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आधी कीमत पर शराब खरीदने को ठेकों पर उमड़े लोग, जानिए कब तक मिलेगा buy 1 get 1 ऑफर

2022-10-04 05:53:02 चिज़ोऊ

आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरआर्थिक गतिविधियों में तेजी देखते हुए क्रिसिल ने जीडीपी गिरावट का अनुमान घटाया******क्रिसिल ने जीडीपी में गिरावट का अनुमान कम कियानई दिल्ली। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने आर्थिक गतिविधियों में उम्मीद से अधिक तेजी देखते हुए सोमवार को वित्त वर्ष 2020-21 के लिये सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट के अनुमान को कम कर 7.7 प्रतिशत कर दिया। इससे पहले, एजेंसी ने 9 प्रतिशत गिरावट का अनुमान जताया था। वहीं क्रिसिल ने आर्थिक वृद्धि के रास्ते में निम्न सरकारी व्यय को रोड़ा बताया है। स्टैन्डर्ड एंड पुअर्स (एस एण्ड पी) की इकाई ने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट के अनुमान को कम करने की मुख्य वजह दूसरी तिमाही में उम्मीद से अधिक तेजी से आर्थिक गतिविधियों का पटरी पर आना और त्योहारों के दौरान इसका जारी रहना है। क्रिसिल ने कहा कि महामारी के कारण जीडीपी में गिरावट आयी है। इससे जीडीपी के संदर्भ में स्थायी तौर पर 12 प्रतिशत नुकसान होगा।उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने 2020-21 के लिये आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट के अनुमान को संशोधित कर 7.5 प्रतिशत कर दिया है जबकि पूर्व में उसने 9.5 प्रतिशत गिरावट की आशंका जतायी थी। अन्य विश्लेषकों ने भी आर्थिक गतिविधियों के तेजी से पटरी पर आने को देखते हुए वृद्धि दर में गिरावट के पहले के अनुमान को संशोधित किया है। रेटिंग एजेंसी ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘दूसरी तिमाही में उम्मीद से अधिक तेजी से रिकवरी और त्योहारों के दौरान इसका जारी रहना संशोधन का कारण है। इसके अलावा कोविड-19 मामलों में कमी भी इसकी एक वजह है।’’ हालांकि, क्रिसिल ने कहा कि आर्थिक वृद्धि के लिये अपर्याप्त राजकोषीय खर्च एक रोड़ा बना हुआ है। कोविड-19 मामलों के फिर से बढ़ने, टीके की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता तथा दुनिया के कई देशों में संक्रमण के मामलों के बढ़ने के कारण वैश्विक आर्थिक रिकवरी को लेकर आशंका बनी हुई है। इसको देखते हुए सतर्क रुख रहने की जरूरत है। एजेंसी के अनुसार हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी वृद्धि दर 10 प्रतिशत रह सकती है। इसका कारण पिछले वित्त वर्ष में कमजोर तुलनात्मक आधार है।

आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरकबाड़ का कारोबार करते थे नवाब मलिक: पहले चुनाव में मिले थे सिर्फ 2620 वोट, फिर ऐसे हुई NCP में एंट्री******Highlightsमहाराष्ट्र की सियासत में प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक के एक्शन से जबरदस्त भूचाल आ गया है। उद्धव सरकार में मंत्री और NCP के वरिष्ठ नेता को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुई है। ईडी की टीम ने आज सुबह नवाब मलिक के घर पर छापा मारा। दावा है कि इस दौरान कई अहम दस्तावेज मिले, इसके बाद नवाब मलिक से ED की टीम ने पूछताछ शुरू की और दोपहर तीन बजे के करीब नवाब मलिक को ED ने गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल नवाब मलिक मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में हैं। मेडिकल टेस्ट के बाद मलिक को कोर्ट में पेश किया जा सकता है।आपको बता दें कि की सरकार में नवाब मलिक के पास अल्पसंख्यक, उद्यम और कौशल विकास का कैबिनेट मंत्रालय है। साथ ही वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं और पार्टी के मुंबई शहर के अध्यक्ष भी हैं। मलिक ने अपने करियर की शुरुआत एक कबाड़ी के तौर पर शुरू की थी और कुछ साल पहले तक वे इससे जुड़े रहे हैं।नवाब मलिक का जन्म 20 जून 1959 को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के उतरौला तालुका के एक गांव में हुआ था। नवाब मलिक का परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा था। परिवार के कुछ सदस्य कारोबार से जुड़े थे, इसलिए पूरा परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था। इनके परिवार का मुंबई में एक होटल था और परिवार के अन्य सदस्य कबाड़ के कारोबार से जुड़े थे। मलिक ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "हां, मैं कबाड़ीवाला हूं। मेरे पिता मुंबई में कपड़े और कबाड़ का कारोबार करते थे। विधायक बनने तक मैंने भी कबाड़ का कारोबार किया। मेरा परिवार अब भी वही करता है। मुझे इस पर गर्व है।"मलिक ने 21 साल की उम्र में 1980 में महजबीन से शादी। इस शादी से उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। मलिक के कारोबार को उनके बेटे और बेटियां मिल कर चला रहे हैं।नवाब मलिक ने अपना पहला लोकसभा चुनाव कांग्रेस की तरफ से गुरुदास कामत और भाजपा की तरफ से प्रमोद महाजन के खिलाफ 1984 में लड़ा था। उस समय मलिक की उम्र सिर्फ 25 साल थी। कामत को दो लाख 73 हजार वोट मिले और उन्होंने 95 हजार वोटों से प्रमोद महाजन को हराया था। उस चुनाव में मलिक को सिर्फ 2620 वोट ही मिले थे। मलिक ने संजय विचार मंच से चुनाव लड़ा था। चूंकि उनके पास एक राजनीतिक दल का दर्जा नहीं था, इसलिए उस चुनाव में मलिक को निर्दलीय उम्मीदवार ही माना गया।जब नवाब कॉलेज में पढ़ रहे थे तभी मुंबई यूनिवर्सिटी ने कॉलेज की फीस बढ़ा दी थी। उसके विरोध में शहर में आंदोलन चल रहा था। उस आंदोलन में नवाब मलिक ने एक आम छात्र की तरह भाग लिया था। आंदोलन के दौरान पुलिस की पिटाई से नवाब घायल हो गए। नवाब मलिक का कहना है कि इसी दौरान उनकी राजनीति में रुचि हो गई। उन्होंने कांग्रेस से 1991 में नगर निगम चुनाव के लिए टिकट मांगा, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया, लेकिन नवाब मलिक राजनीतिक तौर पर अपनी जगह बनाने की कवायद में जुटे रहे।मुंबई और आस-पास के इलाकों में बाबरी मस्जिद की घटना के बाद समाजवादी पार्टी मुस्लिम मतदाताओं के बीच लोकप्रियता हासिल कर रही थी। उसी दौरान नवाब मलिक भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। 1995 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी से मुस्लिम बहुल नेहरू नगर निर्वाचन क्षेत्र से टिकट मिला। उस समय शिवसेना के सूर्यकांत महादिक 51 हजार 569 वोट पाकर जीते थे। नवाब मलिक 37,511 वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। मलिक हार गए, लेकिन अगले ही साल विधानसभा पहुंच गए। धर्म के आधार पर वोट मांगने को लेकर विधायक महादिक के खिलाफ दायर याचिका पर उन्हें दोषी पाया गया और चुनाव आयोग ने चुनाव रद्द कर दिया। इसलिए 1996 में नेहरू नगर निर्वाचन क्षेत्र में फिर से चुनाव हुआ। इस बार नवाब मलिक ने करीब साढ़े छह हजार मतों से जीत हासिल की।1999 के विधानसभा चुनाव में नवाब मलिक फिर से समाजवादी पार्टी से जीते। तब कांग्रेस और NCP सत्ता में आई। समाजवादी पार्टी से दो विधायक चुने गए। उन्हें भी मोर्चे का समर्थन करने के लिए सत्ता में भागीदारी मिली। इसके बाद नवाब मलिक आवास राज्य मंत्री बने।राजनीतिक तौर पर वह बहुत अच्छा काम कर रहे थे, लेकिन समय के साथ समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ मलिक के मतभेद सामने आ गए। इससे तंग आकर मलिक ने आखिरकार मंत्री होते हुए भी NCP में शामिल होने का फैसला किया। इसके बाद वे उच्च और तकनीकी शिक्षा और श्रम मंत्री बने। फिलहाल वह महाराष्ट्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री हैं।आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरIND vs PAK: रोहित शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद हार्दिक की तारीफ में पढ़े कसीदे, बाबर भी हुए मुरीद******Highlightsभारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच विकेट की जीत के साथ एशिया कप 2022 का विजयी आगाज किया है। दुबई में रविवार को खेले गए ग्रुप मुकाबले में टीम इंडिया शुरुआत से पाकिस्तान के ऊपर हावी रही। भारत ने पाकिस्तान को 147 रन पर ऑलआउट करने के बाद 148 रन के लक्ष्य को दो गेंद बाकी रहते हुए हासिल कर लिया। हालांकि टीम इंडिया को छोटे लक्ष्य को हासिल करने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। केएल राहुल, रोहित शर्मा और विराट कोहली की तिकड़ी एक बार फिर पाकिस्तान की तेज गेंदबजी के आगे फेल रही। लेकिन पांड्या ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान की जीत के सभी रास्ते बंद कर दिए।मैच जीतने के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए हार्दिक पांड्या की जमकर तारीफ की। भारतीय कप्तान ने कहा कि उन्हें एकतरफा जीत की बजाय इस तरह के मैच जीतना अधिक पसंद है। रोहित ने मैच के बाद कहा कि हमें पारी आधी होने के बाद भी भरोसा था। इसी तरह का भरोसा हम इस टीम को देना चाहते हैं कि मैच में किस तरह वापसी की जाती है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी को अपनी भूमिका पता है।उन्होंने अपने तेज गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले एक साल से हमारे तेज गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। कई बार चुनौतियां मिलती हैं लेकिन उनका सामना करके ही हम आगे बढ़ सकते हैं।हरफनमौला प्रदर्शन करके मैच जिताने वाले हार्दिक पांड्या के बारे में उन्होंने कहा कि हार्दिक ने टीम में वापसी के बाद से शानदार प्रदर्शन किया है। उसने आईपीएल भी बहुत अच्छा खेला। उसकी बल्लेबाजी के बारे में हम जानते हैं और वह बेहतरीन फॉर्म में है। वह अपने खेल को अच्छे से समझता है। वह दबाव वाले मैच में भी काफी शांत और संयम बनाकर खेलता है। वह 140 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहा है और बल्लेबाजी में तो उसका कोई जवाब ही नहीं है।वहीं पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम ने कहा कि उनकी टीम 10-15 रन पीछे रह गई। उन्होंने कहा, “हमने मैच में अपने तेज गेंदबाजों के दम पर वापसी भी की लेकिन हम 10-15 रन पीछे रह गए थे। हम मैचको आखिरतकलेजाना चाहते थे लेकिनहार्दिक ने बेहतरीन प्रदर्शन करके भारत को जीत दिलाई।’’

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आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरदिवाली के बाद आज फिर सस्ता हुआ सोना, देखें 10 ग्राम गोल्ड के नए रेट******दिवाली के बाद आज फिर सस्ता हुआ सोना, देखें 10 ग्राम गोल्ड के नए रेटनई दिल्ली: सोने की कीमत में दिवाली के बाद आज फिर गिरावट दर्ज की गई है। गिरावट के बाद 10 ग्राम सोने के नए दाम भी जारी किए गए है। अगर आप गोल्ड खरीदना चाहते है तो हम आपको नए रेट की जानकारी इस खबर में दे रहे है। एचडीएफसी सिक्योरिटिज के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को 10 ग्राम सोने की कीमत 8 रुपए घटकर 47004 रुपए हो गई है। पिछले कारोबार में कीमती धातु 47,012 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।इसके अलावा चांदी 216 रुपये बढ़कर 63,262 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पिछले कारोबार में 63,046 रुपये प्रति किलोग्राम थी। सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 27 पैसे बढ़कर 74.19 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली गिरावट के साथ 1,816 डॉलर प्रति औंस और चांदी 24.19 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) तपन पटेल ने कहा, "सोमवार को कॉमेक्स पर सोने की हाजिर कीमत 0.08 फीसदी की गिरावट के साथ 1,816 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।"वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रुख के बावजूद प्रमुख इंडेक्स एचडीएफसी, इंफोसिस और कोटक बैंक में बढ़त के बाद इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स में सोमवार को 478 अंक की बढ़त देखी गई। उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, 30 शेयरों वाला सूचकांक 477.99 अंक या 0.80 प्रतिशत बढ़कर 60,545.61 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 151.75 अंक या 0.85 फीसदी की तेजी के साथ 18,068.55 पर पहुंच गया। सेंसेक्स पैक में टाइटन 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, कोटक बैंक और एचडीएफसी का स्थान रहा।आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरThe Fame Game Trailer: ग्लैमर की दुनिया के पीछे का काला सच दिखाएंगी माधुरी दीक्षित, देखें शानदार ट्रेलर******Highlightsबॉलीवुड की खूबसूरत अदाकाराअपकमिंग वेब सीरीज ‘द फेम गेम’ (The Fame Game)के साथ ओटीटी में डेब्यू करने जा रही हैं। आखिरकार उनकी बहुप्रतीक्षित सीरीज का ट्रेलर रिलीज हो गया है। बॉलीवुड अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर ट्रेलर शेयर करने के साथ फैंस के साथ ये खुशखबरी साझा की।माधुरी दीक्षित ने इस वीडियो को शेयर करने के साथ ही कैप्शन में लिखा है, "सुना था, स्टारडम एक पल में गायब हो सकता है पर एक सुपरस्टार ही गायब हो जाए, वो कभी नहीं सुना था। अपनी 'परफेक्ट' लाइफ की कहानी बताने आ रही है अमानिका आनंद बहुत जल्द।ट्रेलर की बात करें तो इसमें एक अनामिका नाम की महिला को दिखाया गया है तो फिल्म इंडस्ट्री का बहुत फेमस नाम है। जिसे अपनी लाइफ में खूब सारा स्टारडम देखने को मिलता है लेकिन वह खुद के लिए कुछ भी महसूस नहीं कर पाती है। अच्छी फैमिली एक परफेक्ट लाइफ के लिए और क्या चाहिए। लेकिन वास्तव में जैसा पर्दे पर दिखता है वैसा होता नहीं। इस सीरिज में माधुरी दीक्षित ग्लैमरस वर्ल्ड का काला सच सामने लेकर आती हैं।माधुरी दीक्षित के अलावा इस वेब सीरीज में मानव कौल, संजय कपूर, लक्षवीर सरन और मुस्कान जाफरी जैसे कई कलाकार नजर आने वाले हैं। 'द फेम गेम' सीरीज नेटफ्लिक्स में 25 फरवरी को प्रीमियर होगी।आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरAsia Cup 2022 IND vs AFG HIGHLIGHTS: भारत ने अफगानिस्तान को 101 रन से हराया, जीत के साथ भारत होगा विदा******भारत ने अफगानिस्तान को एशिया कप के अपने आखिरी मैच में 101 रनों से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 212 रन बनाए थे, जिसके जवाब में अफगानिस्तान की टीम 111 रन ही बना सकी। इस मैच के फैसले का टूर्नामेंट की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन विराट कोहली के शतक के कारण ये मैच क्रिकेट इतिहास में दर्ज हो गया। कोहली ने इस मैच में लंबे इंतजार के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाया। उन्होंने पिछला शतक नवंबर 2019 में लगाया था। इस मुकाबले में केएल राहुल नेभी अर्धशतकीय पारी खेली। दूसरी पारी में अफगानिस्तान को सबसे ज्यादा झटके तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने दिया। उन्होंने 4 ओवर में 4 रन देकर 5 विकेट चटकाए जो टी20 इंटरनेशनल में उनका बेस्ट फिगर है। सुपर फोर राउंड में ये भारत की पहली जीत है। इसके साथ ही एशिया कप में भारत का सफर भी खत्म हो गया।

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आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरNepal Economic Crisis: नेपाल को ले डूबे ये 5 कारण, क्या श्रीलंका की तरह भारत का ये पड़ौसी भी कंगाली की राह पर?******Nepal Economic Crisisश्रीलंका में जारी गंभीर आर्थिक संकट के बीच भारत के एक और पड़ौसी की ओर से बदहाली की खबरें आ रही हैं। हिमालय की गोद में बसा नेपाल इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। खाने पीने से लेकर हर जरूरी सामान के लिए भारत एवं दूसरे देशों पर निर्भर नेपाल का सरकारी खजाना पूरी तरह से खाली पड़ चुका है। हालत यह है कि देश के केंद्रीय बैंक के गर्वनर महा प्रसाद अधिकारी को निलंबित कर दिया है। देश में वाहनों और अन्य महंगी या लग्जरी वस्तुओं के आयात पर रोक लगा दी गई है।देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10 अरब डॉलर के स्तर से भी नीचे गिर गया है। हालांकि, सरकार ने आश्वासन दिया था कि देश की अर्थव्यवस्था श्रीलंका की तरह गर्त में नहीं जाएगी। नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) के प्रवक्ता गुणाखार भट्ट के अनुसार, ‘‘हमें अर्थव्यवस्था में किसी तरह के संकट के संकेत नजर आ रहे हैं जो मुख्यत: आयात बढ़ने की वजह से हैं। इसलिए हम उन वस्तुओं के आयात को रोकने पर विचार कर रहे हैं जिनकी तुरंत आवश्यकता नहीं है।’’ आइए जानते हैं नेपाल की बदहाली के पीछे क्या प्रमुख कारण हैं।नेपाल वास्तव में एक आयात केंद्रित देश है। देश में उत्पादन ​गतिविधियां बेहद सीमित हैं। सोयाबीन तेल के उद्योग को छोड़ दें तो नेपाल अपनी जरूरत की सभी चीजों का आयात करता है। देश में पेट्रोल डीजल, दाल चावल,नमक जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से लेकर महंगी कारों और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का जमकर निर्यात होता है। इसके लिए विदेशी मुद्रा भंडार एक अहम जरूरत है। लेकिन नेपाल के विदेशी मुद्रा भंडार में जुलाई, 2021 से गिरावट आ रही है। वहीं कच्चे तेल की महंगाई ने रही बची कसर भी पूरी कर दी। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी, 2022 तक देश का विदेशी मुद्रा का कुल भंडार 17 प्रतिशत घटकर 9.75 अरब डॉलर रह गया, जो जुलाई, 2021 के मध्य तक 11.75 अरब डॉलर था।हिमालय की वादियों में बसा नेपाल दुनिया का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है। एवरेस्ट की चढ़ाई का सबसे मुफीद रास्ता नेपाल में ही है। देश की जीडीपी में भी पर्यटन से होने वाली आय का बहुत बड़ा योगदान है। यही सेक्टर देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बेहद जरूरी डॉलर मुहैया कराता है। लेकिन 2020 में कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद टूरिज्म कारोबार ठप है। दो साल से गिने चुने पर्यटक ही नेपााल पहुंच रहे हैं। बीते दो साल की बात करें तो सिर्फ पिछले महीने यानि मार्च 2022 में सबसे अधिक 42000 पर्यटक नेपाल पहुंचे हैं।नेपाल परंपरागत रूप से भारत का निकट सहयोगी रहा है। लैंड लॉक कंट्री होने की वजह से नेपाल को भारत होते हुए सामान का आयात करना पड़ता है। लेकिन बीते एक दशक में नेपाल ने चीन के साथ नजदीकी बढ़ाई है। चीन नेपाल तक रेल लाइन बिछा रहा है। ऐसे में चीन से नजदीकी उसे भारत से दूर ले गई है। वहीं लिपुलेख जैसे सीमा विवाद ने कड़वाहट बढ़ाई है। इन परिस्थितियों के चलते भारत से सामान के आयात में रुकावट आती है। भारत से गेहूं चावल आदि का आयात करना सस्ता पड़ता है। वहीं भौगोलिक स्थिति के चलते चीन का सस्ता सामान भी नेपाल पहुंचकर महंगा हो जाता है।नेपाल में 2015 में भीषण भूकंप आया था। इस भूकंप ने देश को भारी मात्रा में क्षति पहुंचाई थी। नेपाल का लगभग पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया था। पहले से ही वित्तीय मुश्किलें झेल रहा नेपाल इस भूकंप से कई साल पीछे चला गया। पुनर्निर्माण के लिए विदेशों से राहत तो मिली। लेकिन नेपाल को भी अपने प्रमुख संसाधन देश को फिर से खड़ा करने में लग गए। कोरोना संकट के बीच हालात और भी पेचीदा होते चले गए।नेपाल में राजशाही के समाप्त होने के बाद से वहां राजनीतिक अस्थिरता का दौर भी शुरू हो गया है। 28 मई 2008 को नेपाल के इतिहास के राजवंश युुग का अंत हो गया। राजशाही के अंत के बाद लोगों ने वहां लोकतंत्र की बहाली की उम्मीद लगाई थी। लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट। नेपाल के हाथ में इन दोनों में से कुछ नहीं आया। सरकारें बनती रहीं टूूटती रहीं। अब फिर नेपाल की संसद आम चुनावों के तीन वर्ष बाद भंग कर दी गई है। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने बीते साल प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की संसद भंग कर दी है। सरकार बनाने और बचाने के खेल में चीन का हस्तक्षेप भी काफी बढ़ गया है।आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरVastu Tips: जानिए क्या है झाड़ू लगाने का सही समय?******Highlights में आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए झाड़ू लगाने के समय के बारे में। वैसे तो साफ-सफाई करना अच्छा ही होता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में उसके लिये कुछ समय पहले से निर्धारित है। जिस तरह सफाई का उचित समय तय है, ठीक उसी तरह सफाई ना करने का, यानि झाडू ना लगाने का भी समय दिया गया है।वास्तु शास्त्र में घर में झाडू लगाने के लिये दिन के पहले चार पहर को उचित समय माना गया है। जबकि रात के चार पहर को इस काम के लिये अनुचित माना गया है। रात के चार पहरों में झाडू लगाने से घर में दरिद्रता अपने पैर पसारती है और धन की देवी लक्ष्मी रूष्ठ हो जाती है। जिससे घर में धन की आवक पर प्रभाव पड़ता है।

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आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरभगवंत मान ने सरकारी नौकरी का खोला पिटारा, जानिए कहां कितनी भर्ती?******Highlights पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार आते ही सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे बेरोजगारों के लिए पिटारा खोल दिया है। भगवंत मान मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही सरकारी नौकरी का पिटारा खोल दिया गया है। विभिन्न विभागों में 25,000 रिक्त पदों को भरने का निर्णय मुख्यमंत्री मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किया गया। मान ने एक वीडियो संदेश में इसकी घोषणा की।पंजाब के मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किये गए पहले फैसले के तहत पुलिस विभाग में 10,000 सहित राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में 25,000 रिक्तियों को भरने को मंजूरी दे दी। पंजाब कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में युवाओं को 25,000 सरकारी नौकरी देने को हरी झंडी दे दी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय युवाओं को पारदर्शी और योग्यता आधारित तंत्र के माध्यम से सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्रदान करके उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।योग्यता के आधार पर नौकरियां दी जाएंगी- सीएम मान के सीएम ने अपने संदेश में कहा, ‘‘आज मंत्रिमंडल की बैठक में 25,000 सरकारी नौकरियों का एजेंडा पारित हुआ।’’ मान ने कहा कि पंजाब पुलिस विभाग में 10,000 पद भरे जाएंगे और बाकी नौकरियां अलग-अलग विभागों, बोर्ड और निगमों में होंगी। उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भेदभाव नहीं होगा, कोई ‘सिफारिश’ या कोई रिश्वत नहीं होगी।’’एक महीने के भीतर शुरू होगी भर्ती प्रक्रियासरकार के प्रवक्ता ने कहा कि इन नौकरियों के विज्ञापन और अधिसूचना की प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू कर दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने इसी तरह अगले विधानसभा सत्र में वित्तवर्ष 2021-22 की अनुपूरक अनुदान मांगें पेश किए जाने को भी मंजूरी दी। यह फैसला वित्तवर्ष 2021-22 के दौरान लंबित देनदारियों को खत्म करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए गए अतिरिक्त या अधिक व्यय के लिए बजट मुहैया कराएगा। मंत्रिपरिषद ने इसी तरह वर्ष 2022-23 के लिए 1 अप्रैल, 2022 से 30 जून तक के अनुमानित व्यय विवरण (लेखानुदान) को नियम 164 के प्रावधानों के अनुसार विधानसभा में पेश करने की भी स्वीकृति दी।विधानसभा चुनाव के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया थाआम आदमी पार्टी (आप) ने हाल में संपन्न राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। इससे पहले, शनिवार को भगवंत मान के नेतृत्व वाले पंजाब मंत्रिमंडल में एक महिला सदस्य सहित आप के 10 विधायकों को शामिल किया गया। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने यहां पंजाब राजभवन में गुरु नानक देव सभागार में एक समारोह में 10 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरPM Modi govt 8 years: पीएम मोदी का चेहरा और पार्टी की कुशल चुनावी रणनीति मिलकर बीजेपी को बनाते हैं चुनाव की 'विनिंग मशीन'******Highlightsपीएम मोदी एक ऐसे करिश्माई व्यक्ति हैं, जिनके नाम पर चुनाव लड़े और जीते जाते हैं। चुनाव को वे एक त्योहार की तरह मानते हैं। 2019 में आम चुनाव की घोषणा के बाद उन्होंने अपने ट्वीट में भी चुनाव को 'त्योहार'बताया था। उन्होंने लिखा था कि लोकतंत्र का त्योहार, चुनाव आ गए हैं, मैं अपने साथी भारतीयों से 2019 के लोकसभा चुनावों को उनकी सक्रिय भागीदारी से समृद्ध करने का आग्रह करता हूं। जाहिर है जब चुनाव को त्योहार की तरह सेलिब्रेट किया जाएगा,तो परिणाम तो उत्साहजनक आएंगे ही।मोदी की करिश्माई छवि केवल 2013 से नहीं, बल्कि गुजरात में तीन बार सीएम बनने से शुरू होती है। उन्होंने गुजरात में इसी त्योहारी प्रयोग से चुनाव जीते और यही पटकथा वर्ष 2014 के आम चुनाव में भी लिखी। उत्तर प्रदेश सूबे में एक के बाद एक ताबड़तोड़ जनसभाएं लेकर उन्होंने चुनावी जीत की पटकथा लिख डाली थी। उनका ये एक वाक्य गंगा पट्टी के करोड़ों लोगों के मन में बस गया था, उन्होंने कहा था— 'मैं यहां (यूपी से चुनाव लड़ने) नहीं आया, मुझे मां गंगा ने बुलाया है।'मोदी के चेहरे को भुना लेती है बीजेपी की चुनावी रणनीतिबीजेपी विनिंग मशीन की तरह काम करती है। दरअसल, उनके पास पीएम मोदी के रूप में ऐसा सर्वमान्य चेहरा है, जिस पर देश की आवाम वोट दे देती है। बीजेपी चुनाव के दौरान ऐसी रणनीति बनाती है, जिससे कि मोदी की ज्यादा से ज्यादा जनसभाएं हों। कुशल रणनीति और मोदी का सर्वमान्य चेहरा चुनावी जीत की इबारत लिख देते हैं।मोदी ने चुनाव को फेस्टिवल और बीजेपी को विनिंग मशीन बना दियापीएम मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व और बीजेपी की इलेक्शन प्रिपरेशन हाईकमान से लेकर गांव के बूथ पर बैठे बीजेपी कार्यकर्ता तक सभी को एक सूत्र में बांध कर रखती है। यही कारण है कि बीजेपी ने 2019 का लोकसभा चुनाव और हाल के समय में संपन्न हुए पांच राज्यों के चुनाव में से 4 में स्पष्ट जीत हासिल की। 2022 के हालिया 5 राज्यों के चुनाव का ही उदाहरण देखें तो बीजेपी के लिए चुनौतियां भी कम नहीं थी। पांच साल की डबल इनकंबेंसी, कोविड महामारी की भयावह यादें, लॉकडाउन में पलायन का दर्द, बेरोजगारी, महंगाई, किसान आंदोलन... चुनौतियों का पूरा पहाड़ था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा को 4-1 से जीत दिलाई।एंटी इनकंबेंसी पर भारी पड़ता है मोदी का चेहरापांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे उस तथ्‍य की पुष्टि करते हैं कि मोदी ही भगवा राजनीतिक के सबसे बड़े ध्‍वजवाहक हैं और उनकी बदौलत भारतीय राजनीति में अभी भाजपा का दबदबा रहने वाला है। नरेंद्र मोदी ऐसे नेता के रूप में उभरे हैं जो मुश्किल चुनाव में भी बीजेपी की नैया पार लगा सकते हैं। उनकी लोकप्रियता देश के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले उत्‍तर प्रदेश में पार्टी की बड़ी जीत के पीछे एक बड़ी वजह रही। उत्तराखंड में भी मोदी के चेहरे पर ही जीत मिली, वरना सीएम पुष्कर धामी तो बाजी हार चुके थे।2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी कई ऐसे प्रत्याशी थे, जिनकी ज्यादा लोकप्रियता नहीं थी और जिनका जनाधार भी ज्यादा नहीं था। लेकिन मोदी उनके लोकसभा क्षेत्र में जब चुनाव प्रचार करने गए तो परिणाम बीजेपी की झोली में ही आए।आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरएयरटेल के निदेशक मंडल ने 21000 करोड़ रुपए के राइट्स निर्गम को मंजूरी दी******एयरटेल के निदेशक मंडल ने 21000 करोड़ रुपए के राइट्स निर्गम को मंजूरी दी निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के निदेशक मंडल ने रविवार को 21,000 करोड़ रुपये के राइट्स निर्गम को मंजूरी दे दी। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने यह जानकारी दी है। कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में पूंजी जुटाने की योजना पर विचार किया गया। इसमें राइट्स निर्गम के लिए 535 रुपये के पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर मूल्य को मंजूरी दी गई। इसमें 530 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का प्रीमियम शामिल है।बीएसई को भेजी सूचना में एयरटेल ने कहा कि बोर्ड ने पात्र इक्विटी शेयरधारकों को पांच रुपये के अंकित मूल्य के शेयर रिकॉर्ड तिथि (बाद में अधिसूचित की जाएगी) पर जारी करने की मंजूरी दे दी है। इसका आकार 21,000 करोड़ रुपये तक होगा। निर्गम मूल्य के भुगतान की शर्तों के तहत 25 प्रतिशत आवेदन के समय और शेष दो या अधिक कॉल्स में किया जाएगा।

आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरआर्थिक वृद्धि दूसरी तिमाही में 6 साल के न्यूनतम स्तर 4.5% पर, विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट******GDP growth rate showing a growth rate of 4.5 per cent in Quarter 2 resultsदेश की आर्थिक वृद्धि में गिरावट का सिलसिला जारी है। विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और कृषि क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत पर रह गयी। यह छह साल का न्यूनतम स्तर है। एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत थी। वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5 प्रतिशत थी।वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितंबर तिमाही में का आंकड़ा 2012-13 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद से सबसे कम है। उस समय यह 4.3 प्रतिशत रही थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी के अनुसार सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रही। वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत थी। दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में जीवीए के आधार पर उत्पादन एक प्रतिशत गिरा है। एक साल पहले इसी तिमाही में इसमें 6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी।इसी प्रकार, कृषि क्षेत्र में जीवीए की वृद्धि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में नरम होकर 2.1 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 4.9 प्रतिशत थी। निर्माण क्षेत्र की जीवीए वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 3.3 प्रतिशत रही जो एक साल पहले 2018-19 की दूसरी तिमाही में 8.5 प्रतिशत थी। खनन क्षेत्र में वृद्धि 0.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 2.2 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य सामाजिक सेवाओं की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीमी पड़कर 3.6 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.7 प्रतिशत थी। इसी प्रकार, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी सेवाओं की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 6.9 प्रतिशत थी।आंकड़ों के अनुसार वित्तीय, रीयल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में 5.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7 प्रतिशत थी। वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं की वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में सुधरकर 11.6 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.6 प्रतिशत थी। छमाही आधार पर (अप्रैल-सितंबर 2019) में जीडीपी वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी अवधि में 7.5 प्रतिशत थी। एनएसओ के बयान के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितंबर के दौरान स्थिर मूल्य (2011-12) पर 35.99 लाख करोड़ रुपएरहा जो पिछले साल इसी अवधि में 34.43 लाख करोड़ रुपए था। इस प्रकार, दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रही।निवेश का पैमान समझा जाने वाला सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) स्थिर मूल्य (2011-12) चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 10.83 लाख करोड़ रुपए रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 11.16 लाख करोड़ रुपए था। जीडीपी के संदर्भ में चालू और स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीएफसीएफ दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में क्रमश: 27.3 प्रतिशत और 30.1 प्रतिशत रही। वहीं पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ये क्रमश: 29.2 प्रतिशत और 32.4 प्रतिशत थी।बयान के अनुसार आलोच्य तिमाही में जीफसीएफ वृद्धि दर में चालू और स्थिर मूल्य पर क्रमश: 0.9 प्रतिशत और 3.0 प्रतिशत की गिरावट आयी। जबकि 2018-19 की दूसरी तिमाही में इसमें क्रमश: 16.2 प्रतिशत और 11.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक समेत कई एजेंसियों ने 2019-20 के लिये देश की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को घटाया है। रिजर्व बैंक के अनुसार 2019-20 में यह 6.1 प्रतिशत रह सकती है जबकि पूर्व में उसने इसके 6.9 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी थी।चीन की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 6 प्रतिशत रही जो 27 साल का न्यूनतम स्तर है। इस बीच, सरकारी आंकड़ों के अनुसार आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर में अक्टूबर महीने में 5.8 प्रतिशत की गिरावट आयी। यह आर्थिक नरमी गहराने का संकेत है। आठ में से छह बुनियदी उद्योगों के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गयी है।वर्तमान में देश की अर्थव्यवस्था उच्च जीएसटी दरों, कृषि संकट, वेतन में कमी और नकदी की कमी की वजह से 'मंदी' का सामना कर रही है। उपभोग में मंदी के रुझान को अर्थशास्त्री मंदी के तौर पर जिक्र करते हैं, जो कि जीडीपी विकास दर में लगातार गिरावट का प्रमुख कारण है। इसके परिणामस्वरूप ऑटोमोबाइल, पूंजीगत वस्तुएं, बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी और रियल एस्टेट सहित सभी प्रमुख सेक्टरों में भारी गिरावट आई है।आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरममता बनर्जी एक बार फिर निर्विरोध तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गईं******Highlights पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को एक बार फिर निर्विरोध तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गईं। बनर्जी ने अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी नेताओं से भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आग्रह किया और अंदरूनी कलह के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहती हूं कि पार्टी नेता और कार्यकर्ता वादा करें कि वे आपस में नहीं लड़ेंगे। अंदरूनी कलह बर्दाश्त नहीं की जायेगी। पार्टी के भीतर गुटों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तृणमूल में कोई अलग समूह नहीं है, पार्टी एक संयुक्त समूह है।’ममता ने कहा, ‘बंगाल में अगले चुनाव में पार्टी को सभी 42 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष करना होगा। हमें सभी को साथ लेकर चलना है। तृणमूल, संघर्ष का पर्याय है, जो उसने 1998 में इसके गठन के बाद से लगातार किया है।’ राज्य की सत्ताधारी पार्टी में कलह के संकेत देते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा था कि वह किसी और को नहीं केवल ममता बनर्जी को अपना नेता मानते हैं। उन्होंने कोविड-19 से निपटने के बारे में दिए गए कुछ सुझावों पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की भी आलोचना की थी।अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे हैं। वह तेजी से पार्टी में अनौपचारिक रूप से दूसरे नंबर के नेता के तौर पर उभर रहे हैं, जो जाहिर तौर पर कुछ वरिष्ठ नेताओं को नागवार है। सत्तारूढ़ ने 5 साल के अंतराल के बाद अपने संगठनात्मक चुनाव कराए थे। पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी के अनुसार, बनर्जी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया, क्योंकि किसी अन्य नेता ने अपनी उम्मीदवारी पेश नहीं की थी।संगठनात्मक चुनाव के निर्वाचन अधिकारी चटर्जी ने कहा, ‘ के पक्ष में कुल 48 प्रस्तावकों और समर्थकों ने नामांकन दाखिल किया। चूंकि अध्यक्ष पद के लिए अन्य किसी ने नामांकन नहीं भरा था, ममता बनर्जी को फिर से निर्विरोध चुन लिया गया है।’ ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होने के बाद पार्टी की स्थापना की थी और तब से वह इसका नेतृत्व कर रही हैं। वर्ष 2001 और 2006 के विधानसभा चुनाव में 2 असफल प्रयासों के बाद, पार्टी 2011 वाम मोर्चे को मात देकर सत्ता में आई थी। पार्टी, राज्य विधानसभा की 294 सीटों में से 213 सीटें हासिल करने के बाद पिछले साल मई में लगातार तीसरी बार सत्ता में आई थी।

आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरइयान चैपल ने जस्टिन लैंगर का समर्थन कर रहे पूर्व खिलाड़ियों को लगाई लताड़, कमिंस का किया समर्थन******Highlightsऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इयान चैपल ने जस्टिन लैंगर का समर्थन कर रहे पूर्व खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया है। चैपल ने पूर्व खिलाड़ियों को लैंगर की ‘पीआर मशीन’ करार देते हुए कप्तान पैट कमिंस का समर्थन किया। चैपल ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग, मैथ्यू हेडन, मिशेल जॉनसन, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वॉर्न जैसे दिग्गजों ने लैंगर का समर्थन नहीं करने के लिये क्रिकेट आस्ट्रेलिया और राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों खासकर कमिंस की आलोचना की है।चैपल ने ‘वाइड वर्ल्ड आफ स्पोटर्स’ से कहा ,‘‘ क्रिकेट आस्ट्रेलिया को लताड़ना आसान है क्योंकि वे इतने अच्छे नहीं है। इस तरह की प्रतिक्रिया अपेक्षित थी।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं दो बातों से हैरान हूं। पहली यह कि इस तरह की चीजों में ईमानदार रहने वाले पैट कमिंस की बेवजह आलोचना हो रही है और दूसरी जस्टिन लैंगर की पीआर मशीन काम कर रही है और अधिकांश मामलों में ऐसा मानना रहा है।’’ चैपल ने कहा कि आस्ट्रेलिया के अगले कोच की नियुक्ति में कमिंस की भी भूमिका होनी चाहिये। उन्होंने कहा ,‘‘ कप्तान को भी अपनी राय रखने का मौका मिलना चाहिये। उसे ऐसा कोच मिलना चाहिये जिसके साथ वह काम कर सके।’ बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान पैट कमिंस की पूर्व कोच लैंगर का समर्थन नहीं करने के लिये लगातार आलोचना हो रही है।आधीकीमतपरशराबखरीदनेकोठेकोंपरउमड़ेलोगजानिएकबतकमिलेगाbuy1get1ऑफरLunar Eclipse 2022: लग गया साल का पहला चंद्र ग्रहण, बुरे प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय******Highlightsसाल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण लग चुकाहै। बता दें कि साल 2022 में केवल दो चंद्र ग्रहण लगेंगे और दोनों ही चंद्र ग्रहण पूर्ण होंगे। इससे पहले साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को लगा था। अब 15 दिन बाद यानी कि आज 16 मई को चंद्र ग्रहण लग रहा है। आज बुध पूर्णिमा भी है। पंचाग के अनुसार इस दिन चंद्र ग्रहण का प्रारंभ सुबह 07 बजकर 02 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होगा। हालांकि भारत में ये चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा।मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। बल्कि इस दौरान ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए कुछ खास उपाय करनी चाहिए, जिससे कि ग्रहण का बुरा प्रभाव आप पर ना पड़े। ऐसे में आइए जानते हैं ग्रहण के बुरेप्रभाव से बचने के लिए आपको क्या उपाय करने चाहिए।

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