका ने एक नोट लिखा, "16 दिसम्बर 1941 को, ईश्वर का, पूज्य माई और बाबा का आशीर्वाद लेकर मैंने रेडिओ के लिए पहली बार स्टूडियो में दो गीत गाए थे।"इसके अलावा, उन्होंने अपने प्रशंसकों को उनके प्यार और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा, "आज इस बात को 80 साल पूरे हो रहे हैं. इन 80 सालों में मुझे जनता का असीम प्यार और आशीर्वाद मिला है, मुझे विश्वास है की आपका प्यार,आशीर्वाद मुझे हमेशा यूंही मिलता रहेगा।"इस नोट के साथ दिग्गज सिंगर ने अपने बचपन की ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर को पोस्ट किया है।इस पोस्ट के रिएक्शन में तमाम फैंस के प्यार भरे मैसेज लता मंगेशकर को मिल रहे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, "प्यार और स्नेह लता जी, आपके द्वारा गाए सभी गानों के लिए धन्यवाद, भगवान आपका भला करे।"एक अन्य ने कहा, "लता दीदी, आपके जैसा कोई नहीं था और न ही कोई होगा... द गोल्डन वॉयस।"1942 में अपने करियर की शुरुआत करने वाली लता मंगेशकर को भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कारों से नवाजा गया है।वह 'आएगा आने वाला', 'ऐ मेरे वतन के लोगों' और 'बाबुल प्यारे' जैसे मशहूर गानों को अपनी आवाज दे चुकी हैं। उन्होंने 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में 25,000 से अधिक गाने गाए हैं।इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाचीन को झटका, रेलवे ने 44 वंदे भारत ट्रेनों के टेंडर किए कैंसिल, अब मेक इन इंडिया को मिलेगी तरजीह******रेलवे चीन को एक बड़ा झटका दिया है। रेलवे ने देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत के 44 सेट के टेंडर रद्द कर दिए है। अब रेलवे नई पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी के तहत वंदे भारत ट्रेन के​ निर्माण के लिए टेंडर जारी करेगी। इस पॉलिसी के तहत सरकार ने मेक इन इंडिया को तरजीह देने को अनिवार्य कर दिया है। रेलवे का यह कदम चीन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। बता दें कि वंदे भारत ट्रेन के निर्माण में चीन की एक बड़ी भूमिका है।रेलवे के अनुसार 44 वंदे भारत ट्रेनों के सेट के निर्माण से जुड़े टेंडर रद्द किए गए हैं। नए टेंडर की प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू की जाएगी। इस नई प्रक्रिया में नई पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी के तहत मेक इन इंडिया को तरजीह दी जाएगी।चीन से बाहर निकलने के लिए उत्सुक कंपनियों को भारत की तरफ आकर्षित करने के लिए बनी सरकार की खास रणनीति काम कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को इन्सेंटिव के ऐलान के बाद देश में प्लांट लगाने के लिए करीब 2 दर्जन विदेशी कंपनियों ने निवेश के लिए इच्छा जताई है। इन कंपनियों में सैमसंग और एप्पल जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। इन कंपनियों की भारत में 150 करोड़ डॉलर यानि करीब 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।

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इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाफिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' से सामने आया अजय देवगन का फर्स्ट लुक******Highlightsसंजय लीला भंसाली की मैग्नम ऑप्स 'गंगूबाई काठियावाड़ी' से अजय देवगन का लुक रिलीज कर दिया गया है। अपने लुक में अजय देवगन ब्लेजर और सफेद पैंट-शर्ट में नजर आ रहे हैं। उन्होंने सिर पर टोपी और सन ग्लासेज भी लगा रखाहै। बता दें यह फिल्म इस साल 25 फरवरी को रिलीज की जाएगी। निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।ट्विटर पर फिल्म से अपना फर्स्ट लुक शेयर करते हुए अजय देवगन ने लिखा, "अपनी पहचान से चार चांद लगाने आ रहे हैं हम। ट्रेलर कल होगा रिलीज"संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' में आलिया ने अभिनेता अजय देवगन के साथ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भंसाली और देवगन ने साल 1999 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' में साथ काम करने के 22 साल बाद एक बार फिर साथ काम किया है।'गंगूबाई काठियावाड़ी' की भूमिका में आलिया भट्ट हैं। कहानी कमाठीपुरा में एक वेश्यालय की मैडम गंगूबाई काठियावाड़ी के जीवन पर आधारित है और यह मुंबई के हुसैन जैदी की किताब 'माफिया क्वीन्स' के एक अध्याय पर आधारित है। यह पहली बार है, जब भंसाली ने आलिया को निर्देशित किया है।पहले यह फिल्म 6 जनवरी को रिलीज की जानी थी। मगर इसी दौरान निर्माता एसएस राजामौली की मच अवेटेड पीरियड ड्रामा 'आरआरआर' रिलीज होने वाली थी। जिस वजह से 'गंगूबाई काठियावाड़ी' को 18 फरवरी को रिलीज करने का फैसला लिया गया। हालांकि, कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए एहतियातन इस फिल्म की रिलीज पर सस्पेंस बना हुआ था। मगर निर्माताओं ने पुष्टि कर दी है कि फिल्म अगले महीने सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाFace care tips: बिना वैक्सिंग चेहरे से हटाए अनचाहे बाल, बेहद सिंपल और आसान घरेलू नुस्खे****** बहुत सी लड़कियों के चेहरे पर बहुत बाल होते है जिसको हटवाने के लिए वो ब्युटी पार्लर में हजारों रुपये खर्च करती हैं साथ ही दर्द भी सेहन करती हैं। चेहरे से अनचाहे बालों को हटाने के लिए उन्हें ब्युटी पार्लर जाकर वैक्सिंग करानी पड़ती है तो कभी रेज़र का इस्तेमाल या शेविंग तक पड़ती है। अगर आप बिना वैक्सिंग, रेज़र या शेविंग के अपने फेस से अनचाहे बाल हटाना चाहती हैं तो उसके लिए हम आपको घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बेहद आसान हैं। आप घर पर आसानी से इन उपायों को आजमा सकती हैं।एक कटोरी में 1 से डेढ़ चम्मच बेसन ले लीजिए। इसमें आपको करीब 1/4 चम्मच (आधा चम्मच से भी कम) पिसी हुई फिटकरी मिला ले। अब इसमें गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। पेस्ट न गाढ़ा होगा और न ही पतला। इस पेस्ट को आपको हर दिन चेहरे के उन हिस्सों पर लगाना है, जहां अनचाहे बाल निकले हुए हैं। अगर आप इसे रोजाना नहीं लगाना चाहते हैं तो कम से कम हफ्ते में 2 बार लगाएं। करीब 10 मिनट बाद अपने हाथों को गीला कर लीजिए और चेहरे पर अच्छी तरह से रगड़िए। आपको सर्कुलर मोशन में हाथ चलाना है। इसके बाद चेहरे को नॉर्मल पानी से धो लीजिए।1 केले को छीलना है। फिर उसमें 3 चम्मच ओटमील मिलाएं। इसके बाद चेहरे पर सर्कुलर मोशन में 15 से 20 मिनट तक लगाते रहिए। अगर आप बेहतर नतीजा चाहती हैं तो इसे हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल करें।1 चम्मच गेहूं का आटा लीजिए। इसमें आधा चम्मच मुलेठी पाउडर मिलाएं। इसके बाद 2 चुटकी हल्दी। अब इसमें सरसों के तेल की कुछ बूंदे डालनी है। अगर आपको सरसों के तेल से किसी भी प्रकार की एलर्जी है तो आप नारियल या ऑलिव ऑइल डाल सकते हैं। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी मिलाते जाएं और गाढ़ा पेस्ट बनाएं। अब जिस जगह का बाल आप हटाना चाहती हैं, वहां इस पेस्ट को लगाएं। पेस्ट सूखने के बाद अपोजिट डायरेक्शन में इसे रगड़कर छुड़ाएं।कच्चे पपीता का एक टुकड़ा लीजिए और इसे मिक्सी में ग्राइंड कर लीजिए। इस पेस्ट में आधा चम्मच हल्दी मिलाएं और अपनी स्किन पर लगाएं। सूखने के बाद हल्के हाथों से रगड़ते हुए छुड़ा लें। चेहरे को पानी से धोएं। फेस वॉश का इस्तेमाल न करें। आप हफ्ते में 2 बार इसका प्रयोग कर सकती हैं।इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलापीएसजी के साथ 2025 तक जुड़े रहेंगे नेमार******पेरिस। फुटबॉल स्टार नेमार ने पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) के साथ अपने अनुबंध को बढ़ाया है, जिसके तहत वह अब 2025 तक क्लब के साथ जुड़े रहेंगे। ब्राजील के फॉरवर्ड खिलाड़ी 2017 में लीग-1 चैंपियन बार्सिलोना के साथ जुड़े थे।डीपीए की रिपोर्ट के अनुसार, नेमार के बार्सिलोना क्लब के साथ दोबारा जुड़ने की खबर चल रही थी, लेकिन उन्होंने पीएसजी के साथ रहने का निर्णय लिया।नेमार ने कहा, "पीएसजी के साथ 2025 तक अनुबंध बढ़ाकर मैं बहुत खुश हूं। सच यह है कि मैं क्लब के साथ अगले चार साल जुड़कर खुश हूं। मैं इस दौरान ज्यादा से ज्यादा खिताब जीतने और हमारा सबसे बड़ा सपना चैंपियंस लीग जीतने की कोशिश करूंगा।"पीएसजी के साथ उनका भविष्य संकट में आने के बाद नेमार के बार्सिलोना के साथ जुड़ने की संभावना तेज हो गई थी।नेमार ने कहा, "मुझमें काफी परिवर्तन आया है और मैंने काफी कुछ सीखा है। ऐसी चीजें हो रही थी, जिसे नहीं होना चाहिए था। हमारी लड़ाई हुई और कुछ खराब समय आया, लेकिन अंत में सबकुछ सकारात्मक रहा।"

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इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलादेश में ईंधन की मांग फरवरी में 3.8 प्रतिशत बढ़ी, मुफ्त रसोई गैस कनेक्‍शन से केरोसीन की मांग घटी******fuel demand rose in india देश में फरवरी में एक साल पहले की तुलना में 3.8 प्रतिशत बढ़ी। पेट्रोल और डीजल के उपयोग में निरंतर वृद्धि के साथ-साथ मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने से एलपीजी की मांग बढ़ने के कारण कुल मिलाकर ईंधन की मांग बढ़ी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के आंकड़े के अनुसार फरवरी में पेट्रोलियम ईंधन की खपत 1.74 करोड़ टन रही। पिछले साल इसी महीने में खपत 1.67 करोड़ टन थी। यह लगातार तीसरा महीना है जब ईंधन की खपत बढ़ी है।आम चुनावों के चलते भी पेट्रोलियम ईंधन की मांग बढ़ने का अनुमान है।पेट्रोलियम उत्पादों के खुदरा दाम कम होने से पेट्रोल खपत इस दौरान 8 प्रतिशत बढ़कर 22.5 लाख टन रही। इसी बीच हर घर को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना से एलपीजी की मांग भी 14.2 प्रतिशत बढ़कर 22 लाख टन रही।देश में सर्वाधिक खपत होने वाले ईंधन डीजल की खपत आलोच्य महीने में 2.7 प्रतिशत बढ़कर 67 लाख टन रही।आम चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों के अगले दो महीनों में बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार को देखते हुए परिवहन ईंधन की मांग बढ़ने की संभावना है। देश में आम चुनाव 11 अप्रैल से सात चरणों में होंगे।फरवरी महीने में विमान ईंधन बिक्री 10.5 प्रतिशत बढ़कर 6,80,000 टन रही।स्वच्छ ईंधन एलपीजी को बढ़ावा देने से केरोसीन उपयोग आलोच्य महीने में इससे पूर्व वर्ष के 12 प्रतिशत घटकर 2,72,000 टन रहा।बिजली मांग बढ़ने से नाफ्था बिक्री 25.2 प्रतिशत बढ़कर 12.8 लाख टन रही जबकि पेट्रोलियम कोक की खपत 15.3 प्रतिशत घटकर 15.8 लाख टन रही।इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाचीन ने पैंगोंग सो से 4 KM ईस्ट में रडार लगाए, भारत की हर गतिविधि पर रखना चाहता है नजर******चीन के साथ LAC पर तनाव जरूर कुछ कम हुआ है लेकिन एक्सपर्ट्स लगातार ये कह रहे हैं कि चीन पर विश्वास नहीं किया जा सकता। इसकी वजह भी है, एक तरह जहां चीन पीछे हटने की बात कर रहा है वहीं दूसरी तरफ उसने के चार किलोमीटर ईस्ट में Khurnak fort के पास ड्रॉप टारगेट acqisiton रडार लगाए। ये जगह नॉर्दन बैंक पेंगोंग सौ पर है। यहां से चीन भारत की हर एक गतिविधि को मॉनिटर करना चाहता है और कर रहा है।सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, चीन लोकल लोगों के ज़रिए लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल की रेकी करवा रहा है। इन सभी को इनके बॉर्डर गार्डिंग सिक्योरिटी या फिर पब्लिक गार्डिंग सिक्योरिटी के जवानों ने अपनी जैकेट सामान और अलग अलग कपड़े दिए हैं। इन कपड़ों पर चाइनीज़ भाषा में पब्लिक गार्डिंग सिक्योरिटी लिखा हुआ है।चीनी लोगों को चीनी फ़ौज सारा सामान दे रही है ताकि वो दिन और रात लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल की निगरानी करने में साथ दे सके। इंडिया TV कोई भी जानकारी मिली है कि चीन ने अपने 73 एविएशन ब्रिगेड के साथ अभ्यास किया है, लेकिन सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण चीन की इंजीनियरिंग रेजिमेंट की एक्सरसाइज है इसमें 40 मिनट के अंदर पंटून ब्रिज बनाने की पूरी तैयारी। इन्होंने तिब्बत के इलाक़े में किया है। ये इलाक़ा ल्हासा के पास है, ये कुल मिलाकर 90 किलोमीटर वेस्ट में ल्हासा से पड़ता है।

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इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाअसम: हिंदू, जैन, सिख बहुसंख्या वाले इलाकों और मंदिर से 5 किमी तक मवेशी काटने पर बैन******असम के मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा में एक विधेयक पेश किया जिसका उद्देश्य राज्य के उन हिस्सों में मवेशी का वध और बिक्री पर रोक लगाना है जहां हिंदू, जैन और सिख बहुसंख्या में हैं। इस विधेयक में उचित दस्तावेज के अभाव में मवेशियों के एक जिले से दूसरे जिले और असम के बाहर परिवहन को भी अवैध बनाने का प्रस्ताव है। नए प्रस्तावित कानून-असम मवेशी संरक्षण विधेयक 2021 के तहत अपराध गैर-जमानती होंगे।सरमा ने सदन में विधेयक पेश करने के बाद यह भी उल्लेखित किया कि "नए कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मवेशियों के वध की उन क्षेत्रों में अनुमति नहीं दी जाए जहां मुख्य रूप से हिंदू, जैन, सिख और बीफ नहीं खाने वाले समुदाय रहते हैं अथवा वे स्थान किसी मंदिर और अधिकारियों द्वारा निर्धारित किसी अन्य संस्था के पांच किलोमीटर के दायरे में आते हैं।"उन्होंने कहा कि कुछ धार्मिक अवसरों के लिए छूट दी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एक नया कानून बनाने और पूर्व के असम मवेशी संरक्षण अधिनियम, 1950 को निरस्त करने की आवश्यकता थी जिसमें मवेशियों के वध, उपभोग और परिवहन को विनियमित करने के लिए पर्याप्त कानूनी प्रावधानों का अभाव था। अधिनियमित हो जाने पर कानून किसी व्यक्ति को मवेशियों का वध करने से निषिद्ध करेगा, जब तक कि उसने किसी विशेष क्षेत्र के पंजीकृत पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया हो।विधेयक के अनुसार पशु चिकित्सा अधिकारी केवल तभी प्रमाण पत्र जारी करेगा जब उसकी राय में मवेशी, जो कि गाय नहीं है और उसकी आयु 14 वर्ष से अधिक हो। किसी गाय, बछिया या बछड़े का तभी वध किया जा सकता है जब वह स्थायी रूप से अपाहिज हो। विधेयक के अनुसार साथ ही, उचित रूप से लाइसेंस प्राप्त या मान्यता प्राप्त बूचड़खानों को मवेशियों को काटने की अनुमति दी जाएगी। यदि अधिकारियों को वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो नया कानून राज्य के भीतर या बाहर गोवंश के परिवहन पर रोक लगाएगा।हालांकि, एक जिले के भीतर कृषि उद्देश्यों के लिए मवेशियों को ले जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। जिले के भीतर बिक्री और खरीद के उद्देश्य से पंजीकृत पशु बाजारों के लिए मवेशियों के परिवहन के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम तीन साल की कैद या 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। नए कानून के तहत अगर कोई दोषी दूसरी बार उसी या संबंधित अपराध का दोषी पाया जाता है तो सजा दोगुनी हो जाएगी। कानून पूरे असम में लागू होगा और 'मवेशी' शब्द बैल, बछिया, बछड़े, भैंस, भैंसा और भैंस के कटड़ों पर लागू होगा।

इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाAgnipath Scheme Protest: दिल्ली में ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ प्रदर्शन, सुरक्षा कारणों से इन मेट्रो स्टेशनों के गेट किए बंद******Highlights सशस्त्र बलों में भर्ती की केंद्र की नयी योजना ‘अग्निपथ’ के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन () के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार शुक्रवार को बंद कर दिए गए। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए यात्रियों को ''सुरक्षा कारणों'' से स्टेशनों के द्वार बंद होने के बारे में जानकारी दी। आइसा के सदस्यों ने ‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस के रवैये के खिलाफ भी प्रदर्शन किया। ने ट्वीट कर ताजा जानकारी दी कि ''सुरक्षा कारणों'' के चलते शुरुआत में आईटीओ मेट्रो स्टेशन और ढांसा बस स्टैंड मेट्रो स्टेशन के कुछ दरवाजे बंद किए गए। बाद में ढांसा बस स्टैंड के सभी द्वार कुछ देर के लिए बंद कर दिए गए। इससे पहले, डीएमआरसी ने दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर ट्वीट किया, ‘‘आईटीओ मेट्रो स्टेशन के सभी द्वार बंद हैं।’’ डीएमआरसी ने कहा कि दिल्ली गेट और जामा मस्जिद सहित कुछ अन्य मेट्रो स्टेशन के प्रवेश एवं निकास द्वार भी कुछ समय के लिए बंद किए गए।सरकार ने मंगलवार को अग्निपथ योजना की घोषणा की थी। सरकार ने कहा था कि साढ़े 17 से 21 वर्ष के युवाओं को चार साल के लिए थल, वायु और नौसेना में भर्ती किया जाएगा और चार साल के बाद उनमें से 25 प्रतिशत को नियमित सेवाएं देने का अवसर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को सरकार ने योजना के लिये ऊपरी आयु सीमा को 2022 के लिये 21 से बढ़ाकर 23 वर्ष करने की घोषणा की, लेकिन योजना को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी हाथ में तख्ती लिए नजर आए, जिस पर ‘‘सशस्त्र बलों में रिक्त सभी पदों पर तत्काल स्थायी आधार पर भर्ती हो’’, ‘‘अग्निपथ योजना वापस लें’’ और ‘‘(प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी सरकार जाग जाओ’’ लिखा था।ITO पर नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने, ‘‘अग्निपथ वापस लो, तानाशाही नहीं चलेगी’’ के नारे लगाए। छात्रों के समूह ने दावा किया कि उसके कई सदस्यों को विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 17 से 18 युवक विरोध प्रदर्शन के लिये आईटीओ पर जमा हुए। उन्हें हिरासत में लेकर तत्काल इलाके से हटा दिया गया। आइसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन. साई बालाजी ने कहा, ‘‘हम अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इससे रक्षा क्षेत्र में नौकरियों संविदा आधारित हो जाएंगी। मोदी सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए शर्म आनी चाहिए।’’इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाम्यूचुअल फंड्स के इन फेवरेट शेयरों ने दिया 900% तक का रिटर्न, आपके पास भी है मौका******इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की बड़ी खरीदारी के दम पर और के शेयरों ने पिछले 3 साल में 900 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। अब सवाल उठता है कि क्या अभी भी इन शेयरों में निवेश का मौका है। इस पर एक्सपर्ट्स कहते है कि ये सभी कंपनियों के फंडामेंट बेहद स्ट्रॉन्ग है और आने वाले समय में आर्थिक ग्रोथ तेज होने का फायदा इन कंपनियों को भी मिलेगा। लिहाजा निवेशक लॉन्ग टर्म के लिए इन शेयरों पर दांव लगा सकत है।इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने पिछले 3 साल में KNR कंस्ट्रक्शन, इंडियन टेरेन, सद्भाव इंजीनियरिंग, इक्विटास होल्डिंग्स और एस्ट्रामाइको में इक्विटी म्युचूअल फंड्स में कुल 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। बीएसई पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान इन फंड्स की कंपनियों में हिस्सेदारी 26-30 फीसदी तक पहुंच गई है।बाजार के जानकारों का कहना है कि मोदी सरकार बनने के बाद बड़े रिफॉर्म की उम्मीद के चलते एमएफ ने इन शेयरों में खरीदारी की है। साथ ही, इन कंपनियों की आय और मुनाफे में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है।मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एमडी और सीईओ रजत राजगढ़िया का कहना है कि बाजार में घरेलू संस्थागत निवेशकों का पैसा लगाना चालू रहेगा। राज्यों के चुनावों में बीजेपी की जोरदार जीत के बाद FIIs (विदेशी निवशकों) का भारत पर भरोसा बढ़ गया है। लिहाजा आने वाले शेयर में विदेशी निवेशक भारत में निवेश बढ़ाएंगे।मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक आने वाले दिनों में बाजार के फंडामेंटल और एफआईआई निवेश में कोई तब्दील होती नजर नहीं आ रही है। एशियाई बाजारों में ताइवान और कोरिया के अलावा भारतीय बाजारों में एफआईआई निवेश बढ़ रहा है। अगले 2-3 महीनों तक एफआईआई निवेश के इस रुख में कोई बदलाव की गुंजाइश नजर नहीं आ रही है।ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी KNR कंस्ट्रक्शन पिछले 3 साल से म्युचूअल फंड्स का फेवरेट स्टॉक है। इस दौरान कंपनी के शेयर ने 900 फीसदी का बड़ा रिटर्न दिया है। एनालिस्ट कहते है कि दिसंबर 2016 तक कंपनी की कुल ऑर्डरबुक 4240 करोड़ रुपए की थी, जो कि फाइनेंशियल ईयर 2015-16 की कुल आय का 4.6 गुना है।कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में 1300 करोड़ रुपए की आय का लक्ष्य रखा है। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के लिए आय का लक्ष्य बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपए कर दिया है।इंडियन टेरेन का शेयर पिछले तीन साल में 471 फीसदी तक चढ़ गया है। मार्च तिमाही में एमएफ की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 25.23 फीसदी हो गई है। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2010-11 से 2015-16 तक कंपनी की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) 21 फीसदी रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आगे भी कंपनी के शेयर में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है, क्योंकि लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है।इक्विरस सिक्योरिटीज ने सद्भाव इंजीनियरिंग के शेयर 379 रुपए के टारगेट प्राइस के साथ खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि सद्भाव ग्रुप ने हाइब्रिड एन्युइटी प्रोजेक्ट्स में 11 फीसदी मार्केट हिस्सेदारी हासिल कर ली है। उसने कहा कि इरिगेशन और नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पुराने ईपीसी प्रोजेक्ट्स को लेकर कंपनी पर कुछ दबाव है। इससे उसके मार्जिन पर बुरा असर पड़ा है। हालांकि, हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स की बढ़ती हिस्सेदारी से कंपनी के मार्जिन में बढ़ोतरी हो सकती है।ट्रेड स्विफ्ट ब्रोकिंग के संदीप जैन का कहना है कि एनबीएफसी और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों में काफी तेजी बाकी है। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में भी ग्रोथ रेट जबर्दस्त है। इक्विटास जैसी कंपनियों में काफी वैल्यू है और इनमें खरीदारी करनी चाहिए।सेठी फिनमार्ट के विकास सेठी के मुताबिक डिफेंस सेक्टर अच्छा लगता है, लेकिन इसमें रिलायंस डिफेंस में खरीद की सलाह नहीं होगी। बड़ी कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स तो पसंद है ही लेकिन अगर छोटी डिफेंस कंपनियों में देखें तो एस्ट्रा माइक्रोवेव पसंदीदा शेयर है।

इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाMamata Banerjee: ईडी द्वारा जब्त किए गए करोडों रुपए के साथ ममता बनर्जी का पोस्टर बनाना बीजेपी कार्यकर्ता को पड़ा भारी, हुआ गिरफ्तार******Highlights पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर के साथ हाल में ईडी द्वारा जब्त की गई नकदी की तस्वीर लगाने और उसका पोस्टर बनाने के आरोप में, भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार को पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। दरअसल बीजेपी कार्यकर्ता ने जिन पैसों के साथ ममता बनर्जी का फेक पोस्टर बनाया था, उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्कूल भर्ती घोटाले के संबंध में अर्पिता मुखर्जी के घर छापेमारी कर बरामद किया था। ईडी ने बरामद की गई नकदी की तस्वीर ट्वीट की थी, जिसे कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ता ने ममता बनर्जी की तस्वीर के साथ लगा कर पोस्टर बनाया था।अधिकारी ने कहा कि बेहला पुलिस थाने के अधिकारियों ने मंगलवार को बीजेपी कार्यकर्ता काजल भौमिक को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें जानकारी मिली थी कि काजल भौमिक ने मुख्यमंत्री की तस्वीर पर दूसरी तस्वीर लगाई और पोस्टर बनाया। हमने पोस्टर जब्त कर लिए हैं और उन्हें विश्लेषण के लिए भेज दिया है।” उन्होंने कहा कि जांच जारी है।"शिक्षक भर्ती घोटाले से संबंधित छापेमारी के दौरान ईडी ने करीब 20 करोड़ रुपये की बड़ी रकम बरामद की थी। इस दौरान बंगाल सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से 20 करोड़ रुपये कैश मिला था। माना जा रहा है कि ये कैश एसएससी घोटाले हुई कमाई से जुड़ा हो सकता है। इतनी भारी मात्रा में कैश मिलने के बाद कैश काउंट करने के लिए सर्च टीम बैंक अधिकारियों की मदद तक ली गई थी। ईडी ने अर्पिता मुखर्जी के परिसरों से 20 से ज्यादा मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिसके उद्देश्य और उपयोग का पता लगाया जा रहा है। इसके अलावा, घोटाले से जुड़े दूसरे आरोपियों के परिसरों से कई अन्य दस्तावेज, रिकॉर्ड, संदिग्ध कंपनियों का विवरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, विदेशी मुद्रा और सोना भी बरामद किया गया है।अर्पिता मुखर्जी ने 6 उड़िया फिल्मों में अभिनय किया है, जिसमें ‘बंदे उत्कल जननी’ और ‘प्रेम रोगी’ शामिल है, ये दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं। उन्होंने चंद्रचूड़ सिंह द्वारा सह-अभिनीत ‘केमिटी ए बंधन’ (2011) और अनुभव मोहंती के साथ वर्ष 2010 की फिल्म ‘मु काना एते खराप’ (2010) में भी अभिनय किया। उनकी आखिरी उड़िया फिल्म 2012 में 'राजू आवारा' आई थी। मुखर्जी की बंगाली फिल्मों जैसे 'भूत इन रोजविल', 'जीना द एंडलेस लव', 'बिदेहर खोंजे रवींद्रथ', 'मामा भगने' और 'पार्टनर' में छोटी भूमिकाएं थीं, लेकिन वह वर्ष 2014 के बाद से फिल्मों में नहीं देखी गईं। भाजपा नेता और फिल्म निर्माता संघमित्रा चौधरी ने कहा कि उन्होंने मुखर्जी को वर्ष 2013 से पहले तीन फिल्मों में भूमिका दी थी।इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाकांग्रेस अब 2019 भूल जाए, मुश्किल हालात में BJP को जीत मिली: आनंदी बेन पटेल****** गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री बीजेपी की कद्दावर नेता ने कहा कि यह मुश्किल हालात में मिली जीत है। हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी। तीन नए नेता हमें चुनाव हराने में जुटे थे। उन्होंने विश्वास जताया कि हम 110 के आसपास सीट जीतकर प्रदेश में एकबार फिर सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी कमियां रह गई हैं उसपर हमलोग बैठकर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब 2019 भूल जाए और 2024 की तैयारी करे।आनंदीबेन पटेल ने हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश का नाम लिए बिन कहा कि तीन लड़कों ने बीजेपी को चुनाव हराने के लिए पूरी जोड़-तोड़ की लेकिन बीजेपी के कार्यकर्ताओं और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेहनत का नतीजा है कि हम गुजरात में जीत की ओर बढ़ रहे हैं। आनंदी बने पटेल ने कहा कि हमें अपनी कमियों पर भी आत्ममंथन करने की जरूरत होगी। क्योंकि सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हम पिछड़े हैं।आपको बता दें कि ​अभी तक कुल 182 सीटों के रुझानआ गए हैं।वहीं कुछ सीटों के नतीजे भी आ गए हैं जिनमें बीजेपी बढ़त बनाए हुए है। रुझानोंमें बीजेपीबहुमत के आंकड़ों से आगे चल रही है। ताज आंकड़ों के मुताबिकबीजेपी105 सीटों पर बढ़तबनाए हुए है वहीं कांग्रेस71 सीटों पर आगे चल रही है जबकि 6 सीटें अन्य के खाते में गई है। कांग्रेस के कद्दावर नेताअर्जुन मोडवाडिया पोरबंदर सीट से अपना चुनाव1800 वोटों से हार गए हैे।सूबे से सीएम विजय रुपाणीराजकोट पश्चिम सीट से करीब 25 हजार वोटों से चुनावजीत चुके हैं।​

इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलाशेयर बाजार में गिरावट, शुरुआती कारोबार में Sensex 309 अंक लुढ़का व Nifty की भी कमजोर शुरुआत******घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, Sensex में 272 अंक गिरावट व Nifty 11,310 से भी नीचे सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आज सोमवार(22जुलाई)को देश के शेयर बाजार में तेज गिरावट का रुख है। शुरुआती कारोबार में ही सुबह 9.53 बजे प्रमुख सूचकांक की गिरावट बढ़कर 309.49 अंकों तक पहुंच गई और यह 38,027.52 पर कारोबार करते देखा गया। भी लगभग इसी समय 84.75 अंकों की कमजोरी के साथ 11,334.50 पर कारोबार करते देखा गया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 3.49 अंकों की गिरावट के साथ 38,333.52 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 26.4 अंकों की कमजोरी के साथ 11,392.85 पर खुला।घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली तथा कच्चा तेल में तेजी से सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 26 पैसे गिर गया और 69.06 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। कारोबारियों ने कहा कि विदेशी बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मजबूत होने तथा विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भी रुपये पर दबाव रहा।शुक्रवार को रुपया 68.80 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को 950.15 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।पिछले कारोबारी सत्र में बीते शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। बंबई स्‍टॉक एक्‍सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 560.45 अंक गिरकर 38,337.01 अंक पर बंद हुआ था। वहीं नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का निफ्टी 177.65 अंक टूटकर 11,419.25 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजारों का यह पिछले दो महीने का सबसे निचला बंद स्तर था। निफ्टी 10 हफ्ते के निचले स्‍तर पर पहुंच गया है।इंटरनेशनलकोर्टमेंएकदूसरेकेआमनेसामनेआएईरानऔरअमेरिकाआखिरक्याहैमामलामहामारी में आजीविका खोने वाले डांस टीचर की दिल्ली पुलिस ने दूसरी नौकरी पाने में की मदद****** पिछले साल कोरोना महामारी के कारण मुंबई में आजीविका खोने के बाद परेशान 44 वर्षीय नृत्य शिक्षक बालाजी सावलकर नई शुरुआत के मकसद से दिल्ली आ गए। लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में उन्हें नृत्य सीखने वाला कोई नहीं मिला। ऐसे हालात में ने एक रेस्तरां में नौकरी पाने में उनकी मदद की। पैसे खत्म होने पर सावलकर ने दिल्ली के एक रैन बसेरा (बेघर लोगों के लिए बना आश्रय गृह) में रहना शुरू किया।सावलकर ने कहा कि वह एक पेशेवर नर्तक हैं और पिछले 20 सालों से प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्ष 2013 में मुंबई के साकी नाका में ‘बाली स्टेप ऑफ डांस क्लासेज’ नाम से एक नृत्य अकादमी खोली थी। सावलकर ने कहा कि उनकी ‘बाली इवेंट्स एंड एंटरटेनमेंट एलएलपी’ नाम की एक पंजीकृत कंपनी भी है, लेकिन इसे अभी बंद कर दिया है। सावलकर ने कहा कि मुंबई में उनका एक नृत्य संस्थान था, लेकिन कोविड-19 के कारण इसे बंद करना पड़ा, क्योंकि परिसर किराये पर था।उन्होंने कहा कि मुंबई से बाहर निकलने पर वह ओडिशा और बिहार सहित विभिन्न स्थानों पर चार-पांच छात्रों के घर गए। सावलकर ने कहा कि वह नई अकादमी खोलने की संभावना तलाश रहे थे, लेकिन हर जगह स्थिति एक जैसी दिखी। वह चार नवंबर को दिवाली पर ट्रेन से दिल्ली पहुंचे, तो शुरू में बंगला साहिब गुरुद्वारा में रहना शुरू किया, लेकिन पैसे खत्म होने के बाद रैन बसेरा में रहने चले गए। सावलकर ने कहा कि एक दिन थाना प्रभारी रैन बसेरा में आए और उनको तथा कुछ अन्य लोगों को नौकरी तलाशने में मदद करने की बात कही। इसके बाद सावलकर को कनॉट प्लेस स्थित रेस्तरां के पैकेजिंग विभाग में 18 जनवरी को 18 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी मिल गई।सावलकर का लक्ष्य नृत्य शिक्षक के पेशे को जारी रखना है, लेकिन नृत्य का काम नहीं मिलने तक काम करने का फैसला किया है। सावलकर ने कहा, ‘‘मैंने दो वर्ल्ड टूर किए हैं। मैंने बॉलीवुड के करीब हर अवॉर्ड शो में मशहूर अभिनेताओं के साथ प्रस्तुति दी है।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में उनकी शादी हुई, लेकिन लंबे समय तक नहीं चली और उन्हें आठ महीने के भीतर अलग होना पड़ा।(इनपुट- एजेंसी)

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