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Ayodhya Deepotsav Live Updates: दीपों से जगमगा रही है भगवान राम की नगरी अयोध्या

2022-10-01 00:12:06 करामयी

दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याSP national convention: समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन 29 सितंबर को, होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव****** (सपा) का राष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 29 सितंबर को लखनऊ में होगा। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। उससे एक दिन पहले सपा का प्रदेश सम्मेलन भी लखनऊ में ही आयोजित किया जाएगा और इसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। पार्टी अध्यक्ष ने गुरुवार को यहां जारी एक बयान में बताया कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सपा का प्रदेश सम्मेलन 28 सितम्बर को तथा राष्ट्रीय सम्मेलन 29 सितम्बर को सम्पन्न होगा। उनके अनुसार उनमें देश-प्रदेश की राजनीतिक-आर्थिक स्थिति पर प्रस्ताव पारित करने के साथ-साथ समाजवादी पार्टी की भूमिका की दिशा भी सुनिश्चित की जाएगी।यादव ने कहा, "जिस तरह से बीजेपी ने राजनीतिक एवं आर्थिक संकट पैदा किया है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया है उससे निपटने के लिए इन सम्मेलनों में पार्टी की कारगर भूमिका के बारे में चर्चा होगी। इन सम्मेलनों में 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर भी गहन चर्चा होगी। इनमें सपा के राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी होगा।"उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के इन सम्मेलनों में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर लोकतांत्रिक संस्थाओं को भाजपा द्वारा कमजोर किए जाने, अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट, राजनीतिक दल-बदल को बढ़ावा देने तथा सामाजिक सद्भाव को खतरे में डालने पर भी विशेष चर्चा होगी।उन्होंने कहा कि इसके अलावा उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र की बदहाली, बढ़ते भ्रष्टाचार और किसानों-नौजवानों के साथ धोखा आदि मसलों पर राजनीतिक-आर्थिक प्रस्तावो के जरिये प्रकाश डाला जाएगा।आपको बता दें कि इन दिनों सपा का सदस्यता अभियान चल रहा है। जुलाई से शुरू हुए इस सदस्यता अभियान में बहुत बड़ी संख्या में लोग सदस्य बन रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पार्टी के सक्रिय सदस्यों में से ही सम्मेलन के प्रतिनिधि चुने जाएंगे। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के संगठनात्मक चुनावों को संपन्न कराने के लिए चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव को सौंपी गई है।

दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याCoal supply: कोल इंडिया की बिजली क्षेत्र को कोयला आपूर्ति में सात प्रतिशत गिरावट******Coal supply by CIL to power sector declines 7 per cent to 378 million tonnes सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया की बिजली क्षेत्र को कोयला आपूर्ति चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी अवधि में 6.8 प्रतिशत घटकर 37.79 करोड़ टन रही। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी की बिजली क्षेत्र को कोयला आपूर्ति 40.56 करोड़ टन थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में कोल इंडिया की बिजली कंपनियों को कोयला आपूर्ति 2.9 प्रतिशत बढ़कर 4.32 करोड़ टन रही जो पिछले वित्त वर्ष की जनवरी में 4.2 करोड़ टन थी। की अनुषंगी सिंगरेनी कॉलरीज कंपनी लिमिटेड ने अप्रैल-जनवरी अवधि में 4.40 करोड़ टन की जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में की गयी 4.52 करोड़ टन कोयला आपूर्ति से 2.6 प्रतिशत कम है। एक अधिकारी ने बारिश को कोयला क्षेत्र का दुश्मन बताते हुए कहा कि जुलाई के बाद मानसून के लंबी अवधि तक बने रहने से भी चालू वित्त वर्ष में कोयला का उत्पादन घटा है।कोल इंडिया का अप्रैल-जनवरी अवधि में उत्पादन भी 3.9 प्रतिशत घटकर 45.15 करोड़ टन रह गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की इसी अवधि में कंपनी का 46.96 करोड़ टन था। हालांकि कोल इंडिया ने अगले वित्त वर्ष में कोयला उत्पादन 75 करोड़ टन रहने का अनुमान जताया था। कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा था कि कोल इंडिया का वित्त वर्ष 2023-24 तक कोयला उत्पादन एक अरब टन पहुंचाने का लक्ष्य है।दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्यारिलायंस कम्‍युनिकेशंस के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी बरकरार, 20 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ कर रहा है कारोबार****** के शेयरों में आज लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई। ख्‍ाबर लिखे जाते समय RCom के शेयरों में 20.49 प्रतिशत की उछाल देखी जा रही थी। दरअसल, कंपनी ने घोषणा की थी कि वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के स्‍ट्रेटजिक डेट रिस्‍ट्रक्‍चरिंग (SDR) फ्रेमवर्क से जीरो इक्विटी कन्‍वर्जन और कर्जदाताओं तथा बॉन्‍ड धारकों के लिए जीरो लोन राइट-ऑफ के साथ बाहर होगी। घोषणा के अनुरूप सभी लेनदेन किए जाने के बाद Rcom के ऊपर मात्र लगभग 6,000 करोड़ रुपए का कर्ज बचने का अनुमान है। इस प्रकार, कंपनी के कर्ज में 85 फीसदी से अधिक की कमी आएगी।बांबे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) पर RCom के शेयरों का कारोबार 20.49 फीसदी की बढ़ोतरी के साथसाथ 25.70 रुपए पर किया जा रहा है। RCom के शेयर 23.46 रुपए पर खुले थे और यह 26.66 के स्‍तर तक गए थे। आपको बता दें कि पिछले कारोबारी सत्र में टेलिकॉम कंपनियों के शेयरों में 30 फीसदी तक की दर्ज की गई थी।RCom के चेयरमैन अनिल अंबानी के अनुसार, कंपनी अपने टेलिकॉम एसेट्स जिसमें स्‍पेक्‍ट्रम, टावर और फाइबर शामिल हैं, को मार्च 2018 तक बेचेगी। इससे कंपनी को 25,000 करोड़ रुपए प्राप्‍त होंगे जिसका इस्‍तेमाल कर्जदाताओं को पूर्व-भुगतान करने और स्‍ट्रेटजिक डेट रीस्‍ट्रक्‍चरिंग प्रोग्राम से निकलने के लिए किया जाएगा।

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दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याराज्यपाल को येदियुरप्पा का पत्र ही उनकी किस्मत का फैसला कर देगा: चिदंबरम****** कर्नाटक में के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आज कहा कि येदियुरप्पा द्वारा राज्यपाल को दिया पत्र ही उनकी किस्मत का फैसला कर देगा क्योंकि इसमें 104 से ज्यादा विधायकों के समर्थन की बात शामिल नहीं है। चिदंबरम ने ट्वीट किया, ‘‘राज्यपाल को दिया गया येदियुरप्पा का पत्र उनका भविष्य तय कर देगा। इसमें 104 से ज्यादा के आंकड़े का कोई उल्लेख नहीं है। राज्यपाल ने सरकार बनाने का जो न्यैता दिया है उसमें भी किसी आंकड़े का उल्लेख नहीं है।’’उनकी यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि कर्नाटक में सरकार का गठन उसके समक्ष दायर मामले में आखिरी निर्णय पर निर्भर करेगा। येदियुरप्पा को कल सरकार गठन का न्यौता मिलने के बाद चिदंबरम ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल वजुभाई वाला ने बहुमत का जुगाड़ करने के लिए भाजपा को 15 दिन का समय दिया है।दरअसल, राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता देने के साथ ही विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। आज सुबह येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। चिदंबरम ने कहा, ''राज्यपाल ने येदियुरप्पा को बहुमत जुगाड़ने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। 15 दिन का समय 104 को 111 में बदलने के लिए दिया गया है।’’राज्य में विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में प्रदेश की 224 सदस्यीय विधानसभा में 222 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जदएस+ को 38 सीटें मिली हैं। फिलहाल, बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 112 है।दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याZIM vs BAN, 1st T20I: जिम्बाब्वे ने पहले मैच में बांग्लादेश को हराया, सीरीज में ली 1-0 की बढ़त, सिंकदर और मधेवेरे के अर्धशतक******Highlightsबांग्लादेश के लिए जिम्बाब्वे दौरे का आगाज निराशाजनक रहा। दोनों टीमों के बीच शनिवार को हरारे में खेले गए पहले मैच में मेजबान जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश को 17 रन से हराकर तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। जिम्बाब्वे ने इस मैच में 205 रन के स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया और बांग्लादेश को 188 के स्कोर पर रोक दिया।जिम्बाब्वे के 206 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और दूसरे ही ओवर में उसके सलामी बल्लेबाज मुनीम शहरयार चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लिटन दास (32) और अनामुल हक (26) ने मिलकर पारी को संभाला और तेजी से रन बनाते हुए दूसरे विकेट के लिए 33 गेंदों में 58 रनों की साझेदारी की। लिटन दास अच्छी लय में नजर आ रहे थे और 19 गेंदों में 32 रन बना चुके थे लेकिन सातवें ओवर में वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रनआउट हुए। इसके बाद अनामुल हक और फिर अफीफ हुसैन (10) भी जल्दी ही पवेलियन लौट गए।बांग्लादेश की टीम एक समय 106 के स्कोर पर चार विकेट गंवाकर मुश्किल में नजर आ रही थी। लेकिन इसके बाद नजमुल हुसैन शंटो (37) और कप्तान नुरुल हसन (42*) ने मिलकर एक मजबूत साझेदारी करते हुए 21 गेंदों में 40 रन जोड़े। नजमुल 16वें ओवर में आउट हुए। इसके बाद कप्तान ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए और बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में छह विकेट खोकर 188 रन ही बना पाई।इससे पहले जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। लेकिन उसकी शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। रेगिस चकाब्वा आठ रन बनाकर तीसरे ओवर में आउट हुए। इसके बाद कप्तान क्रेग इर्विन (21) ने तेजी से रन बनाए लेकिन बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। हालांकि दूसरे छोर पर वेसले मधेवेरे (67) ने रिटायर्ड हार्ट होने से पहले तेज तर्रार पारी खेली और 46 गेंदों में 67 रन बनाए। उनके बाद सीन विलियम्स ने 19 गेंदों में 33 और फिर सिंकदर रजा ने 26 गेंदों में 65 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम के स्कोर को 205 पर पहुंचाया और बांग्लादेश के सामने के विशाल लक्ष्य रखा।दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याSri Lanka News: श्रीलंका के राष्ट्रपति देंगे इस्तीफा, पीएम ने पद छोड़ने का ऐलान किया, राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा******Highlightsभारत का पड़ोसी श्रीलंका बर्बादी की कगार पर है। यह मुल्क अब गृह युद्ध की तरफ बढ़ रहा है। एक तरफ जहां प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर कब्जा कर लिया, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास के एक हिस्से में आग लगा दी। अब हालात कुछ ऐसे हैं कि राष्ट्रपति किसी अज्ञात स्थान पर फरार हो चुके हैं और 13 जुलाई को इस्तीफा देने की घोषणा कर चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आइए, समझते हैं कैसे इस हाल में पहुंचा भारत का यह खूबसूरत पड़ोसी देश: आज जिस हाल में है उसमें काफी बड़ा रोल चीन का भी है। चीन ने पहले श्रीलंका को सपने दिखाए, फिर अपने पैसे दिखाए और फिर जमकर भ्रष्टाचार किया। अब हालात ऐसे हैं कि चीन के कारिंदे श्रीलंका में ही बैठकर तमाशा देख रहे हैं। यदि कहा जाए कि इस वक्त श्रीलंका के सिस्टम में चीन का कब्जा हो चुका है, तो कुछ गलत नहीं होगा। श्रीलंका में जो हुआ है वह सिर्फ एक तख्तापलट नहीं है, जनता का गुस्सा नहीं है, बल्कि चीन कैसे चाल चलता है और कैसे किसी देश के अंदर बवाल शुरू करता है, उसकी एक नजीर है।श्रीलंका की जनता पिछले कुछ महीनों से रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के लिए भी जूझ रही थी। जब तेल खत्म हो गया, राशन खत्म हो गया, दवाई खत्म हो गई तो आखिरकार जनता को सड़क पर आना पड़ा। श्रीलंका में पब्लिक का यह आक्रोश परिवार के परिवारवाद के खिलाफ भी है, जो दशकों से अपने ही देश को लूटकर कंगाल किए जा रहा था। जनता का यह आक्रोश इतना भड़का कि इसकी तपिश शनिवार को राजपक्षे परिवार ने राष्ट्रपति भवन की तस्वीरें देखकर महसूस कर ली होगी।श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन पर हजारों की भीड़ ने कब्जा कर लिया। आमतौर पर ऐसी भीड़ को अनियंत्रित होते देखा गया है, लेकिन श्रीलंका में जुटी यह भीड़ जरा भी अराजक नहीं हुई। इस भीड़ ने न तो कोई वाहन फूंका और न ही किसी पर पत्थर फेंका। हालांकि बाद में प्रधानमंत्री के निजी आवास के एक हिस्से में भीड़ ने आग जरूर लगाई, लेकिन ऐसे हालात वहां सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बाद पैदा हुए। इसके अलावा कहीं से भी हिंसा की एक भी खबर नहीं आई।श्रीलंका में पिछले कुछ महीनों से तेल की भारी किल्लत है। डीजल और पेट्रोल भरवाने के लिए लोगों को कई-कई घंटों, बल्कि 2-3 दिन तक इंतजार करना पड़ता था। सिर्फ कोलंबो में पेट्रोल लाइन में लगने के दौरान 5 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां तक कि एक महिला ने पेट्रोल पंप के पास ही एक बच्चे को भी जन्म दिया। पेट्रोल पंप सुरक्षाबलों के नियंत्रण में दिए जा चुके हैं और हालात ऐसे हैं कि एक-एक लीटर तेल के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। यही वजह है कि श्रीलंका की जनता अब भारी आक्रोश में है।श्रीलंका में पिछले कुछ दिनों में खाने-पीने का सामान भी काफी महंगा हुआ है। मिसाल के तौर पर जुलाई 2021 में एक किलो चावल की कीमत 155 श्रीलंकाई रुपये थी जो जुलाई 2022 में बढ़कर 240 हो गई। पिछले साल तक एक किलो साल्या मछली की कीमत 350 रुपये थी जो अब 820 रुपये किलो बिक रही है। एक किलो चीनी 120 से 350 पर, एक किलो सेब 80 रुपये से 200 पर पहुंच गया है। एक लीटर दूध खरीदने के लिए लोगों को 300 रुपये से ज्यादा चुकाना पड़ रहा है, जबकि पेट्रोल 550 रुपये लीटर है। ऐसे में लोगों का गुस्सा भड़कना स्वाभाविक ही है।श्रीलंका में लोगों को कुकिंग गैस की भी भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। यही वजह है कि इस देश के कई शहरों में अब लकड़ी और कोयले पर खाना पकाना पड़ रहा है। लोग किसी तरह सिलेंडर भरवा भी लें, लेकिन सरकार के पास गैस ही नहीं है। गांवों में तो फिर भी लकड़ियों से खाना बन जा रहा है, लेकिन शहरों में लोगों को खाना बनाने के लिए भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। और यह कमी आज से नहीं, बल्कि पिछले कई महीनों से चल रही है।श्रीलंका के इस आंदोलन में बौद्ध धर्मगुरुओं की भी एंट्री हो चुकी है। 8 जुलाई को सभी धर्मों के गुरुओं ने राष्ट्रपति गोटाबाया के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया और Senkadagala Statement पर साइन किया। 9 जुलाई को जब जनता राष्ट्रपति भवन की तरफ बढ़ी तो उस भीड़ में बौद्ध धर्मगुरु भी थे। वे आंदोलन को लीड कर रहे थे। पुलिस और सुरक्षाबलों ने इस भीड़ को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन उनकी सारी कोशिशें नाकाफी रही। बौद्ध धर्मगुरुओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन में घुसने में कामयाब रहे।2010 के बाद से ही लगातार श्रीलंका का विदेशी कर्ज लगातार बढ़ता गया है। श्रीलंका ने अपने ज्यादातर कर्ज चीन, जापान और भारत जैसे देशों से लिए हैं। यह देश एक्सपोर्ट से लगभग 12 अरब डॉलर की कमाई करता है, जबकि इम्पोर्ट का उसका खर्च करीब 22 अरब डॉलर है, यानी उसका व्यापार घाटा 10 अरब डॉलर का रहा है। पिछले 2 सालों में श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घटा है। इस साल मई अंत तक श्रीलंका के विदेशी मुद्रा भंडार में केवल 1.92 अरब डॉलर ही बचे थे, जबकि 2022 में ही उसे लगभग 4 बिलियन डॉलर का लोन चुकाना है।

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दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याITR forms 2021-22: नया ITR फॉर्म जारी, आयकर विभाग को अब देनी होंगी ये नई जानकारियां******ITRHighlightsनई दिल्ली। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही आयकर विभाग ने नया इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए नया आईटीआर फॉर्म जारी कर दिया है। यह नया फॉर्म वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जारी किया गया है। नए फॉर्म में विभाग ने कई नए बदलाव किए हैं। अब आपको विदेशों से हुई आय की जानकारी रिटर्न फॉर्म में देनी होगी। इसके अलावा रिटायरमेंट बे​नेफिट से जुड़े खातों की जानकारी भी आईटीआर फॉर्म में दर्ज करनी होगी।केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने करदाताओं के लिए इनकम टैक्स रिटन फॉर्म 1 से 5 तक को आज नोटिफाई कर दिया है। आईटीआर फॉर्म 1 (सहज) और आईटीआर फॉर्म 4 (सुगम) सरल रूप हैं। यह बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम करदाताओं की जरूरतों को पूरा करते हैं। सहज फॉर्म 50 लाख रुपये तक की आय वाले वे व्यक्ति भर सकते हैं जो वेतन, एक मकान / अन्य स्रोतों (ब्याज आदि) से आय प्राप्त करते हैं। जबकि आईटीआर-4 वे व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और कंपनियां भर सकती हैं जिनकी आय कारोबार और पेशे से 50 लाख रुपये तक है।आईटीआर-तीन वे व्यक्ति भर सकते हैं जिन्हें कंपनियों/पेशे से लाभ के रूप में आय प्राप्त होती है। जबकि आईटीआर-5 सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी) द्वारा भरा जाता है। आईटीआर-1 मोटे तौर पर पिछले वर्ष की तरह ही है, बस जो नई जानकारी इसमें मांगी गई है वह है शुद्ध वेतन की गणना के लिए किसी अन्य देश में सेवानिवृत्ति लाभ खाते से होने वाली आय।दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याManglik Dosh: कुंडली में मांगलिक दोष की वजह से आ रही है शादी में बाधा? धारण करें ये रत्न******कुंडली में ग्रहों की दशा ठीक नहीं चल रही हो तो लोग रत्नों का सहारा लेते हैं। खास तौर पर कुंडली में यदि मांगलिक दोष हो तो शादियों में दिक्कत आती हैं। ऐसे में कुंडली में मांगलिक दोष के प्रभाव को कम करने के लिए मूंगा रत्न काफी प्रभावी है। कुंडली में मंगल के प्रभाव को सकारात्मक करने के लिए मूंगा को धारण करना अहम माना गया है। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक मूंगा रत्न को धारण करने से मानसिक, शारीरिक समस्याओं और अन्य बाधाओं से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं मूंगा रत्न के फायदों के बारे में।ज्योतिष शास्त्र में सलाह दी गई है कि किसी की कुंडली में मांगलिक दोष है वह ज्योतिषाचार्यों की सलाह अपने मुताबिक रत्ती का मूंगा धारण कर सकता है। मूंगा धारण करने से मंगल दोष शांत होता है और मांगलिक व्यक्ति के लग्न की संभावनाएं बनने लगती हैं। जिससे सकुशल उसका विवाह संपन्न होता है।न सिर्फ मांगलिक कार्यों बल्कि मूंगा को धारण करने से अपयश, आपदाओं और दुर्घटनाओं आदि से मुक्ति भी मिल जाती हैं।कुंडली में मांगलिक दोष के निवारण के लिए तांबे या फिर सोने की अंगूठी में इसे धारण करना शुभ माना गया है। इसे धारण करने की खास विधि है। मूंगा धारण करने से पहले, मूंगा को लाकर सोमवार की रात को दूध और गंगाजल मिले मिश्रण में डाल दें। फिर मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने के बाद इसे साफ करके तर्जनी या फिर अनामिका ऊंगुली में पहन लें।

Ayodhya Deepotsav Live Updates: दीपों से जगमगा रही है भगवान राम की नगरी अयोध्या

दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्या'चंद्रबाबू नायडू छब्बेजी बनने निकले थे, दुबेजी बनकर लौटे'******मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देश में मिले भारी बहुमत को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री , पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'नायडू का वइस कहावत को पूरी तरह चरितार्थ करता है कि-'चौबेजी छब्बेजी बनने निकले थे, लेकिन दुबेजी' बनकर लौटे।चौहान ने चंद्रबाबू नायडू पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, "चौबेजी छब्बेजी बनने निकले थे, लेकिन दुबेजी बनकर लौटे।' आपने (नायडू) मोदीजी को हटाने के लिए दिन-रात उठापटक की लेकिन देश की जनता के दिलों में मोदीजी बसते हैं और वहां से उन्हें कोई नहीं हटा सकता।"चौहान ने एक ट्वीट में सलाह देते हुए लिखा, "कांग्रेस के बुद्धिजीवी नेता वंशवाद की राजनीति से बाहर निकलें वर्ना इतना बड़ा इतिहास रखने वाली पार्टी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। कांग्रेस वंशवाद की राजनीति के कारण अब लगातार दूसरी बार नेता प्रतिपक्ष बनाने की हैसियत में नहीं है।"अन्य एक ट्वीट में चौहान ने सलाह देते हुए लिखा, "जनता ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के जातिवाद और वंशवाद के एजेंडे को बुरी तरह नकारा है। मेरी तो यही सलाह है कि लोगों को बांटने की राजनीति अब छोड़ दीजिए। इसकी जगह जनकल्याण और विकास की राजनीति कीजिए, फायदे में रहेंगे।"चौहान ने ट्वीट के जरिए ममता बनर्जी को चेतावनी देते हुए कहा, "ममता दीदी, लोकतंत्र में गुंडातंत्र का उपयोग और हिंसा छोड़ें। जिस तरह हार को निकट देखकर आपने बौखलाते हुए हिंसा की राजनीति की, उसे पश्चिम बंगाल कि जागरूक जनता ने नकार दिया। दीदी, संभल जाओ वर्ना..।"ज्ञात हो कि, भाजपा और एनडीए को देश में 352 सीटों पर जीत मिली है। वहीं, मध्य प्रदेश में भाजपा के खाते मे 29 में से 28 सीटें आई है।

दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याMohammad Shami IPL 2022: मोहम्मद शमी के नाम दर्ज हुआ अनोखा रिकॉर्ड, पिछले 15 साल में कभी नहीं हुआ ऐसा******Highlightsभारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के प्रदर्शन का IPL 2022 में गुजरात टाइटंस को चैंपियन बनाने में अहम योगदान रहा। पेसर ने पूरे सीजन के सभी 16 मुकाबले खेलते हुए 20 विकेट झटके। लीडिंग विकेट टेकर्स की सूची में वह छठे स्थान पर रहे। इस सीजन की अपनी पहली और आखिरी दोनों गेंदों पर उन्होंने विकेट भी लिया। लेकिन इसके अलावा शमी के नाम एक और अनोखा रिकॉर्ड इस सीजन दर्ज हुआ जो इससे पहले पिछले 15 सीजनों में कभी भी नहीं हुआ था।मोहम्मद शमी ने इस सीजन अपनी नई फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस के लिए सभी 16 मैच खेले। गेंद से तो उन्होंने कमाल किया लेकिन पूरे सीजन उनकी बल्लेबाजी नहीं आई। ऐसा पहली बार आईपीएल में हुआ है कि किसी खिलाड़ी ने सभी मैच खेले हों और उसकी एक भी मुकाबले में बल्लेबाजी नहीं आई हो। शमी के बैटिंग स्टाइल की बात करें तो वह कई मौकों पर आके लंबे-लंबे शॉट खेल सकते हैं। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में वह दो पचासे भी जड़ चुके हैं।मोहम्मद शमी ने इस आईपीएल पॉवरप्ले में कमाल की गेंदबाजी की है। उनके पूरे सीजन की 20 विकेटों में से 11 उन्होंने पॉवरप्ले में ही झटके हैं। उनकी इकॉनमी इस सीजन 8 की रही जो कि आईपीएल और टी20 के लिहाज से ठीक है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इस सीजन 25 रन देकर तीन विकेट रहा। क्वालीफायर-1 में उन्होंने शिमरोन हेटमायर का विकेट लिया था। फिर फाइनल में उन्होंने रियान पराग को आखिरी ओवर में रन नहीं बनाने दिए थे और उन्हें क्लीन बोल्ड किया था।आईपीएल 2022 में पहली बार शामिल हुई गुजरात टाइटंस ने अपना पहला मैच दूसरी नई टीम लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेला था। इस मुकाबले में मोहम्मद शमी ने अपने सीजन की पहली ही गेंद पर लखनऊ के कप्तान केएल राहुल को पहली गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट करवाकर पवेलियन भेज दिया था। इस मैच में उन्होंने 4 ओवर में 25 रन देकर तीन विकेट लिए थे। इसके बाद मोहम्मद शमी ने सीजन की आखिरी गेंद पर फाइनल मुकाबले में रियान पराग को क्लीन बोल्ड किया था।दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याAnil Ambani के इस ऑफर को शेयरधारकों ने ठुकराया, कर्ज के बोझ में दबी है कंपनी******Reliance PowerHighlights की कर्ज में डूबी कंपनी रिलायंस पावर (आरपावर) के शेयरधारकों ने कंपनी की प्रॉपर्टी को बाजार में बिक्री या पट्टे पर चढ़ाने (मौद्रीकरण) के लिए रखे गए विशेष प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। आरपावर की गत दो जुलाई को हुई वार्षिक आमसभा में परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन शेयरधारकों ने इसे नकार दिया। किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत शेयरधारकों की सहमति जरूरी होती है।कंपनी ने बीएसई को दी गई सूचना में कहा कि संपत्ति के मौद्रीकरण प्रस्ताव को सिर्फ 72.02 प्रतिशत शेयरधारकों का ही समर्थन मिला जबकि 27.97 प्रतिशत शेयरधारकों ने इसके खिलाफ मतदान किया। इस तरह वार्षिक आमसभा में संपत्ति को बाजार में चढ़ाने के लिए रखा गया प्रस्ताव खारिज हो गया। इसके पहले कंपनी ने कहा था कि वह अपने कर्ज का बोझ कम करने और देनदारियां चुकाने की प्रक्रिया में है। इसके लिए कंपनी ने अपनी संपत्तियों एवं कारोबारों की समुचित समय पर बिक्री करने की मंशा जताई थी।शेयरधारकों की मंजूरी लेना जरूरीहालांकि संपत्ति बेचने या पट्टे पर देने के पहले कंपनी को एक विशेष प्रस्ताव लाकर शेयरधारकों की मंजूरी लेनी जरूरी थी। कोई भी कंपनी विशेष प्रस्ताव को मंजूरी मिले बगैर एक वित्त वर्ष में भौतिक अनुषंगी की 20 प्रतिशत से अधिक परिसंपत्तियों की न तो बिक्री कर सकती है और न ही उन्हें पट्टे पर दे सकती है।चौथी तिमाही में 555 करोड़ का शुद्ध घाटारिलायंस पावर को वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 555.18 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ है। खर्चों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी को घाटे का सामना करना पड़ा है। वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में उसने 72.56 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ अर्जित किया था। कंपनी ने बताया कि बीते वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान उसकी आय बढ़कर 1,878.40 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 1,691.19 करोड़ रुपये थी। कंपनी का खर्च भी हालांकि आलोच्य तिमाही के दौरान बढ़कर 2,525.02 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले की इसी अवधि में यह 1,647.69 करोड़ रुपये था। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 605.91 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में उसने 228.63 करोड़ रुपये की कमाई की थी।

दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्यामध्यप्रदेश: भोपाल के कोलार में 9 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया, कोचिंग संस्थान 15 दिनों तक रहेंगे बंद******मध्य प्रदेश के भोपाल में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भोपाल के कोलार में 9 दिनों का लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया गया है। कोलार के वार्ड 80, 81, 82, 83, 84, 51, 52, 53 को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कोलार में 9 दिनों का लगाने का आदेश दिया है। बता दें कि, इस कंटेनमेंट जोन में करीब 2 लाख आबादी रहती है। वहीं प्रशासन ने कोचिंग संस्थान 15 दिनों तक बंद करने का भी लिया है। हमीदिया में 500 से बढ़ाकर 800 बेड किए गए। पीपुल्स हॉस्पिटल और जेके हॉस्पिटल को कोविड हॉस्पिटल बनाया गया है।मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को बढ़ते मामलों को लेकर कहा कि पूरे मध्य प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में शुक्रवार को शाम 6 बजे से शनिवार, रविवार और सोमवार के सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। हम बड़े शहरों में कंटेनमेंट क्षेत्र भी बना रहे हैं। उसे भी बंद किया जाएगा। मेरी मंशा कभी भी लॉकडाउन की नहीं रही है लेकिन ये अभूतपूर्व संकट है।सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसके अलावा भविष्य में कुछ और सख्तियां भी लागू की जा सकती हैं। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मीटिंग के बाद उन शहरों को लेकर फैसले लिए जाएंगे, जहां केसों की रफ्तार अन्य क्षेत्रों के मुकाबले अधिक है।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने अस्पतालों में एक लाख तक बेड की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है, इनमें से कुछ कोरोना देखभाल केंद्रों में होंगे। हर जिले में सरकार प्राइवेट अस्पतालों से भी बिस्तर ले रही है। प्राइवेट अस्पतालों की ताकत को भी इस्तेमाल में लाया जाएगा। राज्य में ऑक्सीजन सप्लाई का कोई संकट नहीं है।सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी को पूरा करने के लिए हमने रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने का फैसला किया है। हम इसे जहां भी जरूरत होगी, उपलब्ध कराएंगे। दवाओं की कमी न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर लगातार अपना कहर बरपा रही है। देश में दैनिक मामलों को लेकर पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त होते जा रहे हैं। देश में गुरुवार (8 अप्रैल) को रिकॉर्ड 1.26 लाख से भी ज्यादा कोरोना के नए मरीज मिले। महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश और दिल्ली में हालात चिंताजनक हैं। कोरोना पर काबू पाने के लिए कई तरह की पाबंदियां लगाई जा रही हैं।दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याBiggest Good News: लगातार दूसरी दिन सोने की कीमत में आई बड़ी गिरावट, 10 ग्राम सोना आएगा अब बस इतने रुपये में******Biggest Good News Gold declines continue second day, Gold slums Rs 176, silver tumbles Rs 898 today 10 august rateअनिश्चितता और भय के माहौल में दिल्‍ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना लगातर दूसरे दिन सस्‍ता हुआ है। मंगलवार को सोना 176 रुपये और टूटकर 45,110 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले सोमवार को सोने में 317 रुपये की बड़ी गिरावट आई थी। इन दो दिनों में सोना 493 रुपये प्रति दस ग्राम सस्‍ता हो चुका है। एचडीएफसी सिक्‍यूरिटीज ने बताया कि सोमवार को पीली धातु 45,286 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुई थी। आज 898 रुपये टूटकर 61,765 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। सोमवार को चांदी 62,663 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। सोमवार को चांदी में 1128 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में सोना मजबूती के साथ 1735 डॉलर प्रति औंस, जबकि चांदी स्थिरता के साथ 23.56 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल के अनुसार मजबूत डॉलर और उच्‍चतम बाजार अनुमानों के कारण सोने की कीमतों में निचले स्‍तर से रिकवरी आई है लेकिन यह अभी भी अपने पांच महीने के निचले स्‍तर पर ही बनी हुई है।मजबूत हाजिर मांग के बीच सटोरियों ने अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे स्थानीय वायदा बाजार में मंगलवार को सोने का भाव 135 रुपये बढ़ने के साथ 46,021 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अक्टूबर महीने की डिलिवरी के लिए सोने की कीमत 135 रुपये यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 46,021 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसमें 13,724 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा अपने सौदों के आकार को बढ़ाने से सोना वायदा कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर न्यूयार्क में सोने की कीमत 0.50 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,735.20 डॉलर प्रति औंस हो गया।मजबूत हाजिर मांग के कारण कारोबारियों द्वारा अपने सौदों के आकार को बढ़ाने से वायदा कारोबार में मंगलवार को चांदी की कीमत 266 रुपये की मजबूती के साथ 62,903 रुपये प्रति किलो हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी के सितंबर डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध का भाव 266 रुपये यानी 0.42 प्रतिशत की मजबूती के साथ 62,903 रुपये प्रति किलो हो गया। इस वायदा अनुबंध में 11,646 लॉट के लिए सौदे किए गए। वैश्विक स्तर पर, न्यूयार्क में चांदी का भाव 1.06 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23.52 डॉलर प्रति औंस हो गया।

दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्यातुर्की ने रूस से खरीदा हथियार तो ट्रंप ने रद्द की F-35 फाइटर जेट डील, भारत को इशारा?****** अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि के से खरीदने के कारण अमेरिका उसे F-35 लड़ाकू विमान नहीं बेचेगा। ट्रंप प्रशासन का यह फैसला भारत के लिए भी संकेत हो सकता है क्योंकि उसने भी अमेरिका की सलाह के खिलाफ जाकर रूस से S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए समझौता किया है। आपको बता दें कि भारत ने S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने का यह समझौता रूस के साथ पिछले साल अक्टूबर में किया था।अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह सही नहीं था कि जब तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ‘पैट्रियट’ अमेरिका से खरीदना चाहते थे तब ओबामा प्रशासन ने बेची नहीं। ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘अब स्थिति यह है कि तुर्की के संबंध हमारे साथ बहुत अच्छे हैं, बहुत अच्छे। और अब हम तुर्की से कह रहे हैं कि चूंकि आपको अन्य मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए बाध्य किया गया, अब हम आपको F-35 लड़ाकू विमान नहीं बेच रहे हैं।’मौजूदा अमेरिकी कानूनों के अनुसार, कोई भी देश अगर रूस से बड़े रक्षा उपकरण खरीदता है तो उस पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी संसद ने इस कानून में थोड़ी छूट दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से जून में कहा था कि भारत प्रतिबंध झेल रहे रूस के साथ S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली सौदे के मामले में अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसला करेगा। जयशंकर ने नई दिल्ली में कहा था,‘मेरा मानना है कि हम वही करेंगे जो हमारे राष्ट्रीय हित में है। प्रत्येक देश के दूसरे देश के राष्ट्रीय हित को समझना और उसकी सराहना करने की क्षमता उस रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है।’भारत में कई लोगों का मानना है कि यह छूट उनके देश के लिए है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने आगाह किया कि किसी भी देश के लिए व्यापक छूट नहीं है। तुर्की ने नाटो सहयोगी अमेरिका की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए गत शुक्रवार को रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की पहली खेप प्राप्त की। ट्रंप ने बताया कि तुर्की ने 100 एफ-35 विमानों का ऑर्डर दिया था। उन्होंने इसे बेहद जटिल स्थिति बताते हुए कहा कि उनका प्रशासन इस पर काम कर रहा है और देखते हैं कि नतीजा क्या निकलता है। ट्रंप ने पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन के इस मसले पर रुख पर नाखुशी जताई।दीपोंसेजगमगारहीहैभगवानरामकीनगरीअयोध्याअमेरिका में कोरोना के चलते सुस्त पड़ी नौकरियों की रफ्तार, अगस्त में केवल 2,35,000 लोगों को मिला जॉब******अमेरिका में कोरोना के चलते सुस्त पड़ी नौकरियों की रफ्तार, अगस्त में केवल 2,35,000 लोगों को मिला जॉबअमेरिका में रोजगार सृजन की रफ्तार सुस्त पड़ी है और अगस्त महीने में केवल 2,35,000 नौकरियां सृजित हुई। इससे पिछले दो महीनों में अच्छी संख्या में लोगों को नौकरियां मिली थीं। अमेरिका में कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप के फैलने के कारण लोग उड़ान, खरीदारी और होटल- रेस्तरां जाकर खाना खाने से बच रहे है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़े के अनुसार जहां जून और जुलाई में लगभग 10-10 लाख रोजगार सृजित हो रहे थे, अगस्त में यह संख्या काफी कम रही है।जून और जुलाई में अधिक नौकरियां सृजित होने का कारण व्यापक स्तर पर टीकाकरण और फलस्वरूप अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खोला जाना था। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि नये रोजगार के अवसर बन रहे हैं और आने वाले महीनों में नियुक्तियां अच्छी रहने की उम्मीद है। आंकड़े के अनुसार हालांकि, अगस्त में नौकरियां कम सृजित हुई लेकिन बेरोजगारी दर घटकर 5.2 प्रतिशत पर आ गयी जो जुलाई में 5.4 प्रतिशत थी।रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले महीने में कम नौकरियां सृजित होने का प्रमुख कारण कोरोना के डेल्टा स्वरूप के प्रसार का प्रभाव है। जिन क्षेत्रों में नियुक्तियां सबसे कम रही हैं, वे आमने-सामने होकर काम करने से संबंधित क्षेत्र की रही हैं।

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