वर्तमान पद:मुखपृष्ठ > नानयांग > मूलपाठ

Shinzo Abe's Last Journey:अंतिम यात्रा के दिन भी जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की आत्मा को नहीं मिला सुकून, जानें वजह

2022-10-04 05:49:32 नानयांग

अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहTeacher's Day 2018: शिक्षक दिवस पर अपने टीचर्स को WhatsApp, Facebook and SMS के जरिए दें बधाई******'शिक्षक दिवस'अपने शिक्षक या अपने खास गुरुकोथैंक्यू बोलने के लिए सबसे खास दिन है। यह दिन अपने आप में बहुत ही खास होता है, बचपन से लेकरबड़े होने तकजिंदगी में आप कई लोगों सेमिलते हैं लेकिन किस व्यक्ति का प्रभाव आपकी जिंदगी पर हो और आपकी जिंदगी बदल जाए किसी को पता नहीं होता। अपने गुरु को प्यार दिखाने का इससे बेहतर और अच्छादिन और कोई हो ही नहीं सकता है।बच्चों कीजिंदगी में एक शिक्षक या गुरु का अपना एक खास महत्व होता है। हर आदमी कि जिंदगी में एक गुरु जरूर होता है जिसकी बात आपकोहमेशा याद रहती है और कहीं न कहीं आप उन्हीं को फॉलो करते हुएअपनी जिंदगी जीतेहैं। ऐसे ही गुरु की याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।हर साल की तरह इस बार भी शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाएगा। यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन भी है।5सितंबर1988 कोडॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था।आपको बता दें कि डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन आजाद भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे और भारत का हर नागरिक उनकीयाद मेंहर साल 5 सितंबर को 'शिक्षक दिवस' के रूप मेंमनाया जाता है। तो चलिए देर किस बात कि आज यानि 5 सितंबर को एक बार फिर से अपने गुरु को याद करते हुए कुछ इस खास अंदाज में मनाइए शिक्षक दिवस। डिजिटल इंडिया के दौड़ में भी अपने दूर रहे रहें गुरु को इस तरह सेविश कर सकते हैं।आपको बता दें कि इस दिन शिक्षक दिवस के रुप में मनाने के पीछे के एक रोचक कहानीहै। इसके अनुसार एक बार कुछ शिष्यों को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन काजन्मदिन मनाने का निश्चय किया। इस बारें में जब उनके अनुमति लेने गए तो राधाकृष्णन ने कहा कि इस दिन मेरा जन्मदिन नहीं बल्कि इसे शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाए। इससे मुझे गर्व महसूस होगा। तब से हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।पहली बार शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया था।()आपके लाइफ का गुरु तो कोई भी हो सकता है। वह आपके घर, स्कूल, कॉलेज, ऑफिस को भी व्यक्ति हो सकता है।

अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहप्रीमियम मॉडल की बिक्री बढ़ने से मारुति सुजुकी को हुआ फायदा, चौथी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 16 प्रतिशत बढ़ा****** देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (MSIL) का वित्‍त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही का शुद्ध मुनाफा 15.8 प्रतिशत बढ़कर 1,709 करोड़ रुपए रहा है। पिछले वित्‍त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1,476 करोड़ रुपए था। चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी की बिक्री 20 फीसदी बढ़कर 16,958.4 करोड़ रुपए रही।मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 5 रुपए मूल्‍य अंकित वाले शेयर पर 75 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की है। वित्‍त वर्ष 2015-16 में कंपनी ने प्रति शेयर 35 रुपए का डिविडेंड दिया था। ब्रेजा एसयूवी और बलेनो हैचबैक जैसे प्रीमियम मॉडल की बिक्री में इजाफा होने से कंपनी का लाभ बढ़ा है। कंपनी ने एक बयान में कहा है कि 31 मार्च को समाप्‍त तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 1,709 करोड़ (26.664 करोड़ डॉलर) रहा है, जो इससे पहले वित्‍त वर्ष की समान तिमाही में 1,476 करोड़ रुपए था।हालांकि विश्‍लेषकों के औसत अनुमान से कंपनी का मुनाफा थोड़ा कम रहा है। थॉमसन रॉयटर्स डाटा के मुताबिक विश्‍लेषकों का अनुमान था कि कंपनी को चौथी तिमाही में 1756 करोड़ रुपए का मुनाफा होगा। मारुति के ऑपरेशन से कुल इनकम, जिसके अधिकांश हिस्‍से पर जापान की सुजुकी मोटर कॉर्प का अधिकार है, 20.4 प्रतिशक की बढ़ोतरी के साथ 20,751 करोड़ रुपए रही। जनवरी-मार्च 2017 तिमाही में कंपनी ने कुल 414,439 यात्री वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वित्‍त वर्ष की समान तिमाही से पूरा 15 प्रतिशत अधिक है। कुल बिक्री में 31,771 वाहनों का निर्यात किया गया।वित्‍त वर्ष्‍ 2016-17 के लिए मारुति सुजुकी का शुद्ध मुनाफा 36.78 फीसदी बढ़कर 7,337.70 करोड़ रुपए रहा, जो वित्‍त वर्ष 2015-16 में 5,364.30 करोड़ रुपए था। वित्‍त वर्ष 2016-17 में मारुति सुजुकी ने 15 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री की, जिसमें से 1,24,062 का निर्यात किया गया।अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहमुंबई के डॉक्टरों ने एक शख्स के घुटने से निकाले खीरे के आकार के पत्थर!******मायानगरी के एक अस्पताल के डॉक्टरों ने एक 70 वर्षीय व्यक्ति के दाहिने घुटने से खीरे के आकार के पत्थरों को निकालने में कामयाबी हासिल की है। यह भारत में की गई अभूतपूर्व और अत्यंत दुर्लभ सर्जरी में से एक मानी जा रही है, जिसने घुटने की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को चलने-फिरने में सक्षम बनाया है। रोगी लक्ष्मीकांत मधेकर अमरावती का रहने वाला एक मजदूर है, जिसके घुटने में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से सूजन थी और वह पिछले एक साल से दाहिने घुटने में तेज दर्द से पीड़ित था।एस. एल. रहेजा अस्पताल, माहिम के कंसल्टेंट हड्डी रोग और संयुक्त प्रतिस्थापन सर्जन डॉ. सिद्धार्थ एम. शाह ने कहा, "इससे उनकी संपूर्ण गतिशीलता, चलने में कठिनाई, सीढ़ियां चढ़ना या यहां तक कि बैठने के बाद उठना भी प्रभावित हो रहा था।" रोगी के अस्पताल में भर्ती होने के बाद, डॉ. शाह ने उनका परीक्षण किया, घुटने के जोड़ की 'मल्टीपल जाइंट सिनोवियल चोंड्रोमैटोसिस' नामक एक अत्यंत दुर्लभ स्थिति के रूप में समस्या का निदान किया और मधेकर के लिए एक उपयुक्त उपचार योजना तैयार की। उन्होंने बताया कि यह स्थिति 1,00,000 लोगों में से किसी एक व्यक्ति को प्रभावित करती है, जिसमें घुटने के जोड़ की आंतरिक परत चिकनाई वाले तरल पदार्थ के सामान्य स्राव के बजाय उपास्थि के नोड्यूल बनाती है।डॉ शाह ने बताया कि ये मॉड्यूल टूट जाते हैं और घुटने के लूज बॉडीज बन जाते हैं। ये आमतौर पर गोलियों की तरह छोटे या कई मामलों में आकार के बड़े होते हैं। उन्होंने बताया कि मधेकर के मामले में, कई विशाल नोड्यूल (पिंड) थे। ये आकार में बड़े एक दुर्लभ मामले में ही होते हैं। उदाहरण के लिए, मधेकर के घुटने से निकाला गया सबसे बड़ा स्टोन या पत्थर का आकार 12गुणा6गुणा5.5 सेमी का था, जिसे तोड़कर दो टुकड़ों में निकालना पड़ा और उनके घुटने के जोड़ से कुल चार ऐसे बड़े और दर्जनों छोटे पत्थर निकाले गए।डॉ. शाह ने कहा कि इस तरह के बड़े पैमाने पर और कई पत्थरों को घुटने की पूरी अंदरूनी परत से भारत में कहीं भी हटाने का मामला बेहद दुर्लभ है और यह घुटने से दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा पत्थर हटाने का मामला है। इलाज के बाद बहुत राहत महसूस करने वाले मधेकर ने कहा कि 2010 के बाद से उन्हें बहुत पीड़ा हुई और उन्होंने महसूस किया कि उनके घुटने के जोड़ में बहुत अधिक तरल पदार्थ है जिसके परिणामस्वरूप उन्हें सूजन आने के साथ ही चलने-फिरने में दिक्कत और असुविधा होती थी।प्रारंभ में, पानी को एक इंजेक्शन के माध्यम से हटा दिया गया था, लेकिन इससे कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं निकल पाया और इससे उन्हें चलने-फिरने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे मुंबई के अस्पताल आए और उन्हें सफल 'घुटने की पथरी' हटाने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। विशाल पत्थरों को बाहर निकालने के अलावा, डॉ. शाह ने मधेकर की एक संपूर्ण घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी भी की, क्योंकि स्टोन के कारण ऑस्टियोआर्थराइटिस और संयुक्त उपास्थि को नुकसान पहुंचाने के कारण घुटने का जोड़ क्षतिग्रस्त हो गया था।डॉ शाह ने कहा, "10 मार्च को सर्जरी की गई थी और मरीज ठीक होने की कगार पर है। वह अब बिना किसी दर्द या परेशानी के चलने और अपनी दैनिक गतिविधियों को करने में सक्षम होगा।"(इनपुट- एजेंसी)

Shinzo Abe's Last Journey:अंतिम यात्रा के दिन भी जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की आत्मा को नहीं मिला सुकून, जानें वजह

अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहलगातार तीन साल से जिस वर्ल्ड रिकॉर्ड पर कायम है विराट कोहली उसे तोड़ने पर अब है रोहित शर्मा की नजरें******विराट कोहली जिन्हें हम रन मशीन कोहली के नाम से भी जानते हैं वो जब भी मैदान पर उतरते हैं तो कोई ना कोई रिकॉर्ड बनाकर ही वापस लौटते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से विराट कोहली के कई रिकॉर्ड्स पर टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की नजरें बनी हुई है। रोहित हाल ही में टी20 फॉर्मेट में विराट कोहली को पछाड़ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। रोहित शर्मा की नजरें अब विराट कोहली के एक और बड़े रिकॉर्ड पर है।जी हां, ये रिकॉर्ड है एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने का (तीनों फॉर्मेट में)। विराट कोहली लगातार तीन साल से इस रिकॉर्ड को अपने नाम करते हुए आ रहे हैं। विराट ने 2016 में सबसे अधिक 2595 रन बनाए थे, जबकि 2017 और 2018 में उन्होंने क्रमश: 2818 और 2735 रन के साथ ये रिकॉर्ड अपने नाम किया था।मौजूदा साल में भी विराट कोहली 2183 रनों के साथ टॉप पर चल रहे हैं, लेकिन रोहित शर्मा इस साल उनसे कुछ ही दूरी पर है। रोहित शर्मा ने इस साल तीनों फॉर्मेट में मिलाकर 2090 रन बनाए हैं। यानी अब वो विराट कोहली से मात्र 93 रन ही पीछे हैं।भारत को इस साल वेस्टइंडीज के खिलाफ 3टी20 और इतने ही वनडे मैच खेलने हैं। ऐसे में इन 6 मैचों में रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच रन बनाने की कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। खैर इस रेस में चाहे जो भी जीते फायदा तो भारत का ही होना है।उल्लेखनीय है, भारत और वेस्टइंडीज के इस दौरे की शुरुआत 6 दिसंबर से हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में खेले जाने वाले पहले टी20 मैच से होगी। भारतीय टीम इस टूर पर पूरी तरह मेहमानों पर हावी रहना चाहेगी और साथ ही टी20 सीरीज के जरिए वर्ल्ड कप 2020 की तैयारियां भी करना चाहेगी।अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहआज से पंचक शुरू, जानिए कौन से काम करने की है मनाही******शास्त्रों में फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती है। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को का व्रत किया जाता है। इस बार महाशिवरात्रि 11 मार्च को पड़ रही हैं। इस दिन चतुर्दशी तिथि 11 मार्च को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट से 12 मार्च दोपहर 3 बजकर 3 मिनट तक ही रहेगी। इस बार महाशिवरात्रि के दिन पंचक भी लग रहे हैं।आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन सुबह 9 बजकर 24 मिनट तक शिव योग रहेगा।उसके बाद सिद्ध योग लग जायेगा। जोकि 12 मार्च सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। शिव योग में किए गए सभी मंत्र शुभफलदायक होते हैं | वहीं अगर सिद्ध योग की बात करें तो अगर आप कोई भी कार्य सीखने का सोच रहे हैं, तो उसकी शुरुआत सिद्ध योग में करेंगे तो उसमे अवश्य सफलता प्राप्त होगी | वहीं रात 9 बजकर 45 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। वहीं इस दिन सुबह ही पंचक लगने वाला है। पंचक के दौरान लकड़ी इकठ्ठी करना, चारपाई खरीदना या बनवाना, घर की छत बनवाना तथा दक्षिण दिशा की यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता है।आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार पंचक 11 मार्च सुबह 9 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर 15 मार्च को पूरा दिन पार कर भोर 4 बजकर 44 मिनट तक पंचक रहेंगे।महाशिवरात्रि इस बार गुरुवार को पड़ रही हैं हैं। पंचक के दौरान लकड़ी इकठ्ठी करना, चारपाई खरीदना या बनवाना, घर की छत बनवाना तथा दक्षिण दिशा की यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता है। इन कामों को छोड़कर आप कोई भी काम कर सकते हैं। वह शुभ माना जाता है।रविवार को शुरू होने वाला पंचक रोग पंचक कहलाता है। इसके प्रभाव से ये पांच दिन शारीरिक और मानसिक परेशानियों वाले होते हैं। इस पंचक में किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। साथ ही किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों में ये पंचक अशुभ माना गया है।सोमवार को शुरू होने वाला पंचक राज पंचक कहलाता है। ये पंचक शुभ माना जाता है। इसके प्रभाव से इन पांच दिनों में सरकारी कामों में सफलता मिलती है। राज पंचक में संपत्ति से जुड़े काम करना भी शुभ रहता है।मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इन पांच दिनों में कोर्ट-कचहरी और विवाद आदि के फैसले अपने पक्ष में लाने के लिए प्रयास किये जा सकते हैं। इस पंचक में अग्नि का भय होता है। इस पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी कामों की शुरुआत करना अशुभ माना गया है। इनसे नुकसान होने की सम्भावना बनी रहती है।बुधवार और गुरुवार को शुरू होने वाले पंचक में शुभ मुहूर्त देखकर सगाई, विवाह आदि शुभ कार्य किये जा सकते हैं।शुक्रवार को शुरू होने वाला पंचक चोर पंचक कहलाता है। विद्वानों के अनुसार, इस पंचक में यात्रा करने की मनाही है। इस पंचक में लेन-देन, व्यापार और किसी भी तरह के सौदे भी नहीं करने चाहिए। ऐसा करने से धन हानि होने की संभावना बनी रहती है।शनिवार को शुरू होने वाला पंचक मृत्यु पंचक कहलाता है। नाम से ही पता चलता है कि ये अशुभ है। इन पांच दिनों में किसी भी तरह के जोखिम भरे काम नहीं करना चाहिए। इसके प्रभाव से विवाद, चोट लगने आदि का खतरा रहता है।अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहVastu Tips: घर में लगाइए पारिजात का पेड़, सदा रहेगा मां लक्ष्मी का निवास, मिलेगी लंबी आयु और चिरयौवन******Highlightsवास्तु शास्त्र में पारिजात यानी हरसिंगार के पेड़ का बहुत महत्व है। कहा जाता है कि जिस घर में पारिजात का पेड़ या पौधा लगा होता है वहां साक्षात मां लक्ष्मी निवास करती हैं। अगर घर बनवाते समय वास्तु दोष पर ध्यान नहीं दिया और रोज घर में कुछ न कुछ अशुभ होता रहता है तो घर के आंगन में पारिजात का पौधा लगाना चाहिए। कहते हैं कि ये पौधा वास्तुदोष दूर करता है और घर में सुख समृद्धि लाता है।पारिजात के फूलों को खासतौर पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए प्रयोग में लाया जाता है। मां लक्ष्मी पारिजात के सफेद और महकते फूलों को अर्पित किए जाने से प्रसन्न होती है औऱ घर में सदा के लिए निवास करती हैं।पौराणिक कथाओं में कहा जाता है कि पारिजात के पेड़ की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी और इंद्र ने इस चमत्कारी पेड़ को स्वर्ग वाटिका में लगा दिया था।कथाओं में ये भी कहा जाता है कि इसे लगाने वाले घर में लोग लंबी आयु और चिरयौवन का वरदान प्राप्त करते हैं। पौराणिक कथा में उल्लेख है कि भगवान कृष्ण ने ये पेड़ अपनी पत्नी रुक्मिणी को भेंट दिया था जिसके चलते उन्हें चिरयौवन प्राप्त हुआ और इसी वृक्ष के चलते इंद्र और श्रीकृष्ण में युद्ध भी हुआ था जिसके बाद इंद्र के शाप से इस पेड़ पर कभी फल नहीं आए।घर में लगातार होने वाली कलह और मानसिक तनाव को दूर करना है तो घर में पारिजात का पौधा लगाना चाहिए। इसके लगाने से घर के सदस्यों की उम्र लंबी होती है औऱ घर में सदा खुशहाली बनी रहती है।

Shinzo Abe's Last Journey:अंतिम यात्रा के दिन भी जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की आत्मा को नहीं मिला सुकून, जानें वजह

अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहदो लाख रुपए तक के होम लोन पर तीन प्रतिशत ब्याज सब्सिडी को मंजूरी, कम होगा ईएमआई का बोझ****** ग्रामीण इलाकों में सस्ता होम लोन सुनिश्चित करने और लोगों की मासिक किस्त (EMI) के बोझ को कम करने के लिए केंद्र ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत नहीं आने वाले परिवारों के लिए दो लाख रुपए तक के होम लोन पर तीन प्रतिशत ब्याज सब्सिडी को मंजूरी दी है।सरकार 2022 तक सभी को घर के अपने मिशन पर प्रतिबद्ध है। ब्याज सब्सिडी से न केवल गरीबों पर ईएमआई का बोझ घटेगा बल्कि उन्हें आगे और निर्माण और मौजूदा मकान के विस्तार में भी मदद मिलेगी।smart citiesअंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहस्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित होगा लखनऊ, सरकार ने 13 और शहरों के नाम किए जारी****** केंद्र सरकार ने मंगलवार को लखनऊ समेत 13 और शहरों के नाम स्मार्ट सिटी के तौर पर डेवलप करने के लिए घोषित किए हैं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने अपने मंत्रालय के पिछले दो साल की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए बताया कि विभिन्न राज्यों के 23 शहरों के साथ और 13 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया है। इससे पहले सरकार ने 20 शहरों को स्मार्ट बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि 23 शहरों की प्रतिस्पर्धा में प्रथम स्थान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने प्राप्त किया है।उन्होंने बताया कि प्रथम स्थान पर आए लखनऊ ने प्रतिस्पर्धा में 19 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। प्रतिस्पर्धा में अन्य विजेता शहरों में तेलंगाना का वारंगल, हिमाचल प्रदेश का शिमला, चंडीगढ, छत्तीसगढ़ का रायपुर, पश्चिम बंगाल का न्यू टाउन कोलकाता, बिहार का भागलपुर, गोवा का पणजी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का पोर्ट ब्लेयर, मणिपुर का इंफाल, झारखंड का रांची, त्रिपुरा का अगरतला और हरियाणा का फरीदाबाद शामिल है। सरकार ने 98 शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए चुना है। उन्होंने बताया कि इन शहरों ने स्मार्ट सिटी की प्रतिस्पर्धा में आने के लिए आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्मार्ट शहर मिशन के तहत 14 और शहरों की घोषणा जल्द, 7 अरब डॉलर के निवेश की होगी जरूरतकेंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा और रायबरेली तथा जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर और जम्मू के बीच स्मार्ट शहर बनाने का फैसला किया जाएगा। इसके अलावा सात राज्यों की राजधानियों को भी स्मार्ट सिटी प्रतिस्पर्धा में शामिल होने की अनुमति दे दी गई है। इनमें पटना, शिमला, नया रायपुर, ईटानगर, अमरावती, बेंगलुरु और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।वेंकैया ने बताया कि देश के 98 शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन में और 497 शहरों को अटल मिशन में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में लगभग 70 फीसदी आबादी निवास करती है। इन शहरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा और जीवनयापन की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि शहरों की आधारभूत ढांचा सुविधाओं को विकसित करने के लिए सरकार ने एक लाख 13 हजार 143 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। भारत की शहरी आबादी 2050 तक और 30 करोड़ बढ़ेगी, सरकार ने की 100 नए शहर बनाने की घोषणाउन्होंने शहरी विकास के लिए शुरु की गयी विभिन्न योजनाओं अमृत, स्मार्ट मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और हृदय आदि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के लिए एक लाख 48 हजार 93 करोड़ रुपए आवंटित किए है। इनमें से सस्ते आवास के लिए 43 हजार 922 करोड रुपए, अटल मिशन के लिए 20 हजार 882 करोड़ रुपए, स्मार्ट सिटी मिशन के लिए 80 हजार 789 करोड़ रुपए और स्वच्छ भारत मिशन के लिए दो हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। स्मार्ट शहरों के लिए स्मार्ट तरीके से सोचने की आवश्यकता, भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए विकास

Shinzo Abe's Last Journey:अंतिम यात्रा के दिन भी जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की आत्मा को नहीं मिला सुकून, जानें वजह

अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहशरणार्थी समस्‍या: मैक्सिको बॉर्डर पर अमेरिका ने तैनात किए 5,200 सैनिक******मध्यावधि चुनावों से एक सप्ताह पहले रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा कि वह मध्य अमेरिकी शरणार्थियों को दो काफिलों में अपने देश की ओर बढ़ने से रोकने के लिए एक असाधारण के तहत इस सप्ताह दक्षिणपश्चिम सीमा पर 5,200 सैनिकों को भेज रहा है जिनमें से कुछ सशस्त्र सैनिक भी हैं। इन सैनिकों की संख्या सीरिया में इस्लामिक स्टेट से लड़ रहे 2,000 सैनिकों की संख्या से दोगुनी से भी ज्यादा है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनावों में शरणार्थियों के मुद्दे पर मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने काफिलों के बारे में चेतावनियां तेज कर दी हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘यह हमारे देश पर हमला है और हमारी सेना आपका इंतजार कर रही है।’’ उनकी यह चेतावनी तब आई है जब पेंटागन ने वैध प्रवेश केंद्रों पर कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन की मदद करने की कोशिश में ‘‘ऑपरेशन फेथफुल पैट्रियट’’ शुरू किया है।सीमा रक्षा बल आधुनिक हेलीकॉप्टरों की मदद से गैरकानूनी तौर पर सीमा पार करने की कोशिश कर रहे शरणार्थियों को रोकेंगे। उत्तरी कमान के नेता एयर फोर्स जनरल टेरेंस ओ’शॉघनेसी ने एक समाचार सम्मेलन में कहा, ‘‘हम सीमा को सुरक्षित करने जा रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि 800 सैनिक पहले ही दक्षिण टेक्सास जाने के रास्ते में है और सप्ताह के अंत तक उनकी संख्या बढ़कर 5,200 पर पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि सैनिक एरिजोना और कैलिफोर्निया के बाद टेक्सास पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहBudhwar ke Upay: बुधवार के दिन अपनाएं ये उपाय, सुख-समृद्धि और धन वृद्धि के साथ होगी हर मनोकामना पूरी******Highlights27 जुलाई को श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि और बुधवार का दिन है। चतुर्दशी तिथि कल रात 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगी । कलशाम 5 बजकर 6 मिनट तक हर्षण योग रहेगा । हर्ष का अर्थ होता है खुशी, प्रसन्नता । अत: इस योग में किए गए कार्य खुशी ही प्रदान करते और भाग्य का साथ बना रहता है । साथ ही कल का पूरा दिन पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। नक्षत्रों में से पुनर्वसु को सातवां नक्षत्र माना जाता है। साथ ही इस नक्षत्र को सौभाग्य का सूचक माना जाता है। दरअसल इस नक्षत्र का अर्थ ही है - पुन: सौभाग्यशाली होना। इस नक्षत्र में जन्मे लोग सकारात्मक विचारों वाले, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने वाले, दूसरों की मदद के लिये आगे रहने वाले और नए दोस्त बनाने वाले होते हैं। ये अच्छे-बुरे में भेद करने की कला में भी निपुण होते हैं। साथ इस नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं और इसकी राशि मिथुन है।जिन लोगों का जन्म पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ हो या उन लोगों को जीवन में लाभ सुनिश्चित करने के लिये आज के दिन बांस के पौधे या उससे बनी किसी अन्य चीज़ को नमस्कार जरूर करना चाहिए। अपने अन्दर अनेक शक्तियों के संचार के लिए, अपनी किसी विशेष इच्छा की पूर्ति के लिए, अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए और लंबी आयु की प्राप्ति के लिए, साथ ही बिजनेस की तरक्की के लिए, हर प्रकार की मुसीबतों से बाहर निकलने के लिए, अपने कार्यों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए, सुख-साधनों की प्राप्ति के लिए आदि के भय से मुक्ति पाने के लिए और पापबोध से छुटकारा पाने के लिए आपको क्या उपाय करने चाहिए जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहदिल्‍ली में 'आप' के 11 विधायकों को बड़ी राहत, राष्‍ट्रपति कोविंद ने अयोग्य ठहराने की मांग की खारिज******नयी दिल्ली। दिल्‍ली में अगले कुछ माह में चुनाव होने हैं। लेकिन इससे पहले सत्‍तारूढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आम आदमी पार्टी (आप) के 11 विधायकों के कथित रूप से लाभ के पद पर रहने को लेकर उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली एक याचिका खारिज कर दी है। इसे आप के लिए राहत माना जा रहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि राष्ट्रपति का 28 अक्टूबर का फैसला उसके (आयोग) द्वारा दी गयी राय पर आधारित है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘सत्यमेव जयते। आखिरकार, सत्य की जीत हुई।’’मार्च, 2017 में विवेक गर्ग नामक एक व्यक्ति ने राष्ट्रपति के समक्ष याचिका देकर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत समेत आप के 11 विधायकों को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराने की मांग की था। उनका दावा था कि दिल्ली के ग्यारह जिलों में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों का सह अध्यक्ष होने के नाते ये सभी विधायक लाभ के पद पर आसीन हैं। यह मुद्दा चुनाव आयोग के पास भेजा गया जिसने अगस्त में राय दी कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सह अध्यक्ष होने से वे विधायक के रूप में अयोग्य नहीं हो जाते क्योंकि उन्हें वेतन, भत्ते, फीस आदि के रूप में पारिश्रमिक नहीं मिलते। उसके अलावा उन्हें स्टाफ कार, कार्यालय का स्थान, कर्मचारी, टेलीफेान या निवास भी नहीं दिये गये हैं।कानून के मुताबिक राष्ट्रपति लाभ के पद के मामलों में चुनाव आयोग की राय स्वीकार करते हैं। आयोग ने कहा कि दिल्ली विधानसभा सदस्य (अयोग्य पाये जाने पर सदस्यता से वंचित) अधिनियम, 1997 दिल्ली सरकार द्वारा गठित सांविधिक या गैर सांविधिक निकाय के अध्यक्ष, निदेशक या सदस्य के पद को छूट प्रदान करता है बशर्ते उक्त अध्यक्ष, निदेशक या सदस्य किसी पारिश्रमिक का हकदार न हो। याचिकाकर्ता ने विधायकों--संजीव झा (बुराड़ी), नितिन त्यागी (लक्ष्मी नगर), प्रवीण कुमार (जंगपुरा), पवन कुमार शर्मा (आदर्श नगर), श्रीदत्त शर्मा (घोंडा), राजेश गुप्ता (वजीरपुर), सरिता सिंह (रोहताश नगर), दिनेश मोहनिया (संगम विहार), अमानतुल्ला खान (ओखला), कैलाश गहलोत (नजफगढ़) और जरनैल सिंह (तिलक नगर) को अयोग्य ठहराने की मांग की थी।

अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहDelhi Rains: भारी बारिश की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट आ रहे 7 विमानों ने बदला अपना रास्ता, 40 उड़ानों में हुई देरी******Highlights दिल्ली में बुधवार को दोपहर में हुई भारी बारिश की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट की ओर आ रहे कम से कम 7 विमानों का रास्ता बदला गया जबकि करीब 40 उड़ानें देरी से रवाना हुईं। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार को खराब मौसम की वजह से कम से कम 25 उड़ानों को रवाना होने में देरी हुई जबकि 15 विमान देरी से एयरपोर्ट पर उतरे।विस्तारा एयरलाइंस ने ट्वीट कर बताया कि मुंबई से दिल्ली आने वाली उसकी 2 उड़ानों को भारी बारिश की वजह से दूसरे शहरों की ओर मोड़ना पड़ा जिनमें से एक को जयपुर और दूसरे को इंदौर में उतारा गया। सूत्रों ने बताया कि विस्तारा की दो उड़ानों सहित कम से कम 7 उड़ानों को दिल्ली एयरपोर्ट के बजाय दूसरे शहरों की ओर मोड़ना पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट के परिचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) से जब इस बारे में जानकारी मांगी गई, तो इसका कोई जवाब नहीं मिला।बता दें कि आज गो एयर की फ्लाइट में खराबी आई है। दिल्ली से गुवाहाटी जा रही फ्लाइट की विंडशील्ड में बीच रास्ते में दरार आ गई। खराब मौसम के चलते विमान दिल्ली में लैंड नहीं हुआ। विमान को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। डीजीसीए के अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है।अधिकारियों के मुताबिक, गो एयर की फ्लाइट G8-151 की विंडशील्ड में दरार आई है। फ्लाइट दिल्ली से दोपहर 12:40 बजे रवाना हुई थी, हालांकि कुछ देर बाद ही पायलटों को खराबी के बारे में पता चला। विंडशील्ड में दरार का पता चलने के बाद विमान को वापस दिल्ली ले जाया गया, लेकिन राजधानी में खराब मौसम के कारण फ्लाइट लैंड नहीं हो सकी। विमान को गुवाहाटी पहुंचना था, लेकिन अब जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया।अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहसेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को बीते वित्त वर्ष में 1,396 करोड़ रुपए का घाटा, केनरा बैंक को 3,905 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा****** सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को मार्च, 2016 में समाप्त वित्त वर्ष में 1,396.37 करोड़ रुपए का एकीकृत नुकसान हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष में बैंक ने 666.06 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। डूबे कर्ज के लिए ऊंचे प्रावधान की वजह से बैंक को घाटा हुआ है। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा है कि वित्त वर्ष के दौरान उसकी कुल आय भी घटकर 27,932.13 करोड़ रुपए पर आ गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 28,376.37 करोड़ रुपए रही थी। सेंट्रल बैंक ने 2015-16 की आखिरी तिमाही के आंकड़े नहीं दिए हैं।संपत्ति के मोर्चे पर बैंक ने कहा कि मार्च, 2016 को उसका कुल ऋण पर सकल गैर निष्पादित आस्तियां 11.95 फीसदी पर पहुंच गईं, जो एक साल पहले 6.09 फीसदी थीं। वित्त वर्ष के दौरान बैंक का कुल डूबा कर्ज 22,720.88 करोड़ रुपए रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 11,873.06 करोड़ रुपए रहा था। वित्त वर्ष के दौरान बैंक का शुद्ध एनपीए बढ़कर 7.36 फीसदी या 13,241.80 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 3.61 फीसदी या 6,807.45 करोड़ रुपए था। उपभोक्‍ता वित्‍तीय सेवा लिस्‍ट में HDFC विश्व की शीर्ष 10 कंपनियों में से एक, फोर्ब्‍स पत्रिका ने जारी की सूचीफंसे हुए कर्ज बढ़ने से सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक को चौथी तिमाही में 3,905.49 करोड़ रुपए का एकल शुद्ध घाटा हुआ। पूर्व वित्त वर्ष 2014-15 की इसी तिमाही में बैंक को 612.96 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। बैंक ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि आलोच्य तिमाही में उसकी कुल आय घटकर 12,116.14 करोड़ रुपए रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 12,429.21 करोड़ रुपए थी। जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बढ़कर 9.4 फीसदी रही जो गत वित्त वर्ष की इसी अवधि में 3.89 फीसदी रही थीं।भारतीय रिजर्व बैंक के परिसंपत्ति गुणवत्ता समीक्षा निर्देशों का पालन करते हुए बैंक ने आलोच्य अवधि में फंसे हुए कर्ज के लिए 6,331.54 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो पूर्व वित्त वर्ष की इसी अवधि में 1,009.57 करोड़ रुपए था। पूरे वित्त वर्ष में बैंक का शुद्ध घाटा 2,812.82 करोड़ रुपए रहा, जबकि पूर्व वित्त वर्ष में उसे 2,702.63 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था।सार्वजनिक उपक्रम भेल चल रहा है घाटे में, 32 सरकारी कंपनियों में से 12 की हालत खराब

अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहऋतिक रोशन की शानदार बॉडी के पीछे है इनका हाथ, जन्मदिन पर एक्टर ने दी उन्हें बधाई******Highlightsअभिनेता ऋतिक रोशन अपने करीबी लोगों को स्पेशल महसूस करवाने से कभी चूकते नहीं हैं और अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये हर बार उनका आभार व्यक्त करते आये हैं।ऐसा ही एक पोस्ट ऋतिक ने अपने गुरु व जिम ट्रेनर के लिए साझा किया है जिनका बीते दिन जन्मदिन था। अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर जिम ट्रेनर स्वप्निल के साथ कुछ तस्वीरें साझा की है और उन्हें अपना 'सपोर्ट सिस्टम' बताते हुए उन्हें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं दी है और धन्यवाद कहा है।अभिनेता के इस पोस्ट ने स्वप्निल के लिए इस जन्मदिन को ओर भी खास बना दिया है जिसमें उनकी दोस्ती और अटूट बॉन्ड की झलक भी साफ़ देखी जा सकती है।अंतिमयात्राकेदिनभीजापानकेपूर्वपीएमशिंजोआबेकीआत्माकोनहींमिलासुकूनजानेंवजहचालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट लक्ष्य का दोगुना यानी 7.6 प्रतिशत रहेगा: रिपोर्ट******नई दिल्ली। केंद्र का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष 2020-21 में बजट लक्ष्य के दुगुने से भी अधिक 7.6 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। एक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश को कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिये अतिरिक्त खर्च करने की जरूरत होगी, वहीं सरकार का राजस्व कम रहेगा, जिसका सीधा असर राजकोषीय घाटे पर पड़ेगा। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त रूप से केंद्र और राज्यों का सामूहिक राजकोषीय घाटा 12.1 प्रतिशत रहेगा। इसमें राज्यों का हिस्सा 4.5 प्रतिशत होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने पहले ही प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा कर दी है, जिससे राजकोषीय गणित 1.1 प्रतिशत गड़बड़ा गया है। दूसरे प्रोत्साहन पैकेज की भी मांग उठ रही है। इस महामारी की वजह से देश में लंबा लॉकडाउन लगाया गया जिससे आर्थिक गतिविधियां ठहर गईं।रेटिंग एजेंसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 5.3 प्रतिशत की गिरावट आएगी। वहीं असम, गोवा, गुजरात और सिक्किम जैसे राज्यों की जीडीपी में गिरावट 10 प्रतिशत से अधिक रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि वृद्धि और राजस्व में गिरावट का सीधा असर राजकोषीय घाटे पर पड़ेगा। राजकोषीय घाटा वृहद आर्थिक ‘सेहत’ का संकेतक माना जाता है। इसमें कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में केंद्र और राज्यों का राजकोषीय घाटा कुल मिलाकर बढ़कर 12.1 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। इसमें केंद्र का राजकोषीय घाटा 7.6 प्रतिशत और राज्यों का 4.5 प्रतिशत रहेगा। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री डी के पंत ने कहा कि यह महामारी ऐसे समय आई है जबकि कमजोर उपभोक्ता मांग की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से सुस्त थी। पंत ने कहा, ‘‘इस महामारी की वजह से आपूर्ति पक्ष बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान सिर्फ सीमित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन और बिक्री की अनुमति दी गई थी।’’

हाल का ध्यान

लिंक