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Corona Cases in China: चीन की जीरो कोरोना पॉलिसी भी बेअसर, 31 राज्यों में फैला, 5 शहरों में फुल लॉकडाउन

2022-09-30 22:00:45 पंजिहुआ शहर

चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनSri Lanka: पासपोर्ट लेने के लिए 2 दिन से लाइन में लगी महिला ने दिया बच्ची को जन्म****** महज दो करोड़ 20 लाख की आबादी वाला इन दिनों भीषण संकट का सामना कर रहा है। श्रीलंका अपने सबसे खराब आर्थिक दौर से गुजर रहा है। खाने-पीने की चीजों के अलावा पेट्रोलियम और गैस की कीमत लगातार बढ़ रही है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने के बाद श्रीलंका का संकट कहीं ज्यादा गहराया है। श्रीलंका के लोग रोजगार की तलाश में दूसरे देशों का रुख कर रहे हैं। इसी सिलसिले में दो दिनों से पासपोर्ट के लिए लाइन में खड़ी एक महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने वहीं एक बच्ची को जन्म दिया। बता दें कि महिला श्रीलंका छोड़कर रोजगार की तलाश में विदेश जाना चाहती थी और इसी के चलते वह 2 दिनों से पासपोर्ट के लिए लाइन में खड़ी थी।पासपोर्ट लेने के लिए दो दिन से लाइन में लगी एक गर्भवती महिला को गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने के बाद अस्पताल ले जाया गया जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका से बाहर जाकर रोजगार हासिल करने के लिए पासपोर्ट लेने के वास्ते महिला दो दिन से कतार में लगी हुई थी और गुरुवार को अपनी बारी का इंतजार करते हुए उसे प्रसव पीड़ा हुई।अधिकारियों ने बताया कि में इमीग्रेशन विभाग में तैनात श्रीलंका सेना के कर्मियों ने सुबह 26 वर्षीय एक महिला को प्रसव पीड़ा होते देखा। उन्होंने बताया कि वे उसे कैसल अस्पताल ले गए जहां महिला ने बच्ची को जन्म दिया। उन्होंने बताया कि विदेश में रोजगार हासिल करने के लिए पासपोर्ट लेने के वास्ते महिला और उसका पति पिछले दो दिन से लाइन में लगे हुए थे।देश में इस साल जनवरी से शुरू हुए आर्थिक संकट के बाद से कार्यालय के बाहर पासपोर्ट लेने के इच्छुक लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अधिकांश लोगों ने 'वन डे इश्यू सर्विस' में पासपोर्ट लेने का विकल्प चुना है। इस बीच, ईंधन के लिए कतार में खड़े एक अन्य व्यक्ति की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। मार्च के बाद से ईंधन की कतार में इस तरह की ये पंद्रहवीं मौत है।

चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउननेशनल स्टॉक एक्सचेंज के खिलाफ सेबी की बड़ी कार्रवाई, 625 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोका******SEBI bars National Stock Exchange for 6 monthsशेयर बाजार रेग्युलेटर SEBI ने (NSE)पर625 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है। दरअसल,पूंजी बाजार नियामक ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से एक जगह कुछ सर्वर को विशेष लाभ पहुंचाने (को-लोकेशन) के मामले में ब्याज सहित 625 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया। इस सबसे साथ हीसेबी ने एनएसई के दो पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारियों रवि नारायण और चित्रा रामकृष्ण को पांच साल तक किसी सूचीबद्ध कंपनी के साथ काम करने पर प्रतिबंध लगाया। SEBI ने NSE पर 6 महीने की पाबंदी भी लगाई है, जिसका मतलब है कि एक्सचेंज अगले 6 महीने तक आईपीओ नहीं जारी कर सकेगा।बता दें भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल, 1992 को हुई थी। सेबी का उद्देश्य प्रतिभूतियों (सिक्यूरिटीज़) में निवेश करने वाले निवेशकों के हितों का संरक्षण करना, प्रतिभूति बाजार (सिक्यूरिटीज़ मार्केट) के विकास का उन्नयन करना और उसे विनियमित करना और उससे संबंधित या उसके आनुषंगिक विषयों का प्रावधान करना है।वहीं,नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) भारत का सबसे बड़ा वित्तीय बाजार है। एनएसई एक परिष्कृत, इलेक्ट्रॉनिक तरीके से व्यापार करने वाला स्टॉक एक्सचेंज है, जिसके स्थापना 1992 में हुई थी।इसका लोकप्रिय बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स है, जो भारतीय इक्विटी बाजार में सबसे बड़ी संपत्तियों को ट्रैक करता है।आज यह एक्सचेंज थोक ऋण, इक्विटी और डेरिवेटिव मार्केट में लेनदेन करता है।चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनStock Market में लौटी रौनक, Sensex 374 अंक चढ़कर 53,500 के पार, निफ्टी में भी तेजी******Stock Market में लंबे समय के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के शुद्ध लिवाली करने के बीच बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 374 अंक से अधिक चढ़ गया। इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सूचकांक 374.43 अंक बढ़कर 53,508.78 पर पहुंच गया। दूसरी ओर एनएसई निफ्टी 98.55 अंक चढ़कर 15,909.40 पर था। सेंसेक्स में एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। टाटा स्टील, एनटीपीसी, पॉवर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट हुई।पिछले सत्र में तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 100.42 अंक यानी 0.19 प्रतिशत टूटकर 53,134.35 अंक पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24.50 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,810.85 अंक पर बंद हुआ था। अन्य एशियाई बाजारों में तोक्यो, शंघाई, हांगकांग और सियोल के बाजार नुकसान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को लाभ के साथ बंद हुए।कच्चे तेल में मामूली बढ़तइस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.31 प्रतिशत बढ़त के साथ 104.13 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 1,295.84 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में नौ पैसे चढ़कर और अपने रिकॉर्ड निचले स्तर में सुधार करते हुए 79.24 पर खुला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79.24 पर खुला जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 9 पैसे की बढ़त दर्शाता है। शुरुआती सौदों में यह 79.24 के ऊंचे स्तर और 79.31 के निम्न स्तर तक गया। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79.33 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।

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चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनएफपीआई का नवंबर में अब तक भारतीय बाजारों में 49,553 करोड़ रुपये का निवेश******एफपीआई का घरेलू बाजार में निवेश बढ़ानई दिल्ली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने में अब तक भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 49,553 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बाजार जानकारों के मुताबिक कोरोना महामारी के असर से अर्थव्यवस्थाओं को बाहर निकालने के लिए सरकारों के द्वारा उठाए गए कदमों से सिस्टम में लिक्विडिटी काफी बढ़ गई है, जिसकी वजह से बाजारों को फायदा मिला है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों को लेकर असमंजस दूर होने के बाद भी संकेतक बेहतर हुए हैं, जिससे भारतीय बाजारों में एफपीआई का निवेश बढ़ा है। एफपीआई ने 3 से 20 नवंबर के दौरान शेयरों में शुद्ध रूप से 44,378 करोड़ रुपये तथा ऋण या बांड बाजार में 5,175 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस तरह का उनका कुल निवेश 49,553 करोड़ रुपये रहा है। अक्टूबर में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में 22,033 करोड़ रुपये डाले थे।ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि तरलता की स्थिति बेहतर रहने से और वैश्विक संकेतकों में सुधार से एफपीआई का भारतीय बाजारों में निवेश बढ़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर असमंजस दूर होने के बाद एफपीआई निवेश बढ़ा रहे है। इसी तरह की राय जताते हुए कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष-प्रमुख बुनियादी शोध-पीसीजी रुस्मिक ओझा ने कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों के बाद एफपीआई का निवेश बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों को उम्मीद है कि निकट भविष्य में डॉलर और कमजोर होगा।चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनकांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी और भाजपा को दी जीत की बधाई******नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के चुनावी नतीजों के रुझान कांग्रेस पार्टी के लिए कुछ खास अच्छे नहीं हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बड़ी बहन व पार्टी की पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा को बड़ा झटका लगा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हम लोगों के फैसले को स्वीकार करते हैं और पीएम मोदी और भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई देते हैं।चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनMP Local Body Election Result: नगरीय निकाय चुनाव के नतीजे आएंगे कल, कहीं गड़बड़ी हुई तो विशेष हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे कमलनाथ******Highlightsमध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले नगरीय निकाय चुनाव यानी सत्ता से पहले के सेमीफाइनल के नतीजे कल आने वाले हैं। मध्य प्रदेश में कुल 347 निकायों और 16 नगर निगमों में दो चरणों में चुनाव हुए थे। इसमें से कल 11 नगर निगम और 133 नगरीय निकाय में हुए चुनाव के नतीजे आएंगे। बचे हुए 5 निगम और 214 निकायों के नतीजे 20 जुलाई को आएंगे।दरअसल, मध्य प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उस हिसाब से बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए यह चुनाव और उसके नतीजे किसी सेमीफाइनल की तरह ही है। यही वजह है कि इन चुनावों के नतीजों पर कांग्रेस और बीजेपी के भविष्य का फैसला भी कल और 20 जुलाई को आने वाले नतीजों पर टिका हुआ है।पहले चरण में कम वोटिंग तकरीबन 59 प्रतिशत हुई थी, जिसके चलते कांग्रेस और बीजेपी दोनों की टेंशन बढ़ चुकी है। यही वजह है की मतगणना पर दोनों दलो, खासकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पैनी नजर रहेगी।इसके लिए बकायदा शिवराज सिंह चौहान के निवास पर एक अस्थाई कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री कल सुबह से मतगणना पर नजर रखते हुए जिले के नेताओं से भी संपर्क में रहेंगे। वहीं, पूर्व मंत्री कमलनाथ भी भोपाल में बनाए गए विशेष चुनाव कंट्रोल रूम में बैठकर पूरे प्रदेश की मतगणना पर नजर रखेंगे।वहीं, किसी भी शहर में किसी भी तरीके की गड़बड़ी होने की सूचना मिलने पर कमलनाथ विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं की लीगल टीम के साथ उस शहर में पहुंचेंगे। इसके लिए बकायदा हेलीकॉप्टर भी विशेष रूप से पूरे दिन तैयार रहेगा। कमलनाथ की पूरी लीगल टीम भी नियम-कानून और कायदे के दस्तावेजों के साथ चुनावी गड़बड़ी से निपटने के लिए तैनात रहेगी।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए प्रदेश की 16 नगर निगम के चुनावी नतीजे 2023 के चुनाव की सत्ता की सीढ़ी के लिए बेहद जरूरी हो जाते हैं। 2015 में हुए चुनाव में सभी 16 नगर निगमों पर बीजेपी के मेयर का कब्जा रहा है। ऐसे में शिवराज सिंह चौहान के लिए बड़ी चुनौती है कि वह सभी की सभी 16 सीटों को बरकरार रखते हुए 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की मजबूती कायम रख सके।वहीं, महज 15 महीनों में सत्ता से बाहर होकर अपनी सरकार गंवा चुके कमलनाथ के लिए भी इन चुनाव के नतीजे बेहद अहम हो जाते हैं, क्योंकि 2018 के चुनाव में मिली जीत के बावजूद विधायकों के बीजेपी में चले जाने के चलते कमलनाथ के हाथ से सत्ता गई थी। ऐसे में नगर निगम और नगरीय निकाय के चुनाव में मिली सफलता कांग्रेस को 2023 के चुनाव में मजबूती दे सकती है।

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चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउननोटबंदी से सरकार होगा 72,800 करोड़ रुपए का प्रॉफिट, रिपोर्ट में हुआ खुलासा****** नोटबंदी से लाखों करोड़ रुपए के राजकोषीय और कर लाभ के दावों के बीच एक घरेलू ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि सरकार को इस कदम से सिर्फ 72,800 करोड़ रुपए का ही ‘प्रॉफिट’ होने की संभावना है। इनमें 32,800 करोड़ रुपए करों और जुर्माने से मिलेंगे। वहीं 40,000 करोड़ रुपए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अधिशेष के स्थानांतरण से मिलेंगे।रियल एस्‍टेट सेक्‍टर को है बजट से काफी उम्‍मीदें, मिल सकती हैं कई सौगातेंचीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनOn This Day : टेस्ट में डेब्यू के 10 साल विराट के लिए रहा है बेमिसाल, जानें कैसे बने 'टेस्ट में बेस्ट'******20 जून 2011, आज ही के दिन टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। कोहली को टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किए आज पूरे 10 साल हो गए हैं और उन्होंने इस फॉर्मेट में अबतक कुल 92 मैच खेलकर 7534 रन बना चुके हैं। इस दौरान दुनिया के इस दिग्गज बल्लेबाज ने 52.68 की औसत से रन बनाया है जिसमें 27 शतक और 25 अर्द्धशतक शामिल है। इसके अलावा उन्होंने ने इस फॉर्मेट में 7 बार दोहरा शतक भी लगाया है।टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू से लेकर अबतक का सफर विराट कोहली के काफी खास रहा है। हालांकि डेब्यू मैच में विराट कोहली कुछ खास कमाल नहीं कर पाए थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ जमैका में किंग्सस्टन मैदान पर अपने पहले मैच में वह सिर्फ 19 रन ही बना पाए थे। उन्होंने पहली पारी में मजह 4 और दूसरी पारी में 19 बनाए।इस मैच में विराट पांचवे नंबर बल्लेबाजी करने उतरे थे। यह वह समय था जब टीम में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ी टीम में खेल रहे थे। उस दौरान युवा कोहली के लिए टीम के प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना काफी मुश्किल था लेकिन टॉप ऑर्डर के दिग्गज क्रिकेटरों ने जैसे ही संन्यास लिया कोहली ने इसके बाद से पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने प्रदर्शन से टीम में अपनी जगह पक्की कर ली।टेस्ट में डेब्यू के साथ ही विराट कोहली के लिए नए रास्ते बनने लगे। टीम के सीनियर खिलाड़ियों में से वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने साल 2012 में संन्यास ले लिया, इसके बाद ठीक दो साल बाद वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान ने भी इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया।साल 2014 के अंत तक आते दिसंबर महीने में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई। भारत के लिए यह दौरा किसी बुरे सपने से कम नहीं कम नहीं था। टीम को यहां करारी हार का सामना करना पड़ा और इस दौरे के साथ ही टीम के तत्कालिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।धोनी के कप्तानी से हटने के बाद विराट कोहली को यह जिम्मेदारी दी गई। तब से लेकर अब तक उन्होंने 61 टेस्ट में भारत की कप्तानी की है। इसमें से टीम इंडिया ने 36 टेस्ट जीते हैं और 14 में हार मिली।इस दौरान विराट ने धोनी के सबसे ज्यादा टेस्ट में कप्तानी के और सबसे ज्यादा जीत के, ये दोनों रिकॉर्ड तोड़ दिए। धोनी ने 60 टेस्ट में कप्तानी की थी।टेस्ट डेब्यू के बाद से ही कप्तान कोहली लगातार अपने शानदार प्रदर्शन से दुनिया में एक अलग छाप छोड़ी है। यही कारण है मौजूदा टेस्ट क्रिकेट में यह खिलाड़ी दुनिया टॉप-4 बल्लेबाजों में एक माने जाते हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ, इंग्लैंड के जो रूट और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन का नाम भी आता है।टेस्ट क्रिकेट में अक्सर यह बहस देखने को मिलती है की आखिरी इस फॉर्मेट में का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी कौन है। हालांकि आंकड़े पर नजर डाले तो यह साफ हो जाएगा की टेस्ट में डेब्यू के बाद से भारत का यह सितार सिर्फ इंग्लैंड के जो रूट से पीछे हैं।जो रूट इंग्लैंड के लिए अबतक कुल 105 टेस्ट मैच खेल चुके हैं जिसमें उन्होंने 8714 रन बनाए हैं। वहीं कोहली इस फॉर्मेट में अबतक 100 मैच भी पूरे नहीं किए हैं लेकिन जिस तरह से यह खिलाड़ी अपना जौहर दिखा रहा है वह दिन दूर नहीं जब वह जो रूट को पीछे छोड़ देंगे।

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चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनWest Bengal News: 'बंगाल में कोई भी बिना पैसे दिए नौकरी नहीं पा सकता', जानें हाईकोर्ट के जज ने ऐसा क्यों कहा******Highlights पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर हो रही धांधली का एक बार फिर पर्दाफाश हुआ। जिला प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने 4 महीने की नौकरी के बाद एक युवक को नौकरी से निकालने का आदेश दे दिया। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान (Calcutta High Court) ने युवक को फिर से काम पर रखा। इस मामले पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य बन गया है, जहां कोई भी बिना पैसे दिए राज्य सरकार की नौकरी को सुरक्षित या बरकरार नहीं रख सकता है।कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की सिंगल जज बेंच ने अपनी नियुक्ति के 4 महीने बाद एक सरकारी स्कूल में प्राथमिक शिक्षक की बर्खास्तगी से संबंधित फैसला सुनाते हुए पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस के विधायक माणिक भट्टाचार्य के नाम का भी जिक्र किया। गंगोपाध्याय ने कहा, "शायद, वादी ने माणिक भट्टाचार्य को पैसे नहीं दिए और इसलिए उनका रोजगार समाप्त कर दिया गया। पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य बन गया है, जहां कोई भी बिना पैसे दिए राज्य सरकार की नौकरी हासिल नहीं कर सकता है।"जस्टिस गंगोपाध्याय के आदेश के बाद, माणिक भट्टाचार्य को WBBPE अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था। गंगोपाध्याय ने इस साल जून में WBBPE भर्ती में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच का आदेश देते हुए भट्टाचार्य को उनकी कुर्सी से हटाने का भी आदेश दिया था। यह विशेष मामला जिस पर जस्टिस गंगोपाध्याय ने इतनी कड़ी टिप्पणी की, एक व्यक्ति मिराज शेख द्वारा मुकदमेबाजी से संबंधित है, जिसे दिसंबर 2021 में पश्चिम बंगाल के जिले के एक सरकारी स्कूल में प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था।हालांकि, सेवा में शामिल होने के ठीक 4 महीने बाद, डब्ल्यूबीबीपीई द्वारा यह कहते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई कि उनके पास बोर्ड के मानदंडों के अनुसार आरक्षित श्रेणी में नियुक्त होने के लिए ग्रेजुएशन में 45% के योग्यता अंक नहीं हैं। शेख ने आदेश को चुनौती दी और समर्थन में उन्होंने अपना ग्रेजुएशन का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, जिसमें उनके अंक 46% थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और वादी द्वारा रखे गए डॉक्यूमेंट्स से संतुष्ट होने के बाद जस्टिस गंगोपाध्याय ने मंगलवार को डब्ल्यूबीबीपीई को वादी को प्राथमिक शिक्षक के रूप में तुरंत बहाल करने का आदेश दिया। इसके बाद, उन्होंने यह टिप्पणी की कि पश्चिम बंगाल में कोई भी भर्ती बिना पैसे दिए नहीं होती है।तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने जस्टिस गंगोपाध्याय की टिप्पणियों पर बयान देने से परहेज किया है। हालांकि, विपक्ष ने दावा किया कि जज ने अपने अवलोकन के माध्यम से पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की असली तस्वीर को उजागर किया है।

चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनसेबी ने टैक्स चोरी मामले में 24 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया****** बाजार नियामक सेबी ने स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफार्म के जरिए टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 24 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही अन्य के खिलाफ विस्तृत जांच जारी है। ये कंपनियां बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगी और ना नहीं पैसा जुटा सकेगी। इन कंपनियों ने मिसाका फाइनेंस एंड ट्रेडिंग लि. के शेयर मूल्य में आर्टिफिशियल तेजी के लिए कथित रूप से सिक्युरिटीज मार्केट का दुरूपयोग किया। इसका मकसद कंपनी के तरजीही आबंटियों को दीर्घकालीन पूंजी लाभ (एलटीसीजी) उपलब्ध्या कराना था। दीर्घकालीन पूंजी लाभ पर टैक्स की छूट होती है।गौरतलब है कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मिसाका फाइनेंस एंड ट्रेडिंग लि. के मामले में 17 अप्रैल 2015 को अपने अंतरिम आदेश में 24 इकाइयों समेत अन्य पर प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने को लेकर प्रतिबंध लगाया था। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य राजीव कुमार अग्रवाल ने आज अपने आदेश में कहा कि उन्हें अंतरिम आदेश को बदलने का कोई वजह नजर नहीं आता।उन 24 इकाइयों में बादामिसाती अपार्टमेंट्स प्राइवेट लि., फंक्शन फाइनेंशियल कंसल्टेंट्स प्राइवेट लि., ब्लू होरिजन कामोसेल्स प्राइवेट लि., अरूनावो मुखर्जी तथा अमित सिंह शामिल हैं।चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनHoli 2022: कब है होली? जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि******Highlightsहिंदू धर्म में होली का अधिक महत्व है। रंगों का यह त्योहार फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन और उसके दूसरे दिन होली खेलने का उत्सव मनाया जाता है।पंचांग के अनुसार, होली के ठीक 8 दिन पहले होलाष्टक आरंभ होते हैं। इन आठ दिनों के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। इस बार फाल्गुन महीने में होलाष्टक 10 मार्च से शुरू होकर 17 मार्च तक चलेंगे, जिसकेबाद 18 मार्च को होली मनाई जाएगी।धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान-दान कर उपवास रखने से मनुष्य के दुखों का नाश होता है और उस पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई का दिन के रूप में मनाया जाता है। जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।17 मार्च, गुरुवाररात 9 बजकर 20 मिनट से देर रात 10 बजकर 31 मिनट तकहोलिका दहन से पहले होली पूजन का विशेष विधान है। इस दिन सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें। इसके बाद होलिका पूजन वाले स्थान में जाए और पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके बैठ जाएं। इसके बाद पूजन में गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमाएं बनाएं। इसके साथ ही रोली, अक्षत, फूल, कच्चा सूत, हल्दी, मूंग, मीठे बताशे, गुलाल, रंग, सात प्रकार के अनाज, गेंहू की बालियां, होली पर बनने वाले पकवान, कच्चा सूत, एक लोटा जल मिष्ठान आदि के साथ होलिका का पूजन किया जाता है। इसके साथ ही भगवान नरसिंह की पूजा भी करनी चाहिए। होलिका पूजा के बाद होली की परिक्रमा करनी चाहिए और होली में जौ या गेहूं की बाली, चना, मूंग, चावल, नारियल, गन्ना, बताशे आदि चीज़ें डालनी चाहिए।होली मनाने के पीछे शास्त्रों में कई पौराणिक कथा दी गई है। लेकिन इन सबमें सबसे ज्यादा भक्त प्रहलाद और हिरण्यकश्यप की कहानी प्रचलित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को बुराई पर अच्छाई की जीत को याद करते हुए होलिका दहन किया जाता है।कथा के अनुसार, असुर हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था, लेकिन यह बात हिरण्यकश्यप को बिल्कुल अच्छी नहीं लगती थी। बालक प्रह्लाद को भगवान की भक्ति से विमुख करने का कार्य उसने अपनी बहन होलिका को सौंपा जिसके पास वरदान था कि अग्नि उसके शरीर को जला नहीं सकती।भक्तराज प्रह्लाद को मारने के उद्देश्य से होलिका उन्हें अपनी गोद में लेकर अग्नि में प्रविष्ट हो गयी, लेकिन प्रह्लाद की भक्ति के प्रताप और भगवान की कृपा के फलस्वरूप खुद होलिका ही आग में जल गई। अग्नि में प्रह्लाद के शरीर को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस प्रकार होली का यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।

चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनYear Ender 2017: क्रिकेट की वो टॉप-5 कॉन्ट्रोवर्सी, जिसने इस साल जैंटलमेंस गेम को किया शर्मसार******हर साल की तरह इस साल भी विवादों ने क्रिकेट की दुनिया का साथ नहीं छोड़ा।इससालमैदानकेअंदरऔर बाहर ऐसे कईविवादहुए हैं,जिन्होंनेहरकिसीको हैरान करदिया। आइए आपको बताते हैं की टॉप-5 कॉन्ट्रोवर्सी जिसने इस जैंटलमैन्स गेम को शर्मसार किया।साल 2017 में कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच की अनबन भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा विवाद रहा। कप्तान और कोच के बीचरिश्ते इतने ज्यादा खराब हो गए थे कि अनिल कुंबले को कोच पद से इस्तीफा तक देना पड़ा था। कुंबले के पद पर रहते हुए बीसीसीआई ने चैंपियंस ट्रॉफी से कुछ दिन पहले ही कोच पद के लिए आवेदन मंगवाने शुरू कर दिए। हालांकि बाद में प्रशासनिक समिति ने साफ कहा कि कुंबले वेस्टइंडीज दौरे तक टीम इंडिया के कोच बने रहेंगे लेकिन कुंबले ने अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दियाथा औरये बात जग जाहिर हो गई थी कि विराट, कुंबले से खुश नहीं हैं।वोरवि शास्त्री को टीम का कोच चाहते हैं। आखिरकारसचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की एडवाइजरी कमेटी ने इंटरव्यू के बाद रवि शास्त्री के नाम पर मोहर लगाकर ये बता दिया कि टीम इंडिया में असली किंग कप्तान ही है।इस साल ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा भी विवादित रहा। खासकरटेस्ट सिरीज़के दौरानविराट कोहली और स्टीव स्मिथ के बीच जमकर तू-तू मैं मैं हुई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे टेस्ट मैच के दौरान अंपायर के आउट देने पर कप्तान स्मिथ ने डीआरएस लेने के लिए ड्रेसिंग रूम से मदद मांगी। हालांकि अंपायर ने उन्हें वहीं रोक दिया। इसके बाद अपने बचाव में स्मिथ ने कहा कि मैच के दौरान ब्रेन फेड होने की वजह से उनसे ये गलती हुई। लेकिन स्टीव स्मिथ इस हरकतकी कप्तान विराट कोहली ने आलोचना की। कोहली ने तो यहां तक कह दिया था कि अब वह ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के साथ दोस्ती नहीं रखेंगे।इस साल इंग्लैंड टीम के सबसे बड़े ऑलराउंडर बनकर उभरे बेन स्टोक्स विवादों में फंसे रहे। वेस्टइंडीज के खिलाफ सिरीज़ के दौरान स्टोक्स का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वो ब्रिस्टल के एक नाइट क्लब के बाहर मारपीट कर रहे थे। जिसके बाद स्टोक्स को गिरफ्तार भी किया गया। इस मामले की वजह से स्टोक्स को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज़ सिरीज़ में भी जगह नहीं मिली।ऐसा लगता है कि विवाद और क्रिस गेल एक-दूसरे के लिए ही बने हैं। साल 2017 में भी गेल कई बार विवादों में घिरे। कैरेबियाई महिला मालिशिया लियान रसेल ने गेल पर आरोप लगाया था कि 2015 वर्ल्ड कप के दौरान सिडनी ड्रेसिंग रूम में गेल उनके सामने नग्न हो गए थे। फेयरफैक्स मीडिया ने मालिशिया के हवाले से गेल पर ये आरोप लगाया था जिसके बाद गेल ने मीडिया समूह पर छवि खराब करने के लिए मानहानि का मुकदमा ठोका था। हालांकि कोर्ट ने सबूतों के आभाव में गेल को इस आरोप से बरी कर दिया था।इस साल टीम इंडिया के हेड कोच न बन पाने पर पूर्व सलामी बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग ने विवादित बयान दिया था। सहवाग ने कहा था कि कि बीसीसीआई में उनकी कोई सेटिंग नहीं थी, इसलिए वह हेड कोच नहीं बन पाए। सहवाग की सेटिंग वाली बात को लेकर बीसीसीआई और सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की एडवाइजरी कमेटी पर सवाल उठने लगे थे। जिसके बाद गांगुली ने सहवाग ने इस बयान को गलत और मूर्खतापूर्ण बताया था।चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउन2 लाख 27 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं ने कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक ली: सरकार******केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि देश में चल रहे राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत 2.27 लाख से अधिक गर्भवती महिलाएं कोरोना वायरस रोधी टीके की पहली खुराक ले चुकी हैं। मंत्रालय ने कहा कि इसे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और चिकित्सा अधिकारियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को संक्रमण के जोखिम और टीकाकरण के लाभों के बारे में नियमित परामर्श के परिणाम के रूप में देखा जा सकता है।मंत्रालय ने कहा कि इस सतत अभियान ने को कोविड टीकाकरण को लेकर विकल्प अपनाने का अधिकार दिया है। तमिलनाडु इस मामले में सबसे आगे है, जहां 78,838 गर्भवती महिलाएं टीका लगवा चुकी हैं। आंध्र प्रदेश में 34,228, ओडिशा में 29,821, मध्य प्रदेश में 21,842, केरल में 18,423 और कर्नाटक में 16,673 गर्भवती महिलाओं ने पहला टीका लगवा लिया है। ने भय, आशंकाओं, गलत सूचनाओं, कुछ सामाजिक वर्जनाओं और मुद्दों को दूर करने के अभियान के तहत दो जुलाई को, गर्भवती महिलाओं के के संबंध में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मार्गदर्शन के लिये एक नोट साझा किया था।मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इसके बाद कार्यक्रम प्रबंधकों, सेवा प्रदाताओं और अग्रिम मोर्च पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को परामर्श देने के लिये प्रशिक्षित किया गया।राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के संबंध में सरकारी और निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों में अपनी टीमों को संवेदनशील बनाया। मंत्रालय ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को टीका लेने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते राज्यों द्वारा कई पहल की गई हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष टीकाकरण सत्र शामिल हैं।केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया है कि वंचितों, भिखारियों और खानाबदोशों के लिए विशेष टीकाकरण सत्र का आयोजन करें जिनके पास खुद से पंजीकरण कराने की व्यवस्था व टीकाकरण के लिए संसाधन नहीं हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि राज्य सरकार इस प्रयास में गैर सरकारी संगठनों, नागरिक समाज संगठनों और स्वयंसेवियों का सहयोग ले सकती है।भूषण ने कहा कि अभी तक 45 करोड़ से अधिक टीके की खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने 29 जुलाई को लिखे पत्र में कहा कि टीकाकरण जनकेंद्रित अभियान है और इसे सभी पात्र समूहों तक उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति से परे होकर पहुंचाने का प्रयास किया गया है।पत्र में कहा गया है कि संक्रमण के सर्वाधिक खतरे वाले समूहों में कोविड-19 टीकाकरण का ध्यान रखने की जरूरत है ताकि सभी को समान रूप से टीका मिल सके। पत्र में कहा गया है, ‘‘वंचितों एवं खानाबदोशों को टीका मुहैया कराए जाने की जरूरत है जिनके पास खुद से पंजीकरण कराने की सुविधा नहीं है और जिनके पास टीकाकरण के लिए संसाधन नहीं हैं। इस समूह को कवर करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश लक्षित रुख अपना सकते हैं।’’

चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनNavratri Vrat Recipe: व्रत में बनाएं आलू की रसेदार लजीज सब्जी और कुट्टू की पूड़ी, ये है आसान तरीका******नवरात्रि के व्रत में हर दिन कुछ ना कुछ अलग खाने का मन होता है। अगर आप भी नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं तो आज आप ये डिश खाने में ट्राई कर सकते हैं। इस डिश को खाकर ना केवल आपका पेट भरेगा बल्कि ये बहुत स्वादिष्ट भी लगेगी। ये डिश कुट्टू की पूड़ी के साथ रसेदार आलू की सब्जी है। जानें इन दोनों चीजों को बनाने का तरीका...सबसे पहले उबले हुए आलू को हाथ से थोड़ा सा मैश कर लें। अब कढ़ाई या फिर एक पैन लें। बर्तन को धीमी आंच पर गैस पर रखें। अब इसमें दो चम्मच देसी घी डालें। घी के गर्म होते ही उसमें आधे चम्मच से कम जीरा डालें। इसके बाद उबला हुआ आलू, हरी मिर्च, चुटकी भर पिसी लाल मिर्च, स्वादानुसार नमक और धनिया की पत्ती डालें। इसके बाद इसे कंछुली से मिलाएं और एक मिनट तक भूनें। इसके बाद करीब आधा गिलास पानी डालें और फिर से आलू को चलाएं। इसे करीब 5 से 7 मिनट तक पकने दें। इसके बाद गैस बंद कर दें और सब्जी को बर्तन में निकाल लें। अब आपकी व्रत वाली रसेदार आलू की सब्जी खाने के लिए तैयार है। सबसे पहले कुट्टू का आटा लें। अगर आपने दो कटोरी कुट्टू का आटा लिया है तो उसमें दो उबले हुए आलू को अच्छे से मैश करके डाल दें। इसके बाद आटे में स्वादानुसार नमक डालें। इन सबको हाथ से मिलाएं और थोड़ा-थोड़ा गर्म पानी डालकर आटे को मसलना शुरू करें। कुट्टू का आटा गेहूं के आटे की तरह आसानी से मसलता नहीं है। इसलिए आप एक साथ पानी ना डालें धीरे-धीरे ही पानी डालें ताकि वो आसानी से मसल सकें। आपका जब आटा मसल जाए तो उसे करीब 10 मिनट के लिए ढक कर रख दें।10 मिनट के बाद कढ़ाई में रिफाइंड डालें। तेल के गर्म होते ही उसमें कुट्टू के आटे की छोटी सी लोई लें और उसे हाथेली के सहारे से बड़ा करें। कुट्टू के आटे की लोई को हथेली से मसलते वक्त थोड़ा सा कुट्टू का सूखा आटा हाथ में लगा लें। ऐसा इसलिए ताकि कुट्टू का आटा हाथ में चिपके ना और आसानी से लोई बड़ी हो जाए। इसके बाद हाथ से बड़ी की हुई लोई को तेल में डालकर डीप फ्राई करें। इसी तरह से सारी लोई को हथेली से बड़ा करें और डीप फ्राई करें। जब दोनों तरफ से पक जाए तो तेल से निकाल लें और आलू की सब्जी के साथ खाएं। ये टेस्ट में आपको बहुत ही लजीज लगेगा।चीनकीजीरोकोरोनापॉलिसीभीबेअसर31राज्योंमेंफैला5शहरोंमेंफुललॉकडाउनअफगानिस्तान: काबुल की शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला, 30 लोगों की मौत****** की राजधानी की एक में शुक्रवार को हुए में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 45 अन्य घायल हो गए। गृह मंत्रालय के अधिकारी मेजर जनरल अलीमस्त मोमंद ने बताया कि हमलावर पैदल आया था और उसने जमां मस्जिद में खुद को उड़ा दिया। यह मस्जिद दश्ती बार्च इलाके में है। मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी जुमे की नमाज के लिए आए थे। किसी संगठन ने फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।इस्तेकलाल अस्पताल के प्रमुख मोहम्मद साबिर नसीब ने कहा कि 2 शवों को अस्पताल में लाया गया है। खबरों के मुताबिक, हमलावर ने खुद को उड़ाने से पहले मस्जिद में मौजूद नमाजियों पर गोलियों की बौछार कर दी। हमले के एक दिन पहले ही एक आतंकी को गिरफ्तार किया गया था, जो कथित रूप से ट्रक के जरिए आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला था।आपको बता दें कि अगस्त में काबुल में हुए एक ऐसे ही हमले में 20 लोगों की जान चली गई थी। वहीं, काबुल में ही मई में हुए एक ट्रक बम विस्फोट में 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस्लामिक स्टेट अफगानिस्तान भर में शिया मस्जिदों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी लेता रहा है।

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