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Nitish Kumar : दिल्ली दौरे के दूसरे दिन नीतीश कुमार सीताराम येचुरी और डी राजा से मिलेंगे, कल राहुल गांधी से हुई थी मुलाकात

2022-09-30 21:05:02 फ़ूज़ौ

दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातChappell Backs Warner: डेविड वॉर्नर के बचाव में उतरा यह ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज, कहा- खत्म हो उनकी कप्तानी पर लगा बैन******Highlightsऑस्ट्रेलिया के स्टार सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर की कप्तानी पर बैन बरकरार है और उनके लिए टीम की कमान संभालना अब बेहद मुश्किल है। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्रेग चैपल ने वॉर्नर की कप्तानी बैन पर सवाल उठाए हैं और साथ ही ओपनर का बचाव भी किया है।चैपल ने मंगलवार को कहा कि डेविड वॉर्नर की कप्तानी पर लगा आजीवन प्रतिबंध खत्म कर देना चाहिये क्योंकि इस स्टार बल्लेबाज में ऑस्ट्रेलिया का सफल कप्तान बनने की क्षमता है। चैपल ने 'फॉक्स स्पोटर्स न्यूज' से कहा, "जो कुछ हुआ, उसमें उसकी मुख्य भूमिका थी लेकिन सिर्फ उसी की भूमिका नहीं थी। पता नहीं उसके साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया।"उन्होंने कहा, "वह अपनी सजा भुगत चुका है। अगर उसे मौका दिया जाये तो वह अच्छा कप्तान बन सकता है। उस पर लगा प्रतिबंध हटाया जाना चाहिये।"पूर्व कप्तान इयान चैपल ने भी कहा कि जब स्मिथ को दोबारा कप्तानी दी जा सकती है तो वॉर्नर पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है। पिछले महीने टेस्ट कप्तान ने भी वॉर्नर पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग की थी।गौरतलब है कि 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में गेंद से छेड़खानी मामले में उस वक्त के उपकप्तान वॉर्नर, कप्तान स्टीव स्मिथ और बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट को प्रतिबंध झेलना पड़ा। वॉर्नर और स्मिथ पर एक साल का और बैनक्रॉफ्ट पर नौ महीने का प्रतिबंध लगाया गया था। स्मिथ से कप्तानी छीन ली गई और दो साल के लिये कप्तानी पर प्रतिबंध लगा दिया गया जबकि वॉर्नर पर कप्तानी के लिये आजीवन प्रतिबंध लगाया गया।बता दें कि वॉर्नर अभी तक के अपने करियर में कभी भी ऑस्ट्रेलिया के कप्तान नहीं रहे हैं। जबकि खिलाड़ी के तौर पर वह 96 मैचों में 46.52 की औसत से 7817 रन बना चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 24 शतक और 34 अर्धशतक लगाए हैं। वॉर्नर हालांकि आईपीएल में कप्तानी कर चुके हैं। उनकी कप्तानी में सनराइजर्स हैदराबाद एक बार विजेता भी रही है।

दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातविश्व मोटापा दिवस: मोटापो को छूमंतर करना है तो हरे सोया को दीजिए प्लेट में जगह******Highlightsसोया के पत्तों को सब्जियों का स्वाद बढ़ाने या खुशबू के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर इसे मेथी के साग या आलू, दाल, अचार जैसी चीजों को बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसमें विटामिन-सी, विटामिन-ए, आयरन, कैल्शियम और मैंगनीज जैसे कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। यही वजह है कि ये सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। सोया के नियमित इस्तेमाल से मोटापा भी कम होता है।बहुत से लोग इसे 'सोआ' भी कहते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि सेहत के लिए सोया के पत्तों क्यों अच्छे होते हैं और इन्हें डाइट में किस तरह से शामि किया जा सकता है।यूं तो डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए कई प्राकृतिक तरीके हैं लेकिन सोआ के पत्ते किफायती के साथ काफी फायदेमंद इलाज है। इससे ना सिर्फ शरीर में इंसुलिन का स्तर समान्य रहता है बल्कि यह ब्लड शुगर लेवल को भी काबू रखता है।अगर आप भी अनियमित समस्या से परेशान हैं तो सोआ के पत्ते खाकर देखें। इससे कुछ दिनों में ही पीरियड साइकल सही हो जाएगा। साथ ही इससे शरीर में हार्मोन्स भी बैलेंस रहेंगे।वजन घटाने में भी सोया के पत्ते काफी मददगार साबित होते हैं। इसमें कैलोरी की मात्रा काफी होती है और ये पत्ते एंटी-ऑक्सीडेंट से भी भरपूर होते हैं। ये शरीर में बेड कोलेस्ट्रोल के लेवल को कम करने में मदद करते हैं और मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाने में भी काफी सहायता करते हैं।सोया के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये डाइजेशन को बेहतर करने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा भी होती है और ये गैस, बदहजमी, पेट फूलने जैसी दिक्कत से छुटकारा दिलाते हैं। इसका सेवन करने ले कब्ज जैसी परेशानी भी दूर रहती है।सोया में काफी मात्रा में फ्लेवोनाइड्स और विटामिन बी पाया जाता है, जो अनिद्रा सहित शरीर में कोर्टिसोल के लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही तनाव कम करने में भी मददगार है।सोया के पत्ते मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में सहायक होते हैं। ये फैट बर्नर की तरह काम करते हैं। इन पत्तों को आप चाय या ग्रीन टी में डालकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातTanushree Dutta के खिलाफ हो रही हत्या की साजिश? एक्ट्रेस ने लंबी पोस्ट में सुनाया खौफनाक अनुभव******Highlightsदेश में #MeToo अभियान की शुरुआत करने वालीं एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता (Tanushree Dutta) एक बार फिर चर्चा में हैं। हमेशा बेबाक अंदाज में अपनी बात कहने और अपने अपने हक के लिए बेखौफ होकर लड़ने वालीं तनुश्री ने एक लंबी पोस्ट में आपबीती सुनाई है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि बीते कुछ समय से उनके खिलाफ 'बॉलीवुड माफिया' की साजिश चल रही है। कभी उनके खाने में दवाएं मिलाई जा रही हैं तो कभी उनकी कार के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।तनुश्री दत्ता (Tanushree Dutta) ने रेड ड्रेस में एक तस्वीर शेयर करते हुए यह नोट शेयर किया है। उन्होंने लिखा है, 'मुझे परेशान किया जा रहा है और निशाना बनाया जा रहा है। प्लीज आप कुछ करिए! मेरा बॉलीवुड वर्क पिछले एक साल में तहस-नहस कर दिया गया है।' इसके आगे तनुश्री ने कहा, 'एक मेड को मेरे घर प्लांट किया गया जिसने मेरे पानी में दवाएं और स्टेरॉइड मिला दिए, जिससे मुझे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो गईं। फिर जब मैं उज्जैन चली गई तो वहां पर मेरी गाड़ी के ब्रेक दो बार खराब किए गए और मेरा एक्सीडेंट हो गया।'इसके आगे तनुश्री दत्ता (Tanushree Dutta) ने बोला- 'मैं मरने से बाल-बाल बची हूं, इसके बाद फिर 40 दिन में नॉर्मल लाइफ जीने के लिए मुंबई वापस लौट आई हूं। लेकिन अब मेरी बिल्डिंग में मेरे फ्लैट के बाहर अजीब और घटिया चीजें हो रही हैं। लेकिन एक बात तो तय है कि मैं सुसाइड नहीं करूंगी। यह बात सभी कान खोलकर सुन लो। ना ही मैं यहां से कहीं भागने वाली हूं। मैं यहां रहने आई हूं और अपने करियर को और ऊपर ले जाउंगी। बॉलीवुड माफिया और घटिया सोच वाले एंटी नेशनल क्रिमिनल आमतौर पर लोगों को परेशान करने के लिए इस तरह काम करते हैं।'अभिनेत्री (Tanushree Dutta) ने इन हरकतों के पीछे शक जताते हुए लिखा, 'मुझे यकीन है कि 'मीटू' के दोषी और जिस NGO का मैंने पर्दाफाश किया था, वही लोग इन हरकतों के पीछे हैं। शर्म करो! मैं जानती हूं कि बहुत से लोग मेरी बातों को गलत कहेंगे, लेकिन मैं इस सबको लेकर काफी लंबे समय से इंस्टाग्राम पर अपडेट डाल रही हूं।'

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दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातनेशनल कांफ्रेंस को एक और झटका, 6 प्रमुख नेता समेत कई कार्यकर्ताओं का इस्तीफा******जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस को एक और बड़ा झटका लगा है। दिल्ली में देवेंद्र सिंह राणा और सुरजीत सिंह सलाथिया के भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के एक दिन बाद पार्टी के एक प्रांतीय सचिव, दो जिलाध्यक्षों तथा जम्मू नगर निगम (जेएमसी) के दो पार्षदों समेत तीन दर्जन से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। राणा के कार्यालय के एक सहयोगी ने बताया, ‘‘नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय सचिव, दो जिलाध्यक्षों, दो नगर निगम पार्षदों, एक ब्लॉक अध्यक्ष और जम्मू जिले के पार्टी के कई जिला और प्रखंड समिति सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया और राणा को अपना समर्थन जताया।’’उन्होंने कहा कि से इस्तीफा देने वाले नेताओं में जम्मू के प्रांतीय सचिव अरशद चौधरी, जम्मू शहरी इकाई के जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह जामवाल, जम्मू ग्रामीण ‘ए’ इकाई के जिलाध्यक्ष सोमनाथ खजूरिया, भलवाल के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक सिंह मन्हास तथा निगम पार्षद एस सुच्चा सिंह एवं मथवार ब्लॉक के महिला प्रकोष्ठ की ब्लॉक अध्यक्ष रेखा लांगेह शामिल हैं।बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और एमओएस (पीएमओ) जितेंद्र सिंह के छोटे भाई देवेंद्र राणा की गिनती नेशनल कांफ्रेंस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में होती थी। पार्टी से उनके जाने को नेशनल कांफ्रेंस के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। वह तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के राजनीतिक सलाहकार का पद छोड़ने के बाद 2011 से ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष के पद पर काबिज थे।राणा ने 30 जनवरी को ‘जम्मू घोषणा पत्र’ का प्रस्ताव किया था जिसमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों और समुदायों में एकजुटता और विश्वास बहाल करने पर जोर दिया गया है। जम्मू घोषणा पत्र का प्रस्ताव रखने के बाद राणा ने कहा था कि बीजेपी एकमात्र बड़ी पार्टी है जिसने इस पर ‘बड़ी प्रतिक्रिया’ दी।दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातसिर्फ 1,399 रुपये में हवाई सफर करने का मौका, इन रूट्स पर एयरलाइंस कंपनियां लेकर आई बोनंजा ऑफर******Highlightsआपने कभी मुंबई से अहमदाबाद के लिए महज 1,399 रुपये या मुंबई और बेंगलुरु के बीच करीब 2,000 रुपये या उससे भी कम में उड़ान भरने के बारे में सोचा है? यह अब संभव हो गया है क्योंकि विमानन क्षेत्र में गलाकाट प्रतिस्पर्धा ने उड़ान भरने वालों को आकर्षित करने के लिए एयरलाइनों के बीच मूल्य युद्ध को जन्म दिया है। हवाई किराए पर एक नजदीकी नजर से पता चला है कि मुंबई से अहमदाबाद के टिकट की कीमत Go First पर 1,399 रुपये और Akasa Air पर 9 सितंबर को यात्रा के लिए 1,497 रुपये है। सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो उसी मार्ग पर टिकट की 1,609 रुपये में पेशकश कर रही है।ऐसा ही हाल मुंबई-बेंगलुरु रूट पर भी है, जिसमें 2,000 रुपये से 2,200 रुपये तक के टिकट उपलब्ध हैं। अकासा एयर जहां 9 सितंबर को यात्रा के लिए 1,997 रुपये में टिकट दे रही है, वहीं इंडिगो पर 2,208 रुपये में टिकट उपलब्ध है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा 31 अगस्त से हवाई किराए की सीमा को हटाने के बाद भारतीय एयरलाइनों के बीच मूल्य युद्ध की आशंका थी। उद्योग के विशेषज्ञों ने कहा कि एयरलाइनों के बीच उच्च प्रतिस्पर्धा से उड़ान भरने वालों के लिए लाभ हो सकता है और कई एयरलाइंस मांग के अनुसार छूट की पेशकश कर सकती हैं।दिलचस्प बात यह है कि कीमतों में ज्यादातर उन मार्गों पर गिरावट आई है, जिन पर हाल ही में लॉन्च हुई अकासा एयर ने अपना परिचालन शुरू किया है। एक विशेषज्ञ ने कहा कि उड्डयन मंत्रालय के इस कदम से एयरलाइंस को हवाई किराए तय करने में लचीलापन मिला है क्योंकि वे अब अपनी नीतियों के अनुसार शुल्क ले सकते हैं। अकासा एयर के प्रवेश ने विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है। उड़ान भरने वालों को आकर्षित करने के लिए, कुछ एयरलाइनों ने पहले ही कम दरों पर टिकट देना शुरू कर दिया है। इससे पहले, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा था कि अनुसूचित घरेलू परिचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद, अर्थात हवाई यात्रा के लिए यात्री की मांग, हवाई किराए के संबंध में समय-समय पर अधिसूचित किराया बैंड को प्रभावी रूप से हटाने का 31 अगस्त से निर्णय लिया गया है। मंत्रालय ने कोविड -19 के प्रसार को रोकने के लिए शुरूआती दो महीने के राष्ट्रव्यापी तालाबंदी के बाद मई, 2020 में सेवाओं को फिर से शुरू करने के बाद हवाई किराए पर निचली और ऊपरी सीमा लगा दी थी। इसके बाद, देश में हवाई यातायात में सुधार के अनुसार चरणबद्ध तरीके से सीमाओं में ढील दी गई।दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातAMU Health News: अलीगढ़ विश्वविद्यालय ने बनाया पहला यूनानी टूथपेस्ट, जानें दांतों के लिए है कितना फायदे मंद******Highlights अपने देश में आमतौर पर लोग दांतों के स्वास्थ्य को लेकर आज भी उतने अधिक सजग व जागरूक नहीं हैं। शरीर के अन्य अंगों की तरह दांतों की देखभाल भी बहुत कम लोग ही करते हैं। दांतों को स्वस्थ, सुंदर और मजबूत बनाए रखने के लिए अपने जाने वाले समस्य उपाय भी बहुत गिने-चुने लोग ही करते हैं। हालत यह है कि लोग दंत चिकित्सक के पास तब तक नहीं जाते जब तक कि वह किसी भयंकर दांत की बीमारी के शिकार नहीं हो जाते या फिर उनके दांत में कीड़े इत्यादि नहीं लग जाते। दांतों को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए तमाम कंपनियां समय-समय पर नए-नए टूथपेस्ट बनाती रही हैं। मगर अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने पहली बार अव्वल दर्जे का यूनानी टूथपेस्ट बनाया है। इस टूथपेस्ट की खासियत क्या होगी और यह आपके दांतों को कैसे मजबूत और स्वस्थ बना सकता है। आइए इस बारे में आपको बताते हैं।यह टूथपेस्ट अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दवाखाना तिब्बिया कॉलेज की ओर से बनाया गया है। इसे 'पायोडेंट' नाम दिया गया है। एएमयू के अनुसार यह टूथपेस्ट विशेषकर उन लोगों के लिए अचूक औषधि का काम करेगा, जो मसूड़ों से खून बहने और सूजन, पायरिया की बीमारी से ग्रस्त हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर का दावा है कि यूनानी दवाओं के क्षेत्र में यह बड़ी उपलब्धि और लंबी छलांग है। उन्होंने कहा कि इतना अच्छा यूनानी टूथपेस्ट पहले किसी ने नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अन्य महत्वपूर्ण उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। जिसका सीधा आम लोगों की रोजमर्रा वाली जिंदगी से सरोकार होगा। भविष्य में यह पूरे देश में एक आम घरेलू उत्पाद बन जाएगा।प्रोफेसर सलमा अहमद (सदस्य-प्रभारी, दवाखाना तिब्बिया कॉलेज) ने कहा कि यह टूथपेस्ट अकादमिक-उद्योग इंटरफेस का परिणाम है और सैदला विभाग, अजमल खान तिब्बिया कॉलेज और दवाखाना तिब्बिया कॉलेज के बीच एक सहयोगी परियोजना का परिणाम है। इसे संबंधित विभाग के साथ पेटेंट कराया गया है और इस पर दवाखाना तिब्बिया कॉलेज का अधिकार है। वहींप्रोफेसर तारिक मंसूर का कहना है कि यह समय की बहुत जरूरत है। अंग्रेजी उत्पादों से लोग तंग आ चुके हैं। यह ऐसा वक्त है जब लोग सभी घरेलू जरूरतों, दवाओं और अन्य सौंदर्य उत्पादों के लिए यूनानी उत्पादों की तलाश में हैं। ऐसे में यह टूथपेस्ट उन लोगों के लिए सबसे अधिक लाभकारी है जो दांत की समस्याओं से परेशान हैं।एएमयू के अनुसार इस टूथपेस्ट की दवाखाना प्रबंधन की ओर से देशभर में मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ताकि इस अधिक से अधिक जरूरतमंद ग्राहकों तक पहुंचाया जा सके। पायरिया के इलाज में यह टूथपेस्ट रामबाण साबित होगा। आयुष मंत्रालय के तहत यूनानी सेवा निदेशालय द्वारा अनुमोदित टूथपेस्ट मसूड़ों से खून बहने, मसूड़ों में सूजन, कैविटी, संवेदनशीलता और सांसों की दरुगध के लिए प्रभावी उपचार प्रदान करता है। इसे आगे भी करता रहेगा। ताकि इस समस्या से देशभर के लोगों को निजात दिलाई जा सके। मसूढ़ों में खून आने और पायरिया की समस्या से देश की बड़ी आबादी त्रस्त है।

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दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातBigg Boss 15 के लिए अर्जुन बिजलानी, निया शर्मा, दिव्यांका त्रिपाठी समेत इन सितारों के नाम आए सामने- रिपोर्ट******: बिग बॉस ओटीटी शानदार तरीके से चल रहा है और फिनाले वीक के करीब आ चुका है। वहीं अब बिग बॉस 15 का भी आगाज़ होने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 3 अक्टूबर 2021 से बिग बॉस 15 ऑनएयर होगा, जिसे सलमान खान होस्ट करेंगे। शो के कई प्रोमो सामने आ चुके हैं, जिससे पता चलता है कि इस बार की थीम जंगल है। बिग बॉस 15 के ऑनएयर होने की खबरों के साथ कंटेस्टेंट्स के नाम के लिए बिग बॉस के फैंस बेताब हैं। बिग बॉस 15 के लिए कंटेस्टेंट्स के नाम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, आइए जानते हैं कौन-कौन से सितारे हैं जिनके नाम सामने आ रहे हैं।बिग बॉस ओटीटी में 1 दिन की मेहमान बनकर पहुंची का नाम भी बिग बॉस 15 के लिए सामने आ रहा है। पहले भी निया का नाम बिग बॉस ओटीटी के लिए सामने आया था, मगर तब वो सिर्फ एक दिन के लिए आई थीं। अब वो कंटेस्टेंट बनकर बिग बॉस 15 के घर में आएंगी।खतरों के खिलाड़ी में नजर आ रहे अर्जुन बिजलानी कलर्स टीवी के शो नागिन में नजर आ चुके हैं। मौनी संग अर्जुन की केमिस्ट्री खूब पसंद की गई थी। अर्जुन बिजलानी का नाम बिग बॉस ओटीटी के लिए भी आया था मगर तब वो शो में नहीं नजर आए थे, अब उनका नाम बिग बॉस 15 के लिए सामने आ रहा है। इन दिनों खतरों के खिलाड़ी में अपने स्टंट्स के लिए दर्शकों की तारीफ बटोर रही हैं। दिव्यांका का नाम भी बिग बॉस 15 के लिए सामने आ रहा है। इससे पहले दिव्यांका नच बलिए की विनर भी रह चुकी हैं और सीरियल ये है मोहब्बतें में इशिता भल्ला के किरदार से भी दिव्यांका ने खूब प्यार बटोरा था। बिग बॉस 15 में दिव्यांका को देखना फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं होगा।सीरियल 'शक्ति' में हरमन का रोल कर चुके एक्टर विवियन डिसेना भी बिग बॉस 15 का हिस्सा हो सकते हैं। सीरियल मधुबाला में ऋषभ कुंद्रा उर्फ आरके नाम से मशहूर विवियन के फैंस उन्हें रियलिटी शो में देखने के लिए बेहद उत्साहित हैं।सीरियल उतरन में इच्छा का रोल प्ले करने वाली एक्ट्रेस टीना दत्ता का नाम भी बिग बॉस 15 के लिए सामने आ रहा है। टीना ने कर्मफल दाता शनि, कोई आने को है, बेइंतहा जैसे सीरियल्स में भी काम किया है। वहीं टीना फिल्म परिणीता में भी नजर आई थीं।इसके अलावा बिग बॉस ओटीटी के कंटेस्टेंट्स शमिता शेट्टी, दिव्या अग्रवाल, प्रतीक सहजपाल और निशांत भट भी बिग बॉस 15 में नजर आने वाले हैं।दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातक्या श्रीनगर में जामिया मस्जिद में नमाज नहीं होती? ओवैसी को पुलिस ने दिया ये जवाब******कश्मीर में मल्टीप्लेक्स को खोलने और श्रीनगर की को बंद रखने के असदुद्दीन ओवैसी के बयान को पुलिस ने गलत बताया और कहा कि ओवैसी के बयान में कोई हकीकत नहीं है। जामिया मस्जिद की इंतजामिया ने कहा कि 4 अगस्त 2019 को जब जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाना था, मीरवाइज़ मौलवी उमर फ़ारूक़ को नज़र बंद रखने के साथ ही जामिया मस्जिद को भी बंद कर दिया गया था। बाद में कोविड के कारण, जामिया मस्जिद और कश्मीर की दूसरी सभी छोटी-बड़ी मस्जिदें भी पूरी तरह से बंद कर दिए गए थे अलबत्ता पिछले कुछ हफ़्तों से नमाज पढ़ने पर कोई पाबंदी नहीं है खासकर जुमा की नमाज। लेकिन बीच-बीच में सरकार की तरफ से कई बार मस्जिद को नमाज के लिए बंद करना पड़ा था लेकिन पिछले 5-6 हफ़्तों से जुमा की नमाज के साथ-साथ 5 वक्त नमाज यहां अदा हो रही हैं। बता दें कि ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने शोपियां और पुलवामा में सिनेमा हॉल खोल दिए लेकिन हर जुमे को श्रीनगर की जामिया मस्जिद बंद क्यों रहती हैं। कम से कम दोपहर के मैटिनी शो के दौरान तो उन्हें बंद नहीं करें। श्रीनगर की यह जामिया मस्जिद एक ऐतहासिक मस्जिद हैं। यहां दूर-दूर से लोग नमाज पढ़ने के लिए पहुंचते हैं और आज भी कुछ ऐसी ही तस्वीर दिखी। जामिया मस्जिद के सभी दरवाजे खुले थे। आम लोगों के साथ-साथ यहां पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। कुछ लोग नमाज पढ़ते हुए मस्जिद में नजर आए तो कुछ लोग श्रीनगर की इस ऐतिहासिक जामिया मस्जिद की दीवारों के साथ तस्वीरें खींचते हुए नजर आए। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जामिया मस्जिद को बंद रखे जाने पर कहा कि कोरोना काल के बाद केवल तीन मौकों पर अस्थायी तौर पर मस्जिद को बंद कर दिया गया था। आतंकी हमले और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के कारण तीन बार जामिया मस्जिद को बंद रखा गया था और यह सब तब किया गया क्योंकि जामिया इंतजामिया अधिकारियों की ओर से मस्जिद के अंदर किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने देने का आश्वासन देने में वो विफल रहे। इंडिया टीवी से बात करते हुए जम्मू कश्मीर पुलिस के SSP राकेश बलवाल ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की तरफ से किए गए ट्वीट में कोई सच्चाई नहीं है। इस तरह के लोग ऐसे बयानों से यहां का माहौल बिगड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां के लोगो से अपील करता हूं कि ऐसे बयानों पर ध्यान ना दें और ये भी वाज़िह करता हूं कि जामिया मस्जिद में नमाज पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं है खासकस कर जुमे की नमाज को लेकर।आपको बता दें कि श्रीनगर के पुराने शहर के केंद्र में स्थित, जामिया मस्जिद को शाहमीरी वंश के छठे सम्राट सिकंदर शाह ने बनवाया था, जिसने 1339 से 1561 तक कश्मीर पर शासन किया था। इसलिए ये मस्जिद कश्मीर की ऐतिहासिक मस्जिदों में शुमार की जाती है। इस ऐतिहासिक मस्जिद में न सिर्फ कश्मीर से बल्कि देश और दुनिया के हर कोने से लोग बड़ी आस्था लेकर आते हैं।

Nitish Kumar : दिल्ली दौरे के दूसरे दिन नीतीश कुमार सीताराम येचुरी और डी राजा से मिलेंगे, कल राहुल गांधी से हुई थी मुलाकात

दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातT20 World Cup 2022 : विश्व कप से भी बाहर होंगे शाहीन शाह अफरीदी! पूर्व खिलाड़ी ने दे दी अजीब सलाह******Highlightsटी20 विश्व कप 2022 के लिए पाकिस्तानी टीम का ऐलान कर दिया गया है। टीम की खास बात ये है कि इसमें तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी भी शामिल किए गए हैं। वैसे तो शाहीन शाह अफरीदी को एशिया कप 2022 के लिए भी टीम में शामिल किया गया था, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उनकी चोट ठीक नहीं हुई थी। शाहीन अफरीदी अपनी इंजरी के दिक्कत को लेकर इस वक्त इंग्लैंड में हैं और इस वक्त रिहैब कर रहे हैं। बताया जाता है कि वे इंग्लैंड से सीधे ऑस्ट्रेलिया जाएंगे, जहां टी20 विश्व कप के लिए अपनी टीम से जुड़ेंगे। इस बीच क्या इस बात की भी संभावना है कि शाहीन शाह अफरीदी टी20 विश्व कप 2022 से भी बाहर हो जाएं, इस तरह की संभावना तो नजर नहीं आ रही है, लेकिन पााकिस्तान के ही पूर्व तेज गेंदबाज ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने सभी को आश्चर्य में जरूर डाल दिया हैै।पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज आकिब जावेद ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि शाहीन शाह अफरीदी जैसे गेंदबाज रोज रोज पैदा नहीं होते। शाहीन शाह अफरीदी को मेरी सलाह है कि वे ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी20 विश्व कप 2022 न खेलें, क्योंकि शाहीन इस विश्व कप से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। आकिब जावेद का मानना है कि अगर शाहीन शाह इस विश्व कप में खेले तो उनकी चोट और भी बढ़ सकती है जो आगे जाकर खतरनाक हो सकती है। हालांकि शाहीन अफरीदी टी20 विश्व कप खेलेंगे या नहीं, ये फैसला या तो शाहीन अफरीदी खुद लेंगे, या फिर पीसीबी इस पर फैसला ले सकता है, लेकिन फिलहाल इस तरह का कोई भी अंदेशा नजर नहीं आ रहा है।शाहीन शाह अफरीदी उस वक्त चोटिल हो गए थे, जब पाकिस्तानी टीम ने श्रीलंका का दौरा किया था। पहले टेस्ट में उन्हें चोट लग गई थी, इसके बाद वे दूसरा टेस्ट नहीं खेल पाए थे। इसके बाद शाहीन अफरीदी को नीदरलैंड के खिलाफ होने वाली वन डे सीरीज के लिए भी उन्हें टीम में शामिल किया गया था। लेकिन वे इस सीरीज में एक भी मैच नहीं खेल पाए थे। पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम की जिद के कारण शाहीन अफरीदी पूरी टीम के साथ दुबई भी पहुंचे और भारत बनाम पाकिस्तान मैच भी देखते हुए नजर आए। हालांकि इसके बाद वे इंग्लैंड चले गए और वहां पर अपनी चोट को लेकर रिहैब कर रहे हैं। बताया जाता है कि पिछले दिनों पीसीबी की ओर से गेंदबाजी कोच उमर रशीद की देखरेख के लिए भेजा गया है। पता चला है कि वे तेजी से ठीक हो रहे हैं और जल्द ही गेंदबाजी करते हुए भी नजर आ सकते हैं।

दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातRajat Sharma’s Blog: कब अपने चरम पर होगी कोरोना की तीसरी लहर, कब होगी इसकी विदाई?******भारत में कोविड के नए मामलों की संख्या रोजाना तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि देश में कोरोना की तीसरी लहर अपने चरम पर कब पहुंचेगी। सवाल ये भी उठ रहा है कि आखिर कोविड के नए मामलों के बढ़ने की रफ्तार कब कम होगी और सामान्य स्थिति बहाल होगी। सोमवार की रात अपने प्राइम टाइम शो ‘आज की बात’ में हमने महामारी की मौजूदा लहर के बारे में कई बड़े विशेषज्ञों से बात की। ये वे लोग हैं जिनके आकलन पिछले साल अप्रैल-मई में तबाही मचाने वाली दूसरी लहर के बारे में सही साबित हुए थे।विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा लहर इस साल मार्च के दूसरे हफ्ते तक खत्म हो जाएगी। बताया जा रहा है कि 10 मार्च के बाद हालात सामान्य हो सकते हैं। अब तक के रुझानों और आंकड़ों विश्लेषण करने के बाद एक्सपर्ट्स ने कोरोना के संकट बारे में कई ऐसी बातें बताई हैं जो राहत देती हैं। जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में, जो इस वक्त महामारी के केंद्र बने हुए हैं, जल्द ही सामान्य स्थिति लौट आएगी। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक इन शहरों में हालात सामान्य हो जाएंगे। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम निश्चिंत हो जाएं। ये ध्यान रखिए कि हालात ठीक होने में समय लगेगा और फिलहाल खतरा बड़ा है। जानकारों का ये भी कहना है कि इन तीनों शहरों में अभी कोरोना की तीसरी लहर का पीक नहीं आया है, यानी कि मामले अभी और तेजी से बढ़ेंगे।लोगों के मन में ये सवाल भी उठ रहे हैं कि जिन राज्यों में फरवरी और मार्च में चुनाव होने हैं, क्या चुनाव प्रचार, वोटिंग और मतगणना के दौरान वहां कोरोना नहीं फैलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में कोरोना के मामले जनवरी के आखिर में कम होने शुरू हो जाएंगे।सबसे पहले आप ये जान लीजिए कि अगर कोई ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है तो उसे संक्रमित होने में मुश्किल से 6 सेकंड लगते हैं। ऑमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से यह वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है। यह पिछले डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले 6 गुना तेजी से फैलता है। राहत की बात इतनी सी है कि डेल्टा की तुलना में नया वैरिएंट कम घातक है। सोमवार को पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे भारत में 1.80 लाख से अधिक नए मामले सामने आए। पिछले एक हफ्ते में कोरोना के केस 1.3 लाख से बढ़कर 7.8 लाख हो गए, जबकि दूसरी लहर के दौरान कोरोना के केस 1.3 लाख से बढ़कर 7.8 लाख केस होने में 5 हफ्ते का वक्त लगा था।ओमिक्रॉन की रफ्तार इतनी तेज है कि अब देश भर में पॉजिटिविटी रेट 13 पर्सेंट से ज्यादा हो चुका है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बैंगलुरू जैसे बड़े शहरों में पॉजिटिविटी रेट 25 परसेंट से ज्यादा है। राहत की बात बस इतनी है कि इस बार हॉस्पिटलाइजेशन की रेट और डेथ रेट, दूसरी लहर के मुकाबले काफी कम है।एक्पर्ट्स का दावा है कि जितनी रफ्तार से ओमिक्रॉन वैरिएंट बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से कम भी होगा और खत्म भी होगा। महामारी के पैटर्न की स्टडी करने वाले आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर का पीक अब ज्यादा दूर नहीं है। उनका मानना है कि जनवरी के अंत या फरवरी के पहले हफ्ते तक भारत में कोरोना की तीसरी लहर अपने चरम पर होगी। उस वक्त एक दिन में कोरोना के 4 से 8 लाख तक नए केस आएंगे। चूंकि मामलों की संख्या तेजी से बढ़ेगी इसलिए उस वक्त देश के अस्पतालों में 1.5 लाख बिस्तरों की जरूरत पड़ सकती है।दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस से संक्रमण के 23,751 नए मामले सामने आए। पिछले 24 घंटों के दौरान कम जांच होने के कारण रविवार को 19,166 मामले दर्ज किए गए, लेकिन पॉजिटिविटी रेट 25 प्रतिशत थी। मुंबई में 13,648 नए मामले, बेंगलुरु में 9,221 मामले और कोलकाता में 5,556 नए मामले दर्ज किए गए।आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर के मॉडल के मुताबिक, यह स्थिति ज्यादा दिन तक नहीं रहेगी। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में तीसरी लहर की पीक 15 जनवरी तक आ सकती है। 15 जनवरी तक दिल्ली में रोजाना 40-50,000 तक नए केस आ सकते हैं। मुंबई में चरम पर पहुंचने के बाद रोजाना 35-40,000 केस आ सकते हैं।सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन सभी शहरों में डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी बड़े पैमाने पर संक्रमित हो रहे हैं। अकेले दिल्ली में करीब एक हजार पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दिल्ली और मुंबई में कोरोना की तीसरी लहर की पीक के दौरान मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में 13-15,000 बेड्स की जरूरत पड़ सकती है।वैसे तो दिल्ली में नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू सख्ती से लागू किया जा रहा है, लेकिन बाजारों और शॉपिंग सेंटरों में अभी भी भीड़ है और कई लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। वैरिएंट तेजी से फैलता है, लेकिन यह कम घातक होता है। ज्यादातर मामलों में, संक्रमित व्यक्तियों में कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, और दिक्कत की बात यही है।संक्रमित व्यक्ति को यह नहीं पता होता है कि वह पॉजिटिव है और उसे होम आइसोलेशन में जाना चाहिए। जो सिम्टोमैटिक केस हैं, यानी जिन्हें बुखार, बदन दर्द, पेट खराब होना, गले में खराश होना या खांसी-जुकाम जैसे लक्षण होते हैं, वे ज्यादातर मरीज घर में ही 3 दिन में बिना किसी दवा के ठीक हो जाते हैं। केवल ऐसे मामलों में जहां लोग कोरोना के अलावा मधुमेह, हृदय, फेफड़े और गुर्दे से संबंधित बीमारियों से पीड़ित हैं, एक संक्रमित मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़त सकती है, क्योंकि ऐसे में वायरस शरीर के विभिन्न अंगों में फैलता जाता है।दिल्ली में इस समय 60,733 ऐक्टिव केस हैं और सरकार ने अस्पतालों में 14,222 बेड्स की व्यवस्था की है। अभी तक केवल 1,999 मरीज ही अस्पताल में भर्ती हुए हैं, जिनमें से 443 मरीज आईसीयू में हैं। केवल 503 मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ी है। दिल्ली के अस्पतालों में लगभग 88 प्रतिशत इस समय खाली पड़े हैं। मुंबई के अस्पतालों में 34,960 बिस्तर तैयार रखे गए हैं, जिनमें से 7,432 बिस्तरों पर मरीज हैं। आईसीयू में 30 फीसदी बिस्तरों पर मरीज भर्ती हैं। दूसरी लहर की तुलना में दवाओं, ऑक्सीजन और अस्पताल के बिस्तरों के लिए मारा मारी नहीं है। मुंबई के बाजारों में अभी भी भीड़ है और कई लोग मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं।‘आज की बात’ शो में हमने दिखाया कि कैसे कर्नाटक में एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार ने, जो बिना मास्क के पदयात्रा पर निकले थे, एक डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया। वह डॉक्टर रैंडम सैंपलिंग के लिए उनके पास गए थे। कांग्रेस की एक पदयात्रा के दौरान, पूर्व सीएम सिद्धरामैया पॉजिटिव पाए गए और उन्हें होम आइसोलेशन के लिए जाना पड़ा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा कोविड के दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ाने पर चिंता जाहिर की। बाद में बोम्मई खुद भी कोविड पॉजिटिव पाए गए और उन्हें होम आइसोलेशन में जाना पड़ा।अन्य बड़े नेताओं में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट भी से संक्रमित पाए गए हैं। ये सही है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट कम खतरनाक है, ये भी सही है कि इससे कम लोगों को हॉस्पिटल में जाना पड़ता है, लेकिन इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि लापरवाही की जाए या कोरोना को हल्के में लिया जाए।दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातAsia Cup 2022 Final : भारत बनाम पाकिस्तान फाइनल में ये टीम बनी रोड़ा !******Highlightsएशिया कप 2022 के दूसरे ही दिन उस वक्त रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया, जब 28 अगस्त को भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने सामने हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया ये मुकाबला पूरी दुनिया में देखा गया। एशिया कप 2022 के शुरू होने से पहले संभावना जताई जा रही थी कि इस साल का फाइनल भी भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जा सकता है। हालांकि साल 1984 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट के फाइनल में कभी भारत और पाकिस्तान की टीमें नहीं टकराई हैं। लेकिन जैसे जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ रहा है, दूसरी टीमों ने भी अपनी काबिलियत दिखाई है। ऐसे में इस बात की संभावना कम है कि भारत और पाकिस्तान की टीमें फाइनल में भिड़ती हुई नजर आएं। हालांकि कब क्या हो जाए, इसके बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है।एशिया कप में कम से कम दो मुकाबले तो भारत और पाकिस्तान के बीच होने ही थे। इसमें से एक मैच हो चुका है। अब अगर टीम इंडिया आज हांगकांग को हरा देती है और उसके बाद पाकिस्तानी टीम भी हांगकांग को हराने में कामयाब हो जाती है तो ये पक्का है कि चार सितंबर यानी अगले रविवार को फिर इन टीमों के बीच टक्कर देखने के लिए मिलेगी। लेकिन फाइनल को लेकर आशंका है। इसका सबसे बड़ा कारण अफगानिस्तान की टीम है। अफगानिस्तान ने अभी तक खेले गए अपने दोनों मैच जीत लिए हैं और सुपर 4 में पहुंचने वाली पहली टीम भी बन गई है। यानी भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत सुपर 4 में अफगानिस्तान से भी होगी। अफगानिस्तान ने जिस तरह से अपने पहले मैच में श्रीलंका और दूसरे मैच में बांग्लादेश को हराया है, उससे साफ है कि टीम काफी तगड़ी है और किसी को भी हराने की स्थिति में है।टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और कप्तान भी रहे अजय जडेजा ने क्रिकबज से बात करते हुए कहा कि सुपर 4 में खेलते हुए भारत और पाकिस्तान को अफगानिस्तान से सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर ये टीम किसी बड़ी टीम को हरा दे। आपको बता दें कि एशिया कप की छह टीमें में से सुपर 4 में चार टीमें पहुंचेंगी। सुपर 4 में सभी टीमें एक दूसरे से एक एक मैच खेलेंगी। यानी हर टीम को कम से कम तीन मैच खेलने होंगे। इसके बाद जो दो टीमें प्वाइंट्स टेबल में नंबर एक और दो पर रहेंगी, उनके बीच फाइनल मुकाबला होगा। कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट तो यहां तक कह रहे हैं कि हो न हो कहीं भारत और अफगानिस्तान के बीच इस बार एशिया कप का फाइनल हो जाए। हालांकि इसके लिए कुछ समय का इंतजार करना होगा। देखना होगा कि अपने अगले मैचों में भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की टीमें कैसा प्रदर्शन करती हैं।

दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातDiabetes Tips: डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न करें आम, केला सहित इन फलों का सेवन, होगा नुकसान******Highlightsआजकल ज्यादातर लोग डायबिटीज बीमारी के गिरफ्त में आ रहे हैंजिसकी मुख्य वजह बदलती लाइफस्टाइल और गलत खानपान है। डायबिटीज होने पर रोगियों को ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी होता है। यदि इनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाए तो उन्हें इससे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति को अपने खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आमतौर पर फल का सेवन करना डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन कुछ फलों का सेवन करना उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कौन से फल हैं जो डायबिटीज के मरीजों को नुकसान पहुंच सकता है।आम का सेवन करना डायबिटीज के मरीजों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है क्योंकि पके आम में शुगर की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है, जिसकी वजह से ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा बना रहता है। इसलिए मधुमेह के मरीज पके आम का सेवन न करें।डायबिटीज के मरीजों के लिए केला भी नुकसानदायक हो सकता है। इसमें शुगर और कार्ब्स दोनों की ही मात्रा अधिक होती है, जिसकी वजह से ब्लड शुगर बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज में केला का सेवन करने से बचें।मधुमेह के रोगियों को चीकू खाने से भी परहेज करना चाहिए। ये खाने में बेहद मीठा होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी काफी ज्यादा हाई होता है।इसलिए डायबिटीज के मरीजों को चीकू नहीं खाना चाहिए.पाइनएप्पल भी डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, जिसकी वजह से ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा बना रहता है।अंगूर में भी शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो डायबिटीज मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए मधुमेह के मरीजों को इसका सेवन करने से परहेज करना चाहिए।दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातIND vs SA : ऋषभ पंत का टोटका, आज इस हाथ से उछालेंगे सिक्का******Highlightsभारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आज सीरीज का आखिरी मैच खेला जाएगा। सीरीज के चार मैच हो चुके हैं। भारतीय टीम पहले सीरीज में दो मैच हारकर काफी पीछे नजर आ रही थी, लेकिन उसके बाद टीम ने वापसी करते हुए बाकी दोनों मैच अपने नाम कर लिए। भारतीय टीम दो मैच तो जीत गई, लेकिन टीम के कप्तान ऋषभ पंत अपनी कप्तानी में अभी तक एक भी बार टॉस नहीं जीत पाए हैं। हर बार ऋषभ पंत टॉस हारे और विरोधी कप्तान टेम्बा बावुमा ने टॉस जीतकर पहले गेदबाजी का फैसला किया। हर मैच में भारत को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी। इस बीच अब टीम इंडिया के कप्तान आज के मैच में एक टोटका कर सकते हैं। ये बात ऋषभ पंत ने चौथे मैच के खत्म होने के बाद ही बता दी थी।सीरीज के पहले दो मैच हारने के बाद न केवल कप्तान ऋषभ पंत की बल्कि हेड कोच राहुल द्रविड़ की भी आलोचना हो रही थी। लेकिन दोनों ने मिलकर तय किया कि वे टीम में कोई भी बदलाव नहीं करेंगे। पहले दो मैच में जो प्लेइंग इलेवन थी, वही बाकी दो मैच में भी उतरी। इसका रिजल्ट भी हमें देखने के लिए मिला। जो गेंदबाज खूब रन दे रहे थे, उन्हीं ने वापसी की और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया। यही कारण रहा कि सीरीज अब बराबरी पर आकर खड़ी है। आज का मैच जीतते ही टीम इंडिया सीरीज भी अपने कब्जे में कर लेगी, जो इससे पहले भी नहीं हुआ। हालांकि आज के मैच में सबसे रोचक क्षण उस वक्त आएगा, जब कप्तान ऋषभ पंत टॉस के लिए मैदानर में उतरेंगे। क्योंकि अभी तक खेले गए चारों मैचों में पंत टॉस हारे हैं। चौथे मैच खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान ऋषभ पंत ने कहा था कि हमने अच्छा खेलने और प्लान पर काम करने की बात की थी और हमने ऐसा ही किया। जो टीम अंतिम मैच में अच्छा खेलेगी वह जीतेगी। इसके साथ ही ऋषभ पंत ने हंसते हुए कहा कि अगले मैच में मैं दाएं हाथ से टॉस का सिक्का उछालने का प्रयास करूंगा। अब देखना ये दिलचस्प होगा कि क्या ऋषभ पंत ने मजाक में ये बात कही या फिर इसमें कुछ हकीकत भी है। क्योंकि अगर आपने ध्यान से देखा होगा तो पता होगा कि ऋषभ पंत ने हर बार बाएं हाथ से सिक्का उछाला और हार गए।आज के मैच में ऋषभ पंत के पास एक और मौका है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अब तक भारत में दो टी20 सीरीज खेली गई हैं। भारतीय टीम एक भी सीरीज अपने नाम नहीं कर पाई है। एक सीरीज में टीम इंडिया हारी है और एक सीरीज बराबरी पर खत्म हुई है। आज का मैच अगर भारतीय टीम जीतती है तो न केवल सीरीज अपने नाम करेगी, ​बल्कि वे भारत के पहले ऐसे कप्तान बन जाएंगे, जिनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को भारत में सीरीज हराने में कामयाबी हासिल की है।

दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातइटली लीग: एएस रोमा और एसी मिलान ने खेला रोमांचक ड्रॉ******एएस रोमा और एसी मिलान ने रविवार रात यहां इटली लीग के 22वें दौर के मुकाबले में 1-1 से रोमांचक ड्रॉ खेला। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, इस ड्रॉ के बाद रोमा 35 अंकों के साथ पांचवें और मिलान 36 अंकों के साथ चौथे स्थान पर काबिज है। दोनों टीमों के पासके अगले सीजन में भाग लेने का मौका है।मैच में मिलान ने 56 प्रतिशत बॉल पोजेशन रखा और उसके लिए पहला गोल क्रिस्टॉफ पियाटेक ने 26वें मिनट में दागा। वह क्लब के लिए तीन मैचों में तीन गोल कर चुके हैं।दूसरे हाफ की शुरुआत मेजबान टीम के लिए बेहतरीन रही। 46वें मिनट में निकोलो जानियोलो ने रोमा के लिए बराबरी का गोल दागा।इसके बाद भी दोनों टीमों ने गोल करने का प्रयास किया और अटैकिंग फुटबॉल खेली। हालांकि, कोई भी टीम गोल करने में कामयाब नहीं हो पाई।दिल्लीदौरेकेदूसरेदिननीतीशकुमारसीतारामयेचुरीऔरडीराजासेमिलेंगेकलराहुलगांधीसेहुईथीमुलाकातछवि मित्तल कैंसर फ्री हुईं! 6 घंटे की ब्रेस्ट सर्जरी के बाद एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट******मशहूर एक्ट्रेस ने हाल ही में अपने फैंस को चौंका दिया जब उन्होंने घोषणा की कि उन्हें स्तन कैंसर का पता चला है। तभी से उनके फैंस और दोस्त उनके जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। आज यानी 26 अप्रैल को छवि ने अपने फैंस को खुशखबरी दी है। छह घंटे की लंबी सर्जरी के बाद अब वह कैंसर से मुक्त हैं। एसआईटी अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर किया है और उन्होंने अस्पताल से अपनी एक तस्वीर भी साझा की।छवि मित्तल ने 16 अप्रैल को अपने स्तन कैंसर के बारे में फैंस को जानकारी दी। तब से, फैंस, दोस्त और सेलेब्स उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। आखिरकार छवि मित्तल का ऑपरेशन हुआ और अब वो कैंसर फ्री हैं। एक्ट्रेस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने अस्पताल के बिस्तर पर लेटी हुई एक तस्वीर पोस्ट की। इसके साथ उन्होंने लिखा, "जब एनेस्थेसियोलॉजिस्ट ने मुझे अपनी आंखें बंद करने और कुछ अच्छा सोचने के लिए कहा, तो मैंने अपने सुंदर स्वस्थ स्तनों की कल्पना की और अगली बात जो मुझे पता है, मैं कैंसर मुक्त हो गई हूं !"छवि ने आगे कहा, "सर्जरी 6 घंटे तक चली, कई प्रक्रियाएं की गईं।'' छवि ने अंत में पति मोहित हुसैन का शुक्रिया अदा किया और कहा कि वो दोबारा उनकी आंखों में आंसू नहीं देखना चाहती हैं।छवि मित्तल ने कई टीवी शो में काम किया है जिसमें तीन बहुरियां, नागिन, तुम्हारी दिशा, विरासत, कृष्णदासी और एक चुटकी आसमान शामिल है। वह और उनके पति मोहित हुसैन, Shitty Ideas Trending (SIT) के सह-संस्थापक हैं, जो एक डिजिटल प्रोडक्शन कंपनी है।

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